'पाकिस्तान की ओछी हरकत- 227 यात्रियों की जान खतरे में, इंडिगो फ्लाइट को टर्बुलेंस से बचने के लिए एयरस्पेस की अनुमति देने से इनकार'। 

21 मई 2025 को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2142 एक खतरनाक स्थिति में फंस गई, जब अमृतसर के पास यह एक भीषण ओलावृष्टि ....

May 23, 2025 - 15:23
 0  40
'पाकिस्तान की ओछी हरकत- 227 यात्रियों की जान खतरे में, इंडिगो फ्लाइट को टर्बुलेंस से बचने के लिए एयरस्पेस की अनुमति देने से इनकार'। 

Trending news: 21 मई 2025 को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2142 एक खतरनाक स्थिति में फंस गई, जब अमृतसर के पास यह एक भीषण ओलावृष्टि और टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। विमान में सवार 227 यात्रियों और चालक दल की जान को बचाने के लिए पायलट ने लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मांगी, लेकिन पाकिस्तान ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया। नतीजतन, विमान को अपने मूल रास्ते पर ही उड़ान भरनी पड़ी, जहां यह गंभीर टर्बुलेंस का शिकार हुआ।

21 मई 2025 को, इंडिगो की फ्लाइट 6E 2142 ने दिल्ली से श्रीनगर के लिए शाम 4:55 बजे उड़ान भरी। फ्लाइट में 227 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पांच सांसद भी शामिल थे। अमृतसर के ऊपर से गुजरते समय, विमान ने हल्के टर्बुलेंस का सामना किया। पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत भारतीय वायुसेना के उत्तरी नियंत्रण कक्ष से बाईं ओर, अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब, विचलन की अनुमति मांगी, लेकिन यह अनुरोध खारिज कर दिया गया। इसके बाद, पायलट ने लाहौर ATC से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मांगी ताकि खराब मौसम से बचा जा सके।

लाहौर ATC ने इस अनुरोध को साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। नतीजतन, पायलट को उसी रास्ते पर आगे बढ़ना पड़ा, जहां विमान पठानकोट के पास एक भयंकर ओलावृष्टि और गंभीर टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री डर से चीखते-चिल्लाते और प्रार्थना करते नजर आए, जबकि विमान जोर-जोर से हिल रहा था। ओवरहेड कम्पार्टमेंट्स हिल रहे थे, और यात्रियों ने अपनी सीटों को कसकर पकड़ रखा था।

पायलट की सूझबूझ और कौशल के कारण विमान शाम 6:25 बजे श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। हालांकि, उतरने के बाद जांच में पता चला कि विमान का रेडोम (नाक का हिस्सा) ओलावृष्टि के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस घटना की जांच अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) कर रहा है।

  • इंडिगो का बयान और यात्रियों की स्थिति

इंडिगो ने 22 मई 2025 को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "हमारी फ्लाइट 6E 2142 ने 21 मई 2025 को दिल्ली से श्रीनगर के रास्ते में अचानक ओलावृष्टि का सामना किया। चालक दल ने सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया और विमान को श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा। यात्रियों की भलाई और आराम को प्राथमिकता दी गई। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा है।"

विमान में सवार TMC सांसद सागरिका घोष ने इस अनुभव को "मौत के करीब का अनुभव" बताया। उन्होंने कहा, "पायलट को धन्यवाद, जिन्होंने हमें सुरक्षित उतारा। जब हम उतरे, तो देखा कि विमान की नाक टूट चुकी थी।" यात्रियों ने उतरने के बाद पायलट और चालक दल की सराहना की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्रियों का डर साफ झलक रहा था, जिसमें कुछ लोग प्रार्थना करते और कुछ रोते हुए दिखे।

  • पाकिस्तान का इनकार और भारत-पाक तनाव

पाकिस्तान द्वारा इंडिगो फ्लाइट को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति न देना एक गंभीर मुद्दा बन गया है, खासकर तब जब यह अनुरोध 227 यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया गया था। यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के तनावों की पृष्ठभूमि में हुई है। 22 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया।

पाकिस्तान के इस फैसले ने न केवल मानवीय आधार पर सहायता प्रदान करने की उसकी अनिच्छा को उजागर किया, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास को भी सामने लाया। विशेषज्ञों का कहना है कि आपात स्थिति में, खासकर जब नागरिकों की जान खतरे में हो, हवाई क्षेत्र की अनुमति देना अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों के तहत एक सामान्य प्रथा है। पाकिस्तान के इनकार ने इस प्रथा का उल्लंघन किया, जिसकी वजह से कई वरिष्ठ पायलटों ने इसकी निंदा की है।

  • टर्बुलेंस की वजह और तकनीकी पहलू

विशेषज्ञों के अनुसार, इंडिगो फ्लाइट एक मजबूत अपड्राफ्ट-डाउनड्राफ्ट चक्र में फंस गई थी, जिसमें हवा की ऊर्ध्वाधर धाराओं ने विमान को 2,000 से 6,000 फीट तक विस्थापित किया। ओलावृष्टि के दौरान, विमान के चढ़ने पर नमी तेजी से ठंडी होकर बड़े-बड़े ओले बन गई, जिसने विमान के रेडोम को क्षतिग्रस्त कर दिया। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, विमान ने पठानकोट के ऊपर से उड़ान भरी, जो लाहौर हवाई क्षेत्र के बहुत करीब है, और फिर श्रीनगर में उतरने के लिए नीचे उतरा।

DGCA ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें पायलट के निर्णय, हवाई यातायात नियंत्रण की प्रतिक्रिया, और विमान की तकनीकी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। विमान (पंजीकरण संख्या VT-IMD) को श्रीनगर में ग्राउंडेड कर दिया गया है, और इसकी मरम्मत तक इसे उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी।

इस घटना ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने पाकिस्तान के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। X पर यूजर @JaikyYadav16 ने लिखा, "जिन लोगों के अंदर पाकिस्तान प्रेम जागता रहता है, उनके लिए यह खबर है। 227 यात्रियों की जान खतरे में थी, फिर भी पाकिस्तान ने मदद से इनकार कर दिया।" @epanchjanya ने इसे "पाकिस्तान की ओछी हरकत" करार दिया।

कूटनीतिक स्तर पर, यह घटना भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया विवाद पैदा कर सकती है। पाकिस्तान ने पहले भारत पर अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का आरोप लगाया था, लेकिन इस आपात स्थिति में उसका इनकार मानवीय आधार पर सहायता की भावना के खिलाफ माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के सामने उठा सकता है।

Also Read- Bollywood News: ‘मिसाइल मैन’ अब्दुल कलाम की बायोपिक में धनुष, ओम राउत की फिल्म ‘कलाम’ की कान्स 2025 में धमाकेदार घोषणा।

  • पायलट और चालक दल की सराहना

इस घटना में पायलट और चालक दल की त्वरित सोच और पेशेवर रवैये की व्यापक सराहना हो रही है। TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, "पायलट ने असाधारण कौशल दिखाया। हम सभी उनकी बहादुरी के लिए आभारी हैं।" यात्रियों ने भी उतरने के बाद चालक दल को धन्यवाद दिया। यह घटना पायलटों की आपात स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाती है, जिसने एक संभावित हादसे को टाल दिया।

21 मई 2025 को इंडिगो फ्लाइट 6E 2142 की घटना ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को भी उजागर किया। पाकिस्तान द्वारा आपात स्थिति में हवाई क्षेत्र की अनुमति न देना एक गंभीर मानवीय मुद्दा है, जिसने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और गहरा किया है। पायलट की सूझबूझ और चालक दल की प्रोफेशनलिज्म ने 227 यात्रियों की जान बचाई, लेकिन इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों और मानवीय सहायता की जरूरत पर सवाल उठाए हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow