Viral: 53 करोड़ की सोने की चोरी और रहस्यमयी गुड़िया- पूर्व बैंक मैनेजर की सनसनीखेज डकैती की कहानी।
कर्नाटक के विजयपुरा जिले के मणगुली गांव में मई 2025 में हुई 53 करोड़ रुपये की सोने की चोरी ने न केवल स्थानीय समुदाय को, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख....
कर्नाटक के विजयपुरा जिले के मणगुली गांव में मई 2025 में हुई 53 करोड़ रुपये की सोने की चोरी ने न केवल स्थानीय समुदाय को, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यह सनसनीखेज डकैती केनरा बैंक की शाखा में हुई, और इसका मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि बैंक का पूर्व मैनेजर विजयकुमार मिरियाल था। इस चोरी को और रहस्यमय बनाता है एक श्रृंगारित गुड़िया, जो घटनास्थल पर छोड़ी गई थी। मिर्च पाउडर, केसर, हल्दी और टोने-टोटके से जुड़े सामानों के साथ यह गुड़िया पुलिस को भ्रमित करने का हिस्सा थी। इस अपराध की कहानी किसी वेब सीरीज से कम नहीं है, जिसमें सस्पेंस, धोखा और एक अप्रत्याशित मोड़ शामिल है। 23 से 25 मई 2025 के बीच, केनरा बैंक की मणगुली शाखा में 53.26 करोड़ रुपये मूल्य के 59 किलोग्राम सोने के आभूषण और 5.3 लाख रुपये नकद की चोरी हुई। यह डकैती इतनी सुनियोजित थी कि शुरुआत में पुलिस इसे किसी तांत्रिक या रहस्यमय घटना से जोड़कर भ्रमित हो गई। चोरों ने बैंक की बिजली और सीसीटीवी लाइनों को काट दिया, खिड़की की ग्रिल हटाई, और डुप्लिकेट चाबियों का उपयोग करके लॉकरों को खोला। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि घटनास्थल पर मिर्च पाउडर, केसर, हल्दी और एक श्रृंगारित गुड़िया छोड़ी गई थी, जिसे देखकर ऐसा लगता था कि यह कोई तांत्रिक अनुष्ठान का हिस्सा हो। इस गुड़िया ने जांच को एक रहस्यमय मोड़ दे दिया। न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, यह गुड़िया और अन्य सामान पुलिस को यह सोचने पर मजबूर करने के लिए छोड़े गए थे कि चोरी के पीछे कोई जादू-टोना या तांत्रिक गतिविधि थी। यह रणनीति इतनी चतुर थी कि शुरुआती जांच में पुलिस का ध्यान भटक गया।
- मास्टरमाइंड: पूर्व बैंक मैनेजर विजयकुमार मिरियाल
पुलिस की गहन जांच के बाद इस डकैती का मुख्य आरोपी विजयकुमार मिरियाल निकला, जो केनरा बैंक की मणगुली शाखा का पूर्व मैनेजर था। विजयकुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान लॉकर की डुप्लिकेट चाबियां बनवा ली थीं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उसने और उसके दो साथियों—जिनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है—ने इस डकैती की योजना फरवरी 2025 में बनाई थी। हालांकि, संदेह से बचने के लिए उन्होंने विजयकुमार के मणगुली शाखा से स्थानांतरण का इंतजार किया। विजयकुमार ने इस डकैती को अंजाम देने के लिए हॉलीवुड और बॉलीवुड की डकैती पर आधारित फिल्मों का अध्ययन किया। उन्होंने नेटफ्लिक्स पर ऐसी फिल्में देखकर सीखा कि मास्क, हेलमेट और अन्य तकनीकों का उपयोग कैसे किया जाए ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। उनकी सावधानी इतनी थी कि उन्होंने बैंक में बिना किसी शोर-शराबे के प्रवेश किया और लॉकर से 59 किलोग्राम सोना और नकदी चुरा ली। चोरी को रहस्यमय बनाने के लिए, उन्होंने घटनास्थल पर मिर्च पाउडर छिड़का और तांत्रिक सामग्री जैसे केसर, हल्दी और एक श्रृंगारित गुड़िया छोड़ दी, ताकि पुलिस का ध्यान भटके और यह किसी तांत्रिक अनुष्ठान का हिस्सा लगे।
- रहस्यमयी गुड़िया की मिस्ट्री
घटनास्थल पर मिली श्रृंगारित गुड़िया इस डकैती का सबसे रोचक और भ्रामक हिस्सा थी। यह गुड़िया, जिसे सजाया गया था, पुलिस को यह विश्वास दिलाने के लिए रखी गई थी कि चोरी के पीछे कोई रहस्यमय या तांत्रिक मकसद था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह गुड़िया और अन्य सामान जैसे मिर्च पाउडर, केसर और हल्दी, एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा थे ताकि जांच को गलत दिशा में ले जाया जाए। इस चाल ने शुरुआती जांच को जटिल बना दिया, क्योंकि पुलिस को लगा कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि कुछ और है। हालांकि, यह रणनीति ज्यादा समय तक काम नहीं आई, क्योंकि पुलिस ने जल्द ही इस रहस्य को सुलझा लिया। इस हाई-प्रोफाइल डकैती की जांच के लिए विजयपुरा पुलिस ने आठ विशेष दलों का गठन किया। टीवी9 मराठी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। 27 जून 2025 को पुलिस ने विजयकुमार मिरियाल और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। डेक्कन हेराल्ड की खबर के अनुसार, पुलिस ने डकैती में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां, 10.5 किलोग्राम सोने के आभूषण और पिघलाए गए सोने से बने बिस्किट बरामद किए। लल्लनटॉप की रिपोर्ट में बताया गया कि कुल 11 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत 10.75 करोड़ रुपये थी, बरामद किया गया। पुलिस ने पाया कि विजयकुमार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही लॉकर की डुप्लिकेट चाबियां बनवा ली थीं। इसके बाद, उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर फरवरी में इस डकैती की योजना बनाई और मई में इसे अंजाम दिया। उनकी रणनीति में हॉलीवुड और बॉलीवुड की डकैती फिल्मों से प्रेरणा ली गई थी, जिसमें चोर मास्क और हेलमेट का उपयोग करते हैं।
इस डकैती ने केनरा बैंक के जमाकर्ताओं को गहरे सदमे में डाल दिया था, जिन्होंने अपने कीमती आभूषणों को वापस पाने की उम्मीद छोड़ दी थी। इंडिया डेली की रिपोर्ट के अनुसार, विजयकुमार और उसके साथियों की गिरफ्तारी ने जमाकर्ताओं को राहत दी। बरामद किए गए 10.5 किलोग्राम सोने ने कई लोगों की उम्मीदों को फिर से जागृत किया। हालांकि, अभी भी 48.5 किलोग्राम सोना और 5.3 लाख रुपये नकद बरामद करना बाकी है, और पुलिस इस दिशा में अपनी जांच तेज कर रही है। इस डकैती ने न केवल कर्नाटक, बल्कि पूरे देश में सनसनी मचा दी। आजतक की एक एक्स पोस्ट में इसे "सोने की सबसे बड़ी चोरी" बताया गया, जिसमें गुड़िया की मिस्ट्री ने लोगों का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं, जिसमें कुछ लोगों ने इसे "वेब सीरीज जैसी कहानी" करार दिया। यह मामला बैंकिंग सिस्टम में विश्वास की कमी और आंतरिक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी के खतरों को उजागर करता है। विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबर्गी ने कहा कि यह एक जटिल और सुनियोजित अपराध था, जिसे सुलझाने में पुलिस की मेहनत और तकनीकी विशेषज्ञता काम आई। उन्होंने यह भी बताया कि बरामद सोने को जल्द ही जमाकर्ताओं को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 53 करोड़ की इस सोने की चोरी ने अपनी जटिल योजना और रहस्यमयी गुड़िया के कारण इसे एक फिल्मी कहानी जैसा बना दिया। पूर्व बैंक मैनेजर विजयकुमार मिरियाल की साजिश, जिसमें उन्होंने हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों से प्रेरणा ली, ने इस डकैती को और भी रोचक बना दिया। हालांकि, पुलिस की त्वरित और गहन जांच ने इस रहस्य को सुलझा लिया, जिससे जमाकर्ताओं को राहत मिली।
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