जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा; जानिए कैसे टेलीकॉम दिग्गजों को पछाड़कर नंबर-1 बनी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा। जानिए कैसे इन-हाउस तकनीक, होम ब्रॉडबैंड और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर कंपनी भारत की शीर्ष डिजिटल ताकत बनी।

Oct 20, 2026 - 13:43
 0  1
जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा; जानिए कैसे टेलीकॉम दिग्गजों को पछाड़कर नंबर-1 बनी कंपनी
  • आक्रामक रणनीति और इन-हाउस तकनीक के दम पर मार्केट लीडर बना जियो, 21 अक्टूबर को आ रहा मेगा आईपीओ
  • होम ब्रॉडबैंड और 5G विस्तार से बदली टेलीकॉम की तस्वीर, जियो के 2.7 करोड़ से अधिक फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड उपभोक्ता
  • पारंपरिक ऑपरेटर से टेक पावरहाउस बनने का सफर, जानिए जियो के तेजी से उभार और आगामी शेयर लिस्टिंग के मायने

भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में वर्ष 2016 में औपचारिक शुरुआत करने वाली रिलायंस जियो ने पारंपरिक टेलीकॉम कंपनियों के दशकों पुराने वर्चस्व को समाप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। 21 अक्टूबर से अभिदान (सब्सक्रिप्शन) के लिए खुलने जा रहे जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के विशाल आईपीओ ने इस बात पर पुनः ध्यान केंद्रित किया है कि कैसे इन-हाउस टेक्नोलॉजी और आक्रामक रणनीति ने पूरे उद्योग का ढांचा बदल दिया। कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है, जिसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर को शेयर बाजारों में प्रस्तावित है।

  • होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) में बढ़त

भारत में 30 करोड़ से अधिक घरों की मौजूदगी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस के लिए एक व्यापक बाजार उपलब्ध कराती है। देश के हर कोने में पारंपरिक फाइबर केबल बिछाना अत्यधिक महंगा और समय लेने वाला काम है, जिसमें सिविल कार्य, प्रशासनिक स्वीकृतियां और इंस्टॉलेशन की बाधाएं शामिल होती हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए कंपनी ने ग्राहक के परिसर में सीधे रिसीवर लगाने की व्यवस्था की।

इसके लिए कंपनी ने अपनी आंतरिक तकनीक 'यूबीआर' (UBR) विकसित की। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक अकेले जियो एयरफाइबर से लगभग 1.3 करोड़ (13 मिलियन) घर जुड़ चुके थे। जियो फाइबर और एयरफाइबर दोनों सेवाओं को मिलाकर कंपनी के फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2.71 करोड़ (27.1 मिलियन) तक पहुंच गई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड नेटवर्कों में शुमार है।

  • इंटीग्रेटेड डिजिटल इकोसिस्टम की रणनीति

कंपनी की सफलता सिर्फ वायरलेस नेटवर्क और सस्ती कॉल दरों तक सीमित नहीं रही। दूरसंचार विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य आधार नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर क्षमताएं, इन-हाउस तकनीकी विकास और डिजिटल सेवाओं का एक संयुक्त मंच तैयार करना रहा है। अपने मौजूदा 5G इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए कंपनी ने न केवल मोबाइल ग्राहकों को जोड़ा, बल्कि घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी अपनी डिजिटल सेवाओं की परिधि में शामिल किया। पारंपरिक टेलीकॉम ऑपरेटरों की तुलना में खुद को पूर्ण डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में प्रस्तुत करने की इस कार्यशैली ने इसे प्रतिद्वंद्वियों पर मजबूत बढ़त दिलाई। कंपनी का यह सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर को खुलकर 23 अक्टूबर को बंद होगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एंकर निवेशकों की बोली से यह स्पष्ट होगा कि बड़े संस्थागत निवेशक कंपनी के भविष्य के मूल्यांकन और डिजिटल विस्तार को किस रूप में देख रहे हैं। यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े निर्गमों में से एक होने के साथ ही देश के डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण की दिशा भी तय करेगा।

Also Read- Gorakhpur Ravi Kishan Viral Video: रवि किशन ने गोरखपुर की तुलना स्पेन से की, जानिए सांसद के बयान पर क्यों मचा सियासी घमासान

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow