भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहने के साथ किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार। 

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दि

Jan 14, 2026 - 13:07
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भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहने के साथ किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार। 
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहने के साथ किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार। 
  • सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और पाकिस्तान के किसी भी भविष्य के दुस्साहस का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जाएगा
  • भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बड़े पैमाने पर सैन्य जमावड़ा किया था और पाकिस्तान की किसी गलती पर जमीनी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी
  • सेना प्रमुख ने खुलासा किया कि सीमा पार अभी भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं जिसमें 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर और 6 एलओसी के पास स्थित हैं भारतीय सेना लगातार नजर रख रही है

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत का सोचा-समझा और निर्णायक जवाब था जिसमें तत्परता, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता का प्रदर्शन किया गया। जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी और यह तीनों सेनाओं के तालमेल का सर्वोत्तम उदाहरण था। उन्होंने जोर दिया कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर सैन्य जमावड़ा किया था और 88 घंटों की अवधि में यदि पाकिस्तान कोई गलती करता तो जमीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार था।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह नष्ट किया गया और इससे पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही परमाणु धमकियों की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ने रणनीतिक धारणाओं को रीसेट किया और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया। सेना प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने किया और उसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी एयरफील्ड्स पर हमला किया जिसके बाद 10 मई को युद्धविराम हुआ। जनरल द्विवेदी ने पुष्टि की कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और भविष्य में दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ और प्रभावी जवाब दिया जाएगा।

सेना प्रमुख ने खुलासा किया कि सीमा के उस पार अभी भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं जिसमें 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर और 6 लाइन ऑफ कंट्रोल के पास स्थित हैं। भारतीय सेना इन पर लगातार नजर रखे हुए है और खुफिया इनपुट के आधार पर इनकी गतिविधियों पर पैनी निगरानी कर रही है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि यदि इन कैंपों से किसी भी तरह की हरकत होती है तो भारतीय सेना दोबारा कार्रवाई करेगी। उन्होंने डीजीएमओ स्तर की बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि पाकिस्तान को ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए स्पष्ट कहा गया है क्योंकि ऐसी गतिविधियां अस्वीकार्य हैं और कोई भी अंतर नहीं बचा है जहां से आतंकियों को भेजा जा सके।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 2025 की सुरक्षा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में 31 आतंकियों को मार गिराया गया जिसमें से लगभग 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे। इनमें पहलगाम हमले के तीन अपराधी भी शामिल हैं जो ऑपरेशन महादेव के दौरान निष्प्रभावी किए गए। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय सक्रिय आतंकियों की संख्या अब सिंगल डिजिट में पहुंच गई है और नए भर्ती के केवल दो मामले सामने आए हैं। पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में है तथा विकास गतिविधियां, पर्यटन में वृद्धि और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रही है।

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को त्रि-सेवा समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह उच्च स्तर के राजनीतिक निर्देश और पूर्ण स्वतंत्रता के तहत किया गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य की लड़ाई अब एक सेवा या एक अंग से नहीं जीती जाएगी बल्कि संयुक्त प्रयासों से होगी। जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान की परमाणु बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि डीजीएमओ बातचीत में परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई और ऐसी बयानबाजी राजनेताओं या स्थानीय लोगों की ओर से थी न कि सैन्य स्तर से।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ड्रोन घुसपैठ के मुद्दे पर पाकिस्तान को लगाम लगाने की चेतावनी दी और कहा कि भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी गतिविधियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने राजौरी जैसे क्षेत्रों में हाल की ड्रोन घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि ये जासूसी या घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं लेकिन कोई अंतर नहीं बचा है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना की आंखें और कान पूरी तरह खुले हैं और ऑपरेशन सिंदूर के तहत निगरानी जारी रहेगी।

यह बयान 2025 के पहलगाम हमले और उसके बाद के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया है जिसमें भारत ने आतंकी ढांचे को निशाना बनाया और पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि सीमापार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने पुष्टि की कि भारतीय सेना हर स्तर पर तैयार है और किसी भी हरकत का जवाब देने में सक्षम है।

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