देश- विदेश: इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भावुक दृश्य, तेल अवीव में मिसाइल हमलों से बच्चे को बचाता इजरायली सैनिक, वायरल तस्वीर ने छुआ दिल। 

इजरायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और दोनों देशों के बीच मिसाइल...

Jun 20, 2025 - 11:34
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देश- विदेश: इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भावुक दृश्य, तेल अवीव में मिसाइल हमलों से बच्चे को बचाता इजरायली सैनिक, वायरल तस्वीर ने छुआ दिल। 

तेल अवीव: इजरायल और ईरान के बीच 13 जून 2025 से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाला है, बल्कि मानवीय त्रासदी को भी उजागर किया है। तेल अवीव और हाइफा जैसे इजरायली शहरों पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों में कई नागरिकों की जान गई है, और सैकड़ों घायल हुए हैं। इस बीच, एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो युद्ध की विभीषिका के बीच मानवता की उम्मीद जगाती है। तस्वीर में एक इजरायली सैनिक तेल अवीव में मिसाइल हमलों के दौरान एक मासूम बच्चे को अपनी ढाल बनाकर बचा रहा है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और दुनिया भर में लोगों का दिल छू रही है। 

  • इजरायल-ईरान युद्ध का पांचवां दिन

13 जून 2025 को इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर एक आकस्मिक हमला शुरू किया, जिसे "ऑपरेशन राइजिंग लायन" नाम दिया गया। इस हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया गया, साथ ही नातांज और इस्फहान जैसे परमाणु केंद्रों पर भारी बमबारी की गई। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने इस हमले का उद्देश्य ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को नष्ट करना बताया, जिसे वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव, हाइफा, और मध्य इजरायल के अन्य शहरों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस III" नाम दिया। द गार्जियन की 16 जून की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने दावा किया कि उसने नई तकनीक का उपयोग कर इजरायल के मल्टीलेयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सफलता पाई। इस संघर्ष में अब तक इजरायल में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं, जबकि ईरान में 224 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें 90% नागरिक बताए जा रहे हैं। तेल अवीव में 16 जून को हुए मिसाइल हमलों में चार लोग मारे गए, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे, सभी की उम्र 70 वर्ष के आसपास थी। इसके अलावा, 287 लोग घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर थी। पेटा तिकवा में एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरने से भारी नुकसान हुआ, और कई अपार्टमेंट तबाह हो गए।

  • भावुक तस्वीर: सैनिक की बहादुरी और मानवता

युद्ध की इस भयावह स्थिति के बीच, एक इजरायली सैनिक की तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा है। यह तस्वीर 16 जून को तेल अवीव के पेटा तिकवा क्षेत्र में ली गई, जब ईरानी मिसाइलों ने एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। तस्वीर में एक इजरायली सैनिक, जिसकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, एक छोटे बच्चे को अपनी बाहों में लेकर मलबे से बाहर निकालते हुए दिखाई दे रहा है। मिसाइल हमले के बाद चारों ओर धूल और धुआं फैला हुआ था, और सैनिक ने बच्चे को अपनी छाती से लगाकर मिसाइल के टुकड़ों और मलबे से बचाया।

मैगन डेविड एडोम (MDA), इजरायल की राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा, ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि उनके कर्मचारियों ने मलबे से कई लोगों को बचाया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। तस्वीर में दिख रहे बच्चे की उम्र लगभग 3-4 साल बताई जा रही है, और उसे हल्की चोटें आई थीं। MDA ने अपने X पोस्ट में लिखा, “हमारे कर्मचारी बच्चों और बुजुर्गों को मलबे से निकाल रहे हैं। यह युद्ध का सबसे दर्दनाक चेहरा है, लेकिन हमारी टीमें हर संभव कोशिश कर रही हैं।” यह तस्वीर सबसे पहले X पर एक स्थानीय पत्रकार ने शेयर की, जिसके बाद इसे हजारों लोगों ने रीपोस्ट किया। @IsraelNewsLive ने लिखा, “जंग के बीच इंसानियत की मिसाल: इजरायली सैनिक ने मिस雨sile हमले में फंसे बच्चे को बचाया। यह तस्वीर हर दिल को छू रही है।” तस्वीर में सैनिक का चेहरा धूल से सना हुआ है, लेकिन उसकी आंखों में दृढ़ता और बच्चे के प्रति करुणा साफ दिखाई देती है।

इस तस्वीर ने न केवल इजरायल में, बल्कि पूरी दुनिया में लोगों का ध्यान खींचा है। युद्ध की भयावहता के बीच यह तस्वीर मानवता की उम्मीद का प्रतीक बन गई है। X पर कई यूजर्स ने इसे “युद्ध में मानवता की जीत” बताया। @GlobalPeaceNow ने लिखा, “जब मिसाइलें बरस रही हों, तब भी इंसानियत जिंदा है। इस सैनिक को सलाम।” कई लोगों ने इस तस्वीर को युद्ध की विभीषिका के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक माना। एक यूजर ने लिखा, “यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान मासूम लोग झेलते हैं। हमें शांति की जरूरत है।” कुछ यूजर्स ने इसे धार्मिक दृष्टिकोण से भी देखा, और इसे “ईश्वर की कृपा” बताया। हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस तस्वीर का इस्तेमाल सियासी टिप्पणियों के लिए भी किया। @MiddleEastEye ने लिखा, “यह तस्वीर भले ही भावुक हो, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि युद्ध की जड़ में इजरायल की आक्रामक नीतियां हैं।” इस तरह की टिप्पणियों ने तस्वीर को लेकर बहस को और जटिल कर दिया।

तेल अवीव और हाइफा पर ईरानी मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 जून को बट यम में एक मिसाइल हमले में एक 10 साल के लड़के और 9 साल की लड़की सहित छह लोग मारे गए। हाइफा में चार महिलाओं की मौत हुई, और बनी ब्राक में एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु एक इमारत के ढहने से हुई। ईरान में भी इजरायली हमलों ने भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 224 लोग मारे गए हैं, जिनमें 90% नागरिक हैं। तेहरान में एक 14 मंजिला इमारत के ढहने से 29 बच्चों की मौत हुई। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इजरायल पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे “सर्जिकल स्ट्राइक्स” की अवधारणा को प्रोपेगैंडा बताया। इस युद्ध ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। G7 नेताओं की कनाडा में हुई बैठक में इस संघर्ष को प्रमुख मुद्दा बनाया गया, और कई नेताओं ने डी-एस्केलेशन की अपील की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “ईरान को बातचीत की मेज पर आना चाहिए, वरना और भयानक परिणाम भुगतने होंगे।”

तस्वीर की प्रामाणिकता को लेकर कुछ सवाल भी उठे हैं। कुछ X यूजर्स ने दावा किया कि यह तस्वीर पुरानी हो सकती है या इसका संदर्भ गलत तरीके से पेश किया गया है। हालांकि, रॉयटर्स और अल जजीरा ने इस तस्वीर को 16 जून के हमले से जोड़ा, और MDA की रिपोर्ट्स ने भी मलबे से बच्चों को बचाने की पुष्टि की। तस्वीर में दिख रहे सैनिक की वर्दी और पृष्ठभूमि में ध्वस्त इमारत तेल अवीव के पेटा तिकवा क्षेत्र से मेल खाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के दौरान ऐसी तस्वीरें अक्सर प्रचार के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। हालांकि, इस तस्वीर का मानवीय संदेश इतना मजबूत है कि इसे प्रचार से ज्यादा एकजुटता और करुणा का प्रतीक माना जा रहा है। इस तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी हलचल मचाई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध को तत्काल रोकने की अपील की और कहा, “ऐसी तस्वीरें हमें याद दिलाती हैं कि युद्ध का सबसे बड़ा नुकसान मासूम लोग झेलते हैं।” पोप लियो XIV ने भी “ईमानदार संवाद” की अपील की। चीन ने अपने नागरिकों को इजरायल और ईरान से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और जॉर्डन के रास्ते अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की अपील की है। इजरायल-ईरान युद्ध की भयावहता के बीच तेल अवीव से आई यह तस्वीर एक उम्मीद की किरण है। एक इजरायली सैनिक का मासूम बच्चे को बचाने का दृश्य युद्ध की क्रूरता के बीच मानवता की ताकत को दर्शाता है। यह तस्वीर न केवल इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की त्रासदी को उजागर करती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान मासूम लोग झेलते हैं।

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