पुतिन का यूरोप को कड़ा संदेश: युद्ध की शुरुआत करोगे तो रूस तैयार, यूक्रेन शांति प्रयासों में यूरोपीय हस्तक्षेप को बाधा बताते हुए दी चेतावनी। 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2 दिसंबर 2025 को मॉस्को में एक निवेश मंच को संबोधित करते हुए यूरोपीय शक्तियों को स्पष्ट चेतावनी

Dec 3, 2025 - 11:22
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पुतिन का यूरोप को कड़ा संदेश: युद्ध की शुरुआत करोगे तो रूस तैयार, यूक्रेन शांति प्रयासों में यूरोपीय हस्तक्षेप को बाधा बताते हुए दी चेतावनी। 
पुतिन का यूरोप को कड़ा संदेश: युद्ध की शुरुआत करोगे तो रूस तैयार, यूक्रेन शांति प्रयासों में यूरोपीय हस्तक्षेप को बाधा बताते हुए दी चेतावनी। 

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2 दिसंबर 2025 को मॉस्को में एक निवेश मंच को संबोधित करते हुए यूरोपीय शक्तियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वे रूस के साथ युद्ध शुरू करती हैं, तो मॉस्को तुरंत इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस यूरोप के साथ संघर्ष की योजना नहीं बना रहा, लेकिन यदि यूरोप ऐसा चाहता है और इसे शुरू करता है, तो रूस अभी से तैयार है, इसमें कोई संदेह नहीं है। पुतिन ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका के नेतृत्व वाले यूक्रेन शांति प्रयासों को बाधित कर रहे हैं तथा शांति एजेंडे के बजाय युद्ध के पक्ष में खड़े हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा उनके दामाद जेरेड कुश्नर के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले आया, जिसमें यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए संशोधित शांति योजना पर चर्चा हुई। पुतिन ने दावा किया कि यूरोपीय सरकारें शांति प्रस्तावों में ऐसे संशोधन जोड़ रही हैं जो रूस के लिए पूर्णतः अस्वीकार्य हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अवरुद्ध हो रही है।

पुतिन के बयान का संदर्भ अमेरिकी शांति योजना से जुड़ा है, जो मूल रूप से 28-सूत्रीय दस्तावेज था तथा बाद में यूक्रेन तथा यूरोपीय आपत्तियों के बाद 20-सूत्रीय रूप में संशोधित किया गया। इस योजना में रूस को कुछ क्षेत्रीय लाभ तथा यूक्रेन पर सैन्य प्रतिबंध जैसे प्रावधान शामिल हैं, लेकिन पुतिन ने इन्हें रूस के लिए अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय शक्तियां जानबूझकर ऐसी मांगें जोड़ रही हैं ताकि रूस को शांति न चाहने का दोषी ठहराया जा सके। पुतिन ने जोर दिया कि रूस यूक्रेन में अपनी प्रारंभिक युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यूरोपीय हस्तक्षेप शांति वार्ता को पटरी से उतार रहा है। उन्होंने यूरोपीय देशों को शांति वार्ता से बाहर कर लिया जाने का जिक्र किया, क्योंकि उन्होंने रूस के साथ संपर्क तोड़ दिया है। यह बयान यूक्रेन युद्ध के लगभग चार वर्ष पूरे होने के बीच आया, जो यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे घातक संघर्ष है।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक क्रेमलिन में लगभग पांच घंटे चली, जिसमें केवल विटकॉफ, कुश्नर तथा एक अनुवादक शामिल थे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि चर्चा जितनी आवश्यक हो उतनी चलेगी। पुतिन के शीर्ष सलाहकार यूरी उशाकोव ने बाद में बताया कि वार्ता उपयोगी तथा रचनात्मक रही, लेकिन यूक्रेन के विवादित क्षेत्रों पर कोई समझौता नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ अमेरिकी प्रस्ताव रूस को स्वीकार्य हैं, जबकि अन्य पर और कार्य की आवश्यकता है। विटकॉफ तथा कुश्नर मॉस्को पहुंचने से पहले फ्लोरिडा में यूक्रेनी अधिकारियों से मिले थे, जहां योजना के संशोधन पर चर्चा हुई। पुतिन ने बैठक से पहले विटकॉफ से मॉस्को के दौरे के बारे में पूछा तथा शहर को भव्य बताया। बैठक के दौरान शांति योजना के क्षेत्रीय तथा सुरक्षा प्रावधानों पर विस्तृत बात हुई, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पुतिन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस शांति नहीं चाहता तथा अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल होने के बाद नए कारण ढूंढ रहा है। जेलेंस्की आयरलैंड में यूरोपीय समर्थन जुटा रहे थे तथा अमेरिका से दबाव की अपेक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका गंभीर कदम उठा रहा है तथा अब शांति का अवसर निकट है, लेकिन यह न्यायपूर्ण शांति होनी चाहिए। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि बिना न्यायपूर्ण शांति के नफरत कम नहीं होगी। उन्होंने यूक्रेन तथा अमेरिका के बीच नई 20-सूत्रीय योजना पर सहमति का उल्लेख किया, लेकिन कुछ बिंदुओं पर कार्य शेष होने की बात कही। जेलेंस्की ने जोर दिया कि यूक्रेन के लोग प्रतिदिन मर रहे हैं तथा वार्ता का परिणाम भविष्य निर्धारित करेगा।

पुतिन ने यूरोपीय शक्तियों पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी प्रशासन को यूक्रेन में शांति हासिल करने से रोक रही हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय मांगें रूस के लिए अस्वीकार्य हैं तथा उनका उद्देश्य शांति प्रक्रिया को विफल करना है। पुतिन ने दावा किया कि यूरोप ने खुद को शांति वार्ता से बाहर कर लिया है तथा अब युद्ध के पक्ष में है। उन्होंने हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्तो के बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि यूरोप रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है। पुतिन ने इसे खारिज किया तथा कहा कि रूस यूरोप पर हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि यूरोप शुरू करता है, तो हार इतनी निर्णायक होगी कि शांति समझौते के लिए कोई पक्ष ही नहीं बचेगा। यह चेतावनी नाटो सदस्य देशों की चिंताओं के बीच आई, जहां यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के विस्तार की आशंका व्यक्त की जा रही है।

यूक्रेन युद्ध 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से शुरू हुआ, जिसके बाद यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को वित्तीय तथा सैन्य सहायता प्रदान की। यूरोप ने रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम करने तथा अपनी सेनाओं को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए। पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देश रूस के ड्रोन तथा लड़ाकू विमानों के उल्लंघनों तथा कथित तोड़फोड़ अभियानों का सामना कर रहे हैं, लेकिन रूस का इरादा यूरोप पर हमला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि लिखित गारंटी की आवश्यकता हो, तो रूस यूरोप तथा नाटो पर कभी हमला न करने का वादा कागज पर लिख सकता है। यह बयान किर्गिस्तान में दिए गए उनके पूर्ववर्ती बयान से जुड़ा है, जहां उन्होंने यूरोप पर हमले की अफवाहों को बकवास बताया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने यूक्रेनी अधिकारियों के साथ समानांतर चर्चा की तथा कहा कि योजना का उद्देश्य यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी प्रदान करना है ताकि वह अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण कर सके। रूबियो ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को समृद्ध बनाने के लिए समझौता चाहता है। विटकॉफ तथा कुश्नर को मॉस्को में वीआईपी उपचार मिला, जिसमें हवाई अड्डे से मोटरकेड, मिशेलिन-स्टार रेस्तरां में भोजन तथा रेड स्क्वायर की सैर शामिल थी। बैठक के बाद क्रेमलिन ने कहा कि वार्ता समाप्त नहीं हुई तथा आगे कार्य की आवश्यकता है। पुतिन ने योजना को मूल रूप से स्वीकार्य बताया, लेकिन कुछ बिंदुओं को हास्यास्पद कहा तथा विस्तृत चर्चा की मांग की।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने पुतिन के बयानों को रूस की शांति अस्वीकृति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि रूस काला सागर में नौवहन की स्वतंत्रता को धमकी दे रहा है। यूक्रेन ने रूसी झंडे वाले तेल टैंकर पर ड्रोन हमले से इनकार किया, जिसमें चालक दल सुरक्षित रहा। यूक्रेन ने दावा किया कि पोक्रोवस्क शहर का उत्तरी भाग उसके नियंत्रण में है, जबकि रूस ने इसे कब्जा लेने का दावा किया। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी संकेतों पर भविष्य निर्भर करता है तथा यदि निष्पक्षता दिखे, तो जल्द बैठक हो सकती है।

ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा कि यूक्रेन युद्ध एक बड़ा झंझट है तथा इसे समाप्त करना आसान नहीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने आठ युद्ध रोके हैं, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण है। ट्रंप ने पुतिन के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन तथा जेलेंस्की से मुलाकातों का उल्लेख किया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। यूक्रेन ने योजना के रिसाव पर आपत्ति जताई, जिसमें रूस को क्षेत्रीय लाभ तथा सैन्य सीमाएं शामिल थीं। यूक्रेन ने कहा कि डोनबास जैसे क्षेत्र यूक्रेन के हैं तथा पुतिन को नहीं दिए जाएंगे। यूक्रेनी सैनिकों को वार्षिक 20 दिनों की छुट्टी मिलती है तथा वे शांति वार्ता को केवल बातें मानते हैं।

पुतिन ने कहा कि यूरोप ने रूस को शांति वार्ता से अलग कर लिया तथा अब युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय मांगें शांति प्रक्रिया को अवरुद्ध कर रही हैं तथा रूस को दोषी ठहराने का प्रयास है। पुतिन ने जोर दिया कि रूस यूक्रेन में अपनी लक्ष्यों को प्राप्त करेगा तथा यूरोपीय हस्तक्षेप विफल रहेगा। बैठक के परिणामों से स्पष्ट है कि क्षेत्रीय मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है तथा आगे कूटनीतिक प्रयास आवश्यक हैं। यूक्रेन ने यूरोपीय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया तथा रूस के विभाजनकारी प्रचार का मुकाबला करने की बात कही।

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