Jio IPO World Record - जियो आईपीओ ने रचा वैश्विक इतिहास, एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला दुनिया का पहला इश्यू बना

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 1 करोड़ से ज्यादा बोलियां पाकर दुनिया का पहला ऐसा इश्यू बना। इसने वारी एनर्जी के 97 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड तोड़ा।

Oct 23, 2026 - 17:41
 0  1
Jio IPO World Record - जियो आईपीओ ने रचा वैश्विक इतिहास, एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला दुनिया का पहला इश्यू बना
  • Reliance Jio IPO Update - वारी एनर्जी का रिकॉर्ड ध्वस्त, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में अंतिम दिन संस्थागत निवेशकों की भारी मांग
  • Jio IPO Subscription Status - दोपहर तक 12 गुना से अधिक भरा जियो का आईपीओ, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग की संभावना
  • Indian Stock Market Boom - बजाज हाउसिंग और वारी एनर्जी को पछाड़ शीर्ष पर पहुंचा जियो आईपीओ, मिले 1 करोड़ से अधिक आवेदन

भारतीय प्राथमिक पूंजी बाजार ने वैश्विक स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के डिजिटल उद्यम जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को 1 करोड़ से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं। इसी के साथ यह दुनिया का पहला ऐसा आईपीओ बन गया है, जिसने एक करोड़ से अधिक व्यक्तिगत और संस्थागत आवेदनों का आंकड़ा पार किया है।

अंतिम दिन सब्सक्रिप्शन समाप्त होने तक आवेदनों की इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एक करोड़ बोलियों का आंकड़ा पार कर जियो प्लेटफॉर्म्स ने वारी एनर्जीज के नाम दर्ज 97 लाख बोलियों के पूर्व वैश्विक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय बाजार में इससे पहले सर्वाधिक आवेदन पाने वालों में बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड शामिल रहे हैं, जिन्हें लगभग 90-90 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।

  • संस्थागत निवेशकों की अगुवाई में 12 गुना से अधिक ओवरसब्सक्रिप्शन

शेयर बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर को दोपहर 3:15 बजे तक जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा पेश किए गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 12.25 गुना बोलियां प्राप्त हो चुकी थीं। शाम तक सभी बैंकों और ब्रोकर्स से अंतिम डाटा संकलित होने के बाद कुल सब्सक्रिप्शन संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है।

निर्गम में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की मांग सबसे आक्रामक रही। संस्थागत श्रेणी को 31.68 गुना सब्सक्राइब किया गया। इस वर्ग के लिए आरक्षित 4.9 करोड़ शेयरों के एवज में संस्थागत खरीदारों ने 142.64 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और खुदरा निवेशकों (Retail Category) के कोटे में भी भारी ओवरसब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

  • 28 अक्टूबर को संभावित लिस्टिंग और मूडीज की राय

निर्गम बंद होने के बाद अब सभी की निगाहें शेयर आवंटन और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की तारीख पर टिकी हैं। तय समय-सारिणी के अनुसार, शेयरों का सफल आवंटन पूरा होने के बाद 28 अक्टूबर को दोनों प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर इसके सूचीबद्ध होने की पूरी संभावना है। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने इस सार्वजनिक निर्गम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की अलग लिस्टिंग से समूह के डिजिटल संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे रिलायंस के डिजिटल पोर्टफोलियो को एक स्पष्ट और स्वतंत्र बाजार मूल्यांकन प्राप्त हो सकेगा। रेटिंग एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि शेयर बिक्री के बाद भी यह कारोबार रिलायंस समूह के लिए मुख्य रणनीतिक आधार बना रहेगा।

(डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल वित्तीय सूचना और बाजार विश्लेषण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। इसे किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, अतः किसी भी निवेश निर्णय से पूर्व अधिकृत और प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)

Also Read- Ladli Behna Yojana: क्या बंद होगी लाड़ली बहना योजना? सीएम मोहन यादव के बयान के बाद सियासी सरगर्मी तेज, जानें हकीकत

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow