नए साल की रात यूक्रेन ने ड्रोन हमलों से रूस के तेल ठिकानों में किया तबाह, आग की चपेट में तहस नहस हुआ तेल ठिकाना।
नए साल की पूर्व संध्या पर यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमलों ने रूस के दो प्रमुख तेल ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप
31 दिसंबर 2025 को नए साल की पूर्व संध्या पर यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमलों ने रूस के दो प्रमुख तेल ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों स्थानों पर भीषण आग लग गई। ये हमले रूस के कलुगा क्षेत्र में स्थित ल्यूदिनोवो ऑयल डिपो और क्रास्नोडार क्राय में स्थित इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर केंद्रित थे। इन हमलों की पुष्टि विभिन्न स्रोतों से हुई है, जहां ड्रोन हमलों के बाद आग की लपटें उठती दिखाई दीं और स्थानीय अधिकारियों को आग बुझाने के लिए आपातकालीन सेवाओं को तैनात करना पड़ा। इन घटनाओं ने रूस के तेल बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ाया, क्योंकि दोनों सुविधाएं ईंधन भंडारण और प्रसंस्करण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ल्यूदिनोवो ऑयल डिपो, जो कलुगा क्षेत्र में स्थित है, पर हमला नए साल की पूर्व संध्या से ठीक पहले हुआ, और इसके तुरंत बाद आग की लपटें उठने की खबरें आईं। इसी प्रकार, इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर हमला आधी रात के बाद हुआ, जिसने नए साल की शुरुआत को प्रभावित किया।
इन हमलों में यूक्रेन द्वारा लंबी दूरी के ड्रोनों का उपयोग किया गया, जो रूस के आंतरिक क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम थे। दोनों स्थानों पर आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसे नियंत्रित करने में काफी समय लगा, और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। रूसी अधिकारियों ने इन हमलों को यूक्रेन के ड्रोनों से जोड़ा, और कहा कि वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ड्रोन लक्ष्य तक पहुंच गए। कलुगा क्षेत्र में ल्यूदिनोवो ऑयल डिपो पर हमले के बाद आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं, और यह डिपो ईंधन भंडारण का एक प्रमुख केंद्र है जो रूस के उत्तरी भाग में आपूर्ति सुनिश्चित करता है। इसी तरह, क्रास्नोडार क्राय में इल्स्की ऑयल रिफाइनरी, जो दक्षिणी रूस की एक प्रमुख रिफाइनरी है, पर हमले ने प्रसंस्करण इकाइयों को प्रभावित किया। इन हमलों की समयबद्धता नए साल की पूर्व संध्या पर होने के कारण विशेष रूप से ध्यानाकर्षक रही, क्योंकि इस समय रूस में उत्सव का माहौल था, लेकिन इन घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया।
यूक्रेन की ओर से इन हमलों की पुष्टि की गई है, जहां कहा गया कि ये ड्रोन हमले रूसी तेल बुनियादी ढांचे को लक्षित करने के लिए किए गए थे, जो युद्ध प्रयासों को समर्थन प्रदान करते हैं। रूसी पक्ष ने इन हमलों में किसी भी हताहत की सूचना नहीं दी, और कहा कि आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं। ल्यूदिनोवो ऑयल डिपो पर हमला शाम के समय हुआ, जब ड्रोन ने डिपो के टैंकों को निशाना बनाया, जिससे आग फैल गई। आग की लपटें ऊंची उठीं और धुएं का गुबार फैल गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड की कई टीमों को लगाया गया। इसी प्रकार, इल्स्की ऑयल रिफाइनरी पर हमला नए साल में प्रवेश करने के तुरंत बाद हुआ, जहां ड्रोनों ने रिफाइनरी के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त किया, और आग लगने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हुई। इन हमलों ने रूस के तेल उद्योग पर दबाव डाला, क्योंकि दोनों सुविधाएं ईंधन उत्पादन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कलुगा क्षेत्र में स्थित ल्यूदिनोवो डिपो मॉस्को के उत्तर में है और लंबी दूरी के ड्रोनों द्वारा पहुंचा जा सका, जो यूक्रेन की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
क्रास्नोडार क्राय में इल्स्की रिफाइनरी दक्षिणी रूस की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, और यहां आग लगने से स्थानीय पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। रूसी अधिकारियों ने इन हमलों के बाद वायु रक्षा को मजबूत करने की बात कही, लेकिन घटनाएं हो गईं। यूक्रेन ने इन हमलों को रूसी सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ एक रणनीतिक कदम बताया। दोनों स्थानों पर आग बुझाने के प्रयास सफल रहे, लेकिन क्षति का आकलन अभी किया जा रहा है। ल्यूदिनोवो डिपो में आग की शुरुआत टैंकों से हुई, जहां ईंधन भंडारित था, और यह आग तेजी से फैली। इल्स्की रिफाइनरी में आग प्रसंस्करण यूनिट में लगी, जो तेल को रिफाइन करने के लिए उपयोग होती है। इन हमलों की खबरें रूसी मीडिया में प्रमुखता से आईं, जहां विवरण दिए गए कि कैसे ड्रोनों ने लक्ष्यों को हिट किया। नए साल की रात इन घटनाओं ने रूस में सुरक्षा उपायों को बढ़ावा दिया, और अधिकारियों ने जनता को सतर्क रहने को कहा। यूक्रेन के ड्रोनों ने इन ठिकानों तक पहुंचकर दिखाया कि संघर्ष अब रूसी क्षेत्रों तक फैल चुका है।
कलुगा क्षेत्र का ल्यूदिनोवो डिपो एक लॉजिस्टिक हब है, जहां से ईंधन की आपूर्ति होती है, और हमले ने इस आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया। क्रास्नोडार क्राय की इल्स्की रिफाइनरी सालाना लाखों टन तेल प्रसंस्कृत करती है, और आग से इसका उत्पादन रुक सकता है। इन हमलों में उपयोग किए गए ड्रोन घरेलू रूप से विकसित थे, जो लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं। रूसी वायु रक्षा ने कई ड्रोनों को नष्ट किया, लेकिन कुछ सफल रहे। आग बुझाने में कोई हताहत नहीं हुआ, और दोनों स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में लाई गई। ल्यूदिनोवो में आग की लपटें रात के समय में स्पष्ट दिखाई दे रही थीं, और स्थानीय निवासियों ने धुएं की सूचना दी। इल्स्की में आग रिफाइनरी के एक हिस्से तक सीमित रही, लेकिन तीव्र थी। इन घटनाओं ने रूस के तेल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया, क्योंकि ऐसे हमले पहले भी हो चुके हैं। यूक्रेन ने इन हमलों को आवश्यक बताया, क्योंकि ये रूसी सेना को ईंधन प्रदान करने वाले केंद्र हैं। रूसी पक्ष ने हमलों की निंदा की, लेकिन विवरण प्रदान किए। दोनों सुविधाओं पर आग बुझाने के बाद जांच शुरू की गई। ल्यूदिनोवो डिपो में क्षति मुख्य रूप से टैंकों में हुई, जहां ईंधन जल गया। इल्स्की रिफाइनरी में प्रसंस्करण उपकरण प्रभावित हुए। इन हमलों की समयसीमा नए साल की पूर्व संध्या पर होने से विशेष है।
कलुगा क्षेत्र में ल्यूदिनोवो एक महत्वपूर्ण स्थान है, और हमला मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दूर हुआ। क्रास्नोडार क्राय इल्स्की रिफाइनरी ब्लैक सी के निकट है, और यहां से ईंधन निर्यात होता है। ड्रोनों ने सटीक निशाना लगाया, जिससे आग लगी। रूसी आपातकालीन सेवाओं ने आग पर काबू पाया। कोई मानवीय क्षति नहीं हुई। इन घटनाओं ने रूस में नए साल के उत्सव को प्रभावित किया। यूक्रेन के हमलों ने रूसी तेल उद्योग को चुनौती दी। ल्यूदिनोवो में आग शाम को लगी, और रात भर चली। इल्स्की में आग नए साल में लगी। दोनों जगहों पर स्थिति स्थिर हुई। इन हमलों की पृष्ठभूमि में यूक्रेन-रूस संघर्ष है, जहां ड्रोन हमले आम हो गए हैं। रूसी मीडिया ने इनकी रिपोर्ट की। यूक्रेन ने सफलता का दावा किया। आग की तीव्रता से पर्यावरण प्रभावित हो सकता है। ल्यूदिनोवो डिपो से ईंधन की कमी हो सकती है। इल्स्की रिफाइनरी का उत्पादन प्रभावित। इन हमलों ने रूस की वायु रक्षा पर सवाल उठाए। ड्रोनों की संख्या कई थी। रूसी अधिकारियों ने ड्रोनों को गिराने की बात कही। दोनों ठिकानों पर आग बुझाई गई।
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