Viral News: धूल भरी आंधी में फंसी इंडिगो फ्लाइट 6E 6313: रायपुर-दिल्ली उड़ान में टर्बुलेंस, पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित लैंडिंग।
रायपुर से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6313 के यात्रियों के लिए रविवार शाम का सफर एक डरावने अनुभव में बदल गया, जब विमान ....
नई दिल्ली : रायपुर से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6313 के यात्रियों के लिए रविवार शाम का सफर एक डरावने अनुभव में बदल गया, जब विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर लैंडिंग से ठीक पहले धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा। विमान में सवार यात्री उस समय सहम गए, जब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के कारण विमान में भीषण टर्बुलेंस शुरू हो गया। पायलट ने तुरंत लैंडिंग रद्द करने का फैसला लिया और विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाकर हवा में चक्कर लगवाए, जब तक कि मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं हो गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें यात्रियों की घबराहट और विमान के हिलने के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं। आखिरकार, विमान ने 5:43 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की, और यात्रियों ने पायलट की सूझबूझ की सराहना करते हुए राहत की सांस ली। यह घटना हाल के दिनों में इंडिगो की दूसरी ऐसी उड़ान है, जो खराब मौसम की चपेट में आई, जिससे विमानन सुरक्षा और मौसम पूर्वानुमान की अहमियत एक बार फिर सामने आई है।
- धूल भरी आंधी और टर्बुलेंस
1 जून 2025 की शाम को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अचानक मौसम ने करवट बदली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, एक पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादल प्रणाली के कारण दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं। इस दौरान हवा की गति 50-80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। इंडिगो की फ्लाइट 6E 6313, जो रायपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भर रही थी, इस मौसमी उथल-पुथल की चपेट में आ गई।
विमान लैंडिंग के लिए अंतिम चरण में था, जब पायलट ने घोषणा की कि हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जिसके कारण लैंडिंग करना सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, पायलट ने तुरंत लैंडिंग रद्द की और विमान को फिर से ऊंचाई पर ले जाकर हवा में चक्कर लगवाए। इस दौरान विमान में भीषण टर्बुलेंस के कारण यात्री घबरा गए। एक यात्री द्वारा बनाए गए वीडियो में दिखाई देता है कि विमान हवा में हिल रहा था, और यात्री डर के मारे चीख रहे थे। कुछ यात्रियों को प्रार्थना करते और सीटों को कसकर पकड़े हुए भी देखा गया। पायलट ने शांतचित्त रहते हुए यात्रियों को आश्वस्त किया कि स्थिति नियंत्रण में है और मौसम साफ होने पर विमान सुरक्षित लैंड करेगा। लगभग 40 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद, जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने लैंडिंग के लिए अनुमति दी, विमान ने 5:43 बजे दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसकी निर्धारित लैंडिंग का समय 5:05 बजे था। लैंडिंग के बाद यात्रियों ने पायलट की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की जमकर तारीफ की और भगवान का शुक्रिया अदा किया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मई के अंतिम दिनों और जून की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज के साथ बारिश और धूल भरी आंधी की संभावना है। रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस (सफदरजंग), 39.5 डिग्री सेल्सियस (आयानगर), और 39.1 डिग्री सेल्सियस (पालम) दर्ज किया गया था। शाम को मौसम में अचानक बदलाव आया, और सफदरजंग में 66 किलोमीटर प्रति घंटे, प्रगति मैदान में 76 किलोमीटर प्रति घंटे, और पालम में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इस मौसमी उथल-पुथल के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली हवाई अड्डे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "प्रतिकूल मौसम के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है।" इसके चलते शाम 5:00 से 5:30 बजे के बीच चार उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा—दो जयपुर, एक चंडीगढ़, और एक अमृतसर। फ्लाइटरडार24.कॉम के अनुसार, रविवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर 350 से अधिक उड़ानों में देरी हुई।
- हाल की अन्य घटनाएं: दिल्ली-श्रीनगर उड़ान का हादसा
यह पहली बार नहीं है जब इंडिगो की उड़ान खराब मौसम की चपेट में आई हो। हाल ही में 21 मई 2025 को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2142 को पठानकोट के पास एक ओलावृष्टि तूफान का सामना करना पड़ा था। इस घटना में विमान का अगला हिस्सा (नोज कोन) क्षतिग्रस्त हो गया था, और 227 यात्रियों को ले जा रहे इस विमान को श्रीनगर हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस दौरान पायलट ने खराब मौसम से बचने के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मांगी थी, लेकिन भारतीय वायुसेना के उत्तरी नियंत्रण और लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इंडिगो ने इस घटना पर बयान जारी कर कहा था कि फ्लाइट 6E 2142 ने सभी प्रोटोकॉल का पालन किया और विमान सुरक्षित रूप से श्रीनगर में उतर गया। विमान को निरीक्षण और रखरखाव के बाद ही उड़ान के लिए अनुमति दी गई। इस घटना ने भी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं, और यात्रियों ने पायलट की तारीफ की थी।
इंडिगो फ्लाइट 6E 6313 की घटना में पायलट की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने यात्रियों की जान बचाई। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम में लैंडिंग का प्रयास करना जोखिम भरा हो सकता है, और पायलट का विमान को ऊंचाई पर ले जाने का फैसला पूरी तरह से सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप था। दिल्ली हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा और मौसम की स्थिति में सुधार होने तक विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर रखा। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (रिटायर्ड) अजय सिंह ने कहा, "खराब मौसम में लैंडिंग रद्द करना और विमान को गो-अराउंड (पुनः उड़ान) के लिए भेजना एक मानक प्रक्रिया है। पायलट ने सही समय पर सही फैसला लिया, जिसने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौसम पूर्वानुमान और रियल-टाइम मौसम डेटा की उपलब्धता ने इस तरह की घटनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया, खासकर एक्स पर वायरल होने के बाद, लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने पायलट की प्रशंसा की, एक यूजर ने लिखा, "इंडिगो के पायलट को सलाम! इतने खराब मौसम में भी उन्होंने शांत रहकर सभी की जान बचाई।" वहीं, कुछ यूजर्स ने मौसम पूर्वानुमान की सटीकता पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "मौसम विभाग को और सटीक अलर्ट जारी करने चाहिए ताकि ऐसी स्थिति से बचा जा सके।" इंडिगो ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "फ्लाइट 6E 6313 को दिल्ली में खराब मौसम के कारण टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। हमारे पायलट ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारा। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" दिल्ली हवाई अड्डे ने भी यात्रियों से अपील की कि वे उड़ान से पहले मौसम और उड़ान की स्थिति की जानकारी ले लें। इंडिगो फ्लाइट 6E 6313 की यह घटना मौसम की अनिश्चितता और विमानन में पायलट की सूझबूझ की अहमियत को रेखांकित करती है। धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के बीच पायलट ने सही समय पर लैंडिंग रद्द करने का फैसला लिया, जिससे यात्रियों की जान बची। यह घटना हाल के दिनों में इंडिगो की दूसरी ऐसी उड़ान है, जो खराब मौसम की चपेट में आई, जिससे विमानन सुरक्षा और मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए, एयरलाइंस और हवाई अड्डा प्रबंधन को यात्रियों की सुरक्षा के लिए और सतर्क रहना होगा।
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