बिहार में बेकाबू अपराध, चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना, कहा- शर्मिंदगी महसूस होती है

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ लोग विधानसभा चुनाव से पहले सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी साजिशों का

Jul 27, 2025 - 12:21
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बिहार में बेकाबू अपराध, चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना, कहा- शर्मिंदगी महसूस होती है
चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना, कहा- शर्मिंदगी महसूस होती है

बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने सियासी हलचल मचा दी है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने 26 जुलाई 2025 को नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां हत्या, अपहरण, लूटपाट, डकैती और बलात्कार जैसी घटनाएं बेकाबू हो चुकी हैं। प्रशासन अपराधियों के सामने पूरी तरह नतमस्तक है।" चिराग ने पटना में हुई हाल की घटनाओं, जैसे व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या और एक महिला अभ्यर्थी के साथ दुष्कर्म, का जिक्र करते हुए सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए। यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर रहा है।

चिराग पासवान ने 26 जुलाई 2025 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "बिहार में एक के बाद एक आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की खबरें हर दिन आ रही हैं। ऐसा लगता है कि प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह असमर्थ है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि या तो प्रशासन अपराधियों के साथ मिला हुआ है, या वह पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है। चिराग ने अपनी ही गठबंधन सरकार का समर्थन करने पर शर्मिंदगी जताई और कहा, "मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का हिस्सा हूं, जो बिहार को सुरक्षित रखने में नाकाम रही है।"

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ लोग विधानसभा चुनाव से पहले सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी साजिशों का जवाब देना और अपराध पर लगाम लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। चिराग ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो बिहार में हालात और खराब हो सकते हैं।

गोपाल खेमका हत्याकांड: 12 जुलाई 2025 को पटना के पॉश इलाके में मशहूर व्यवसायी गोपाल खेमका की उनके अपार्टमेंट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हेलमेट पहने एक बदमाश ने उनकी कार से उतरते ही गोली चलाई। इस घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी।

पारस अस्पताल में हत्या: 17 जुलाई 2025 को पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल में अपराधियों ने गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। सीसीटीवी फुटेज में पांच बदमाश अस्पताल में घुसते और 25 सेकंड में हत्या को अंजाम देकर जश्न मनाते हुए भागते दिखे। चिराग ने इस घटना को अपराधियों की बेखौफ हिम्मत का सबूत बताया।

महिला अभ्यर्थी के साथ दुष्कर्म: गया में होमगार्ड भर्ती दौड़ के दौरान एक महिला अभ्यर्थी बेहोश हो गई। उसे अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में दो लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इस घटना पर चिराग ने गहरी नाराजगी जताई और कहा कि यह प्रशासन की पूरी नाकामी को दिखाता है।

नालंदा में दो युवकों की हत्या: 25 जुलाई 2025 को नालंदा के बिहारशरीफ में हिमांशु पासवान और अनु कुमार नामक दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चिराग ने इस घटना को मानवता को झकझोरने वाला बताया और प्रशासन पर सवाल उठाए।

इनके अलावा, बीते एक महीने में बिहार में 50 से ज्यादा हत्याएं, लूटपाट और अन्य अपराधों की खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने राज्य में डर का माहौल बना दिया है।

चिराग ने बिहार पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने 18 जुलाई 2025 को एक पोस्ट में लिखा, "बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे? समझ से परे है कि बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है?" उन्होंने पुलिस पर अपराधियों से सांठगांठ और घूसखोरी का भी आरोप लगाया। चिराग ने कहा कि अपराधी थानों में पुलिस को पैसे देते हैं, जिसके कारण अपराध बेकाबू हो रहे हैं।

उन्होंने बिहार पुलिस के एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन के एक बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने किसानों को अपराध से जोड़ा था। चिराग ने इसे किसानों का अपमान बताया और कहा कि पुलिस का ध्यान बेकार के बयानों पर है, न कि अपराधियों पर नकेल कसने पर।

चिराग पासवान की यह आलोचना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आई है, जिसने एनडीए गठबंधन में हलचल मचा दी है। चिराग की पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), एनडीए का हिस्सा है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। लेकिन उनकी तीखी टिप्पणियों ने गठबंधन में तनाव पैदा किया है।

जदयू ने चिराग के बयानों पर नाराजगी जताई और कहा, "अति सर्वत्र वर्जयेत्," यानी हर चीज की एक सीमा होती है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिना नाम लिए चिराग पर निशाना साधा और कहा कि गठबंधन धर्म निभाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में माफियाओं का दौर खत्म हो चुका है और विपक्ष की साजिशों के बीच गठबंधन को एकजुट रहना होगा।

वहीं, चिराग ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने हाल ही में आरा, राजगीर और छपरा में रैलियां कीं और दावा किया कि उनकी पार्टी की लोकसभा चुनाव में जीत की दर 100% थी।

विपक्षी नेता, खासकर राजद के तेजस्वी यादव, ने भी बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोला है। तेजस्वी ने चिराग के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हालांकि, चिराग ने तेजस्वी के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे इतने ही नाराज हैं, तो चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं।

सोशल मीडिया पर चिराग के बयानों ने खूब चर्चा बटोरी। एक यूजर ने लिखा, "चिराग पासवान ने सच बोला। बिहार में अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस कुछ नहीं कर रही।" एक अन्य ने कहा, "चिराग का यह बयान नीतीश सरकार के लिए बड़ा झटका है।" कुछ लोगों ने उनकी रणनीति पर सवाल उठाए और इसे मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से जोड़ा।

चिराग पासवान की नीतीश सरकार पर तीखी आलोचना ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है। हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार जैसी घटनाओं ने राज्य में डर का माहौल बना दिया है। चिराग ने इन घटनाओं को प्रशासन की नाकामी बताया और सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की। उनकी यह टिप्पणी गठबंधन में तनाव पैदा कर सकती है, लेकिन यह बिहार की जनता के बीच कानून व्यवस्था के सवाल को और गंभीर बनाती है। विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा एनडीए और विपक्ष दोनों के लिए बड़ा सियासी हथियार बन सकता है।

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