देश- विदेश: इजरायल के अशदोद में ईरानी मिसाइल हमला, बिजली संयंत्र तबाह, क्षेत्र में दहशत का माहौल, फूफा बन रूठ गये ट्रम्प। 

इजरायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के 11वें दिन, 23 जून 2025 को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह शहर अशदोद ...

Jun 24, 2025 - 11:23
 0  15
देश- विदेश: इजरायल के अशदोद में ईरानी मिसाइल हमला, बिजली संयंत्र तबाह, क्षेत्र में दहशत का माहौल, फूफा बन रूठ गये ट्रम्प। 

इजरायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के 11वें दिन, 23 जून 2025 को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह शहर अशदोद में एक प्रमुख बिजली संयंत्र पर मिसाइल हमला किया। इस हमले ने संयंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिससे शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। हमले का एक डैशकैम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क के किनारे मिसाइल के प्रभाव से उड़ते मलबे और धूल के गुबार को देखा जा सकता है। यह हमला ईरान की ओर से इजरायल के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर किए गए लगातार मिसाइल हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो इजरायल के परमाणु और सैन्य सुविधाओं पर हमलों के जवाब में शुरू हुआ था।

23 जून 2025 को, ईरान ने इजरायल पर लगभग 40 मिनट तक कई चरणों में मिसाइलें दागीं, जो इस युद्ध में अब तक का सबसे लंबा मिसाइल हमला माना जा रहा है। इन हमलों में अशदोद शहर का एक बिजली संयंत्र निशाना बना, जिसके परिणामस्वरूप भारी क्षति हुई और शहर में व्यापक बिजली कटौती देखी गई। इजरायल की राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा, मागेन डेविड एडोम (MDA), ने बताया कि हमले के तुरंत बाद बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे, लेकिन इस विशेष हमले में तत्काल कोई हताहत नहीं हुआ।

वायरल डैशकैम फुटेज में एक वाहन के पास मिसाइल के प्रभाव से सड़क पर मलबा और पत्थर उछलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वाहन का विंडशील्ड धूल से ढक जाता है, और चालक तेजी से घटनास्थल से दूर भागता है। यह फुटेज इजरायल के नागरिकों के बीच फैली दहशत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

ईरानी मिसाइल हमले तेल अवीव, जेरूसलम, हाइफा, और बीरशेबा जैसे प्रमुख शहरों को भी निशाना बना रहे हैं। 19 जून 2025 को बीरशेबा के सोरोका मेडिकल सेंटर पर एक मिसाइल हमले ने अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा।

यह युद्ध 12 जून 2025 को शुरू हुआ, जब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने 20 वर्षों में पहली बार ईरान को परमाणु दायित्वों का पालन न करने का दोषी ठहराया। इसके एक दिन बाद, 13 जून 2025 को, इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन शुरू करते हुए ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र, सैन्य ठिकानों, और प्रमुख सैन्य कमांडरों पर आश्चर्यजनक हमले किए। इन हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए, और उसकी हवाई रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा।

जवाब में, ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन्स दागे, जिनमें से अधिकांश को इजरायल की आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया। हालांकि, कुछ मिसाइलें रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं, जिससे तेल अवीव, अशदोद, और अन्य शहरों में नुकसान हुआ। ईरानी मिसाइल हमलों में अब तक इजरायल में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं, जबकि ईरान में 657 लोग मारे गए हैं, जिनमें 263 नागरिक शामिल हैं।

  • अशदोद हमले का प्रभाव

अशदोद, इजरायल का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर, रणनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। बिजली संयंत्र पर हमले ने न केवल स्थानीय बिजली आपूर्ति को बाधित किया, बल्कि शहर की औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों पर भी असर डाला। इजरायल इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की कि हमले के कारण दक्षिणी इजरायल में बिजली आपूर्ति में व्यवधान हुआ। सोशल मीडिया पर स्थानीय निवासियों ने हमले के बाद की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा और सड़कों पर बिखरा मलबा दिखाई दे रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया, “ईरान ने अशदोद में भयंकर तबाही मचाई है। पूरी बिल्डिंग और आसपास का इलाका बर्बाद हो गया।”

  • युद्धविराम की कोशिशें

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में इजरायल और ईरान ने एक-दूसरे पर युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने और कूटनीति की ओर लौटने की अपील की। 20 जून 2025 को, यूरोपीय राजनयिकों ने जेनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ मुलाकात की, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जून 2025 को इजरायल और ईरान के बीच पूर्ण युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की मिसाइल रणनीति इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली को चुनौती दे रही है। इजरायल ने ईरान के मिसाइल लांचरों और भंडारण स्थलों को निशाना बनाकर उसकी हमलावर क्षमता को कम करने की कोशिश की है, लेकिन ईरान अभी भी छोटी दूरी की मिसाइलों का उपयोग कर सकता है। अशदोद जैसे नागरिक क्षेत्रों पर हमले इजरायल के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि लंबे समय तक चलने वाला यह संघर्ष उसकी मिसाइल रक्षा प्रणाली पर दबाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इजरायल की इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार कम हुआ, तो नागरिक क्षेत्रों को और अधिक नुकसान हो सकता है। अशदोद में ईरानी मिसाइल हमला इस युद्ध की तीव्रता और नागरिक जीवन पर इसके प्रभाव को दर्शाता है। इजरायल की मजबूत रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को नाकाम किया है, लेकिन अशदोद जैसे हमले दर्शाते हैं कि कुछ मिसाइलें रक्षा को भेदने में सक्षम हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की युद्धविराम की कोशिशें अब तक असफल रही हैं, और यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बना हुआ है। अशदोद के निवासियों और पूरे इजरायल में लोग इस अनिश्चितता के बीच जी रहे हैं, जबकि दुनिया इस युद्ध के अगले चरण पर नजर रखे हुए है।

Also Read- देश- विदेश: अमेरिका की भारत के लिए लेवल-2 यात्रा सलाह- अपराध, आतंकवाद और महिला सुरक्षा पर ध्यान देने की जरुरत।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow