शेयर बाजार में लौटी खरीदारी: सेंसेक्स 829 अंक उछलकर 74,682 के स्तर पर पहुंचा, निफ्टी में भी तेजी
दशहरे की छुट्टी के बाद भारतीय शेयर बाजारों में तेजी लौटी। बुधवार को सेंसेक्स 829 अंक चढ़कर 74,682 और निफ्टी 23,120 के स्तर पर पहुंचा, हालांकि बीएसई मार्केट कैप घटा।

- दशहरे की छुट्टी के बाद बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के बीच निवेशकों की संपत्ति घटी
- बुधवार को संभला घरेलू शेयर बाजार: सेंसेक्स 74,682 और निफ्टी 23,120 के पार, लेकिन मार्केट कैप में ₹2.12 लाख करोड़ की गिरावट
- बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के बावजूद कंपनियों का मूल्यांकन फिसला, 829 अंकों की छलांग के साथ खुला सेंसेक्स
दशहरे के अवकाश के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांकों ने सप्ताह की शुरुआत में दर्ज हुई भारी गिरावट से उबरते हुए कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 829 अंक तक उछलकर 74,682.19 अंक के उच्च स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 232 अंक की बढ़त के साथ 23,120.90 अंक के स्तर को छूने में सफल रहा।
इससे पहले 19 अक्टूबर को बाजार में तेज बिकवाली देखी गई थी, जिसके चलते दोनों बेंचमार्क इंडेक्स दबाव में बंद हुए थे। इसके बाद 20 अक्टूबर को दशहरे के उपलक्ष्य में घरेलू वित्तीय बाजार बंद रहे थे। बुधवार को कारोबार दोबारा शुरू होते ही प्रमुख लार्ज-कैप शेयरों में आई खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला।
- सूचकांकों में उछाल, लेकिन कुल मूल्यांकन में कमी
सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उछाल दिखने के बावजूद बाजार की आंतरिक संरचना में एक विपरीत रुझान भी सामने आया। बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में लगभग 2.12 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, ऐसी स्थिति तब बनती है जब चुनिंदा भारी भरकम भारांक (Heavyweight) वाले शेयरों में तो तेजी रहती है, जिससे मुख्य सूचकांक ऊपर चले जाते हैं, लेकिन मिड-कैप, स्मॉल-कैप या अन्य व्यापक बाजार शेयरों में बिकवाली या मुनाफावसूली का दबाव बना रहता है। इस कारण समग्र बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज होती है। 19 अक्टूबर को हुई तेज गिरावट के बाद निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और तिमाही नतीजों पर टिकी हुई थी। अवकाश के बाद बुधवार की सुबह बाजार खुलते ही लिवाली का रुझान दिखा, जिससे सूचकांकों ने नुकसान की आंशिक भरपाई की। हालांकि, मार्केट कैप में आई कमी यह संकेत देती है कि व्यापक बाजार में सतर्कता बनी हुई है और भागीदारी सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं रही है।
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