Jaipur: सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वाले 5 हवाबाजों की पिटाई वीडियो वायरल, पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगवाई माफी।
राजस्थान के जयपुर शहर में सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने का चक्कर पांच युवकों को भारी पड़ गया। एक छात्र की बेवजह पिटाई का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल करने वाले इन हवाबाजों
राजस्थान के जयपुर शहर में सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने का चक्कर पांच युवकों को भारी पड़ गया। एक छात्र की बेवजह पिटाई का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल करने वाले इन हवाबाजों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। थाने पहुंचते ही उनकी अकड़ टूट गई और वे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते नजर आए। आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि गलती हो गई साहब, अब कभी नहीं करेंगे। यह घटना जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र के एक कॉलेज के पास 22 सितंबर को हुई। वीडियो में पांच युवक गैंगस्टर स्टाइल में छात्र को घेरकर लातें-घूंसे बरसाते दिख रहे हैं। छात्र का अपराध सिर्फ इतना था कि वह गलती से उनके वाहन के पास से गुजर गया। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर तुरंत कार्रवाई की और सभी पांचों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी जयपुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
घटना की शुरुआत रविवार शाम करीब सात बजे हुई। सांगानेर इलाके में एक प्राइवेट कॉलेज के बाहर छात्र रोहित शर्मा (नाम बदला गया) दोस्तों के साथ जा रहा था। अचानक एक बुलेट बाइक पर सवार पांच युवक वहां रुके। वे खुद को स्थानीय दबंग बताते थे और सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए वीडियो बनाते रहते थे। एक आरोपी ने रोहित को धक्का दिया, जिससे विवाद शुरू हो गया। बाकी चारों ने रोहित को घेर लिया और गालियां बकते हुए मारपीट शुरू कर दी। एक ने मोबाइल निकाला और पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में वे चिल्ला रहे हैं, देखो भाई लोग कैसे दबंग हैं हम। मारपीट के बाद रोहित को छोड़ दिया और वीडियो अपलोड कर दिया। रोहित ने चोटें तो ज्यादा नहीं लगीं, लेकिन डर के मारे घर चला गया। सोमवार सुबह वीडियो वायरल हो गया। हजारों लोग देख चुके थे और कमेंट्स की बौछार हो रही थी। कईयों ने पुलिस को टैग किया।
सूचना मिलते ही सांगानेर थाना प्रभारी ने टीम गठित की। वीडियो से आरोपियों की पहचान आसान हो गई। वे सभी जयपुर के ही स्थानीय निवासी थे। नाम हैं- राहुल (20), विक्की (22), अजय (19), सोनू (21) और मनीष (23)। तीन कॉलेज ड्रॉपआउट थे, जबकि दो छोटे-मोटे काम करते थे। पुलिस ने दोपहर तक सभी को दबोच लिया। थाने लाने पर शुरू में वे हंगामा करने लगे। लेकिन जैसे ही मामला दर्ज हुआ, उनकी हवाबाजी उड़ गई। थाने के वीडियो में दिखा कि राहुल घुटनों पर बैठकर रो रहा है। वह बोला, साहब हम तो बस मजाक कर रहे थे। वीडियो वायरल हो गया तो डर लगने लगा। विक्की ने कहा कि फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में गलती हो गई। हम गरीब घर के हैं, जेल मत भेजो। पुलिस ने उन्हें समझाया कि कानून सबके लिए बराबर है। अपराध का वीडियो बनाना और अपलोड करना गंभीर अपराध है। आईपीसी की धारा 323, 504, 506 और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
रोहित के परिवार ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। रोहित ने बताया कि वह बीकॉम का छात्र है। बस गलती से बाइक टच हो गई, तो वे भड़क गए। मारपीट में हाथ पर चोट लगी, लेकिन ज्यादा डर लगा। परिवार ने कहा कि आरोपी पहले भी इलाके में दादागिरी करते थे। वीडियो बनाकर धमकी देते थे। पुलिस ने रोहित का मेडिकल कराया। कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई, लेकिन मानसिक आघात है। एसपी सिटी ने कहा कि वायरल वीडियो ने कार्रवाई तेज कर दी। सोशल मीडिया पर अपराध को ग्लोरिफाई करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जयपुर में पिछले महीने भी ऐसा ही एक केस आया था, जहां युवकों ने ट्रेन में मारपीट का वीडियो बनाया। वहां भी गिरफ्तारी हुई। यहां भी आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए गए। उनमें कई वीडियो मिले, जहां वे दबंगई दिखा रहे थे।
जयपुर पुलिस ने सोशल मीडिया सेल में वीडियो की निगरानी बढ़ा दी है। डीसीपी ने बताया कि हर दिन सैकड़ों वीडियो चेक होते हैं। अगर अपराध का संकेत मिले तो तुरंत एक्शन। यह घटना युवाओं के बीच सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फेम के चक्कर में बच्चे अपराध की ओर मुड़ रहे हैं। स्कूलों में जागरूकता कैंपेन चलाने की जरूरत है। आरोपी परिवारों ने थाने पहुंचकर माफी मांगी। एक मां रोते हुए बोली, बेटा गलत संगत में फंस गया। अब सुधारेंगे। पुलिस ने काउंसलिंग का सुझाव दिया। अगर आरोपी सुधर जाएं तो मामला कमजोर हो सकता है। लेकिन कोर्ट का फैसला अंतिम होगा।
सांगानेर इलाका जयपुर का व्यस्त क्षेत्र है। यहां कई कॉलेज हैं, छात्र-छात्राएं आते-जाते रहते हैं। आरोपी स्थानीय थे, इसलिए इलाके में डर का माहौल था। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे हवाबाजों से परेशान हैं। वीडियो वायरल होने से अन्य युवक भी सतर्क हो गए। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, अच्छा हुआ वीडियो आया, वरना दब जाते। दूसरा बोला, फॉलोअर्स के लिए जान जोखिम में डालना बेवकूफी है। जयपुर में अपराध दर कम करने के लिए पुलिस अभियान चला रही है। युवाओं को साइबर क्राइम से जोड़ने वाली वर्कशॉप हो रही हैं। यह घटना एक सबक है कि दबंगई का शो लंबा नहीं चलता।
आरोपी थाने से जमानत पर रिहा हो गए, लेकिन चेतावनी दी गई। रोहित अब कॉलेज जा रहा है। परिवार ने कहा कि न्याय मिला तो ठीक। पुलिस ने वीडियो डिलीट कराने के लिए इंस्टाग्राम से बात की। प्लेटफॉर्म ने सहयोग किया। जयपुर के अन्य थानों में भी सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी ने निर्देश दिए कि वायरल वीडियो पर तुरंत रिस्पॉन्स हो। यह मामला राजस्थान में सोशल मीडिया मिसयूज के खिलाफ मुहिम को मजबूत करेगा। युवा अब सोचेंगे कि वीडियो बनाने से पहले। कुल मिलाकर, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इलाका सुरक्षित महसूस कर रहा है। उम्मीद है कि ऐसे मामले कम होंगे।
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