कोयंबटूर महिला छात्रावास में पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से मार डाला, खून से सनी लाश के साथ सेल्फी खींच व्हाट्सएप पर शेयर की तिरुनेलवेली का खौफनाक मामला। 

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक महिला छात्रावास की शांत सुबह एक भयानक हत्याकांड में बदल गई, जब एक पति ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से

Dec 1, 2025 - 13:03
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कोयंबटूर महिला छात्रावास में पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से मार डाला, खून से सनी लाश के साथ सेल्फी खींच व्हाट्सएप पर शेयर की तिरुनेलवेली का खौफनाक मामला। 
कोयंबटूर महिला छात्रावास में पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से मार डाला, खून से सनी लाश के साथ सेल्फी खींच व्हाट्सएप पर शेयर की तिरुनेलवेली का खौफनाक मामला। 

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक महिला छात्रावास की शांत सुबह एक भयानक हत्याकांड में बदल गई, जब एक पति ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। हत्या के बाद आरोपी ने लाश के साथ एक सेल्फी खींची और व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दी, जिसमें लिखा था 'विश्वासघात की सजा मौत है'। 30 वर्षीय श्रीप्रिया की हत्या करने वाला उसका पति एस. बालामुरुगन (32) तिरुनेलवेली का निवासी है, जो हत्या के बाद भी मौके से भागा नहीं। रथिनापुरी पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया, और शव को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। छात्रावास की अन्य लड़कियां खौफ से भागीं, लेकिन यह सनसनीखेज कृत्य पूरे राज्य में स्तब्धता की लहर दौड़ा गया। पुलिस जांच में साफ हो गया कि यह हत्या एक कथित अवैध संबंध के शक पर हुई, जो दंपति के बीच लंबे समय से चल रही कलह का परिणाम थी।

घटना की जड़ें चार महीने पहले की हैं, जब श्रीप्रिया ने वैवाहिक मतभेदों के कारण अपने पति बालामुरुगन को छोड़ दिया। दंपति के दो बच्चे 10 वर्षीय बेटा और तीन वर्षीय बेटी बालामुरुगन के पास ही रह रहे थे। श्रीप्रिया, जो मूल रूप से तिरुनेलवेली के थारुवाई गांव की रहने वाली थीं, कोयंबटूर आ गईं। यहां उन्होंने क्रॉस कट रोड पर एक बैग रिटेल शोरूम में नौकरी शुरू की और राजू नायडू लेआउट, गांधीपुरम के पास एक निजी महिला छात्रावास में कमरा लिया। छात्रावास थाने से मात्र कुछ किलोमीटर दूर था, जो कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता था। लेकिन बालामुरुगन का शक उन्हें शांति से रहने न दे सका। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसे पता चला था कि श्रीप्रिया उसके एक दूर के रिश्तेदार इसक्की राजा के साथ संबंधों में थी। इसक्की राजा खुद शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे थे।

बालामुरुगन का गुस्सा फोन पर बहसों से भड़कता रहा। एक फोटो के बहाने विवाद इतना बढ़ गया कि उसने फैसला कर लिया श्रीप्रिया को सजा देनी है। रविवार सुबह वह कोयंबटूर पहुंचा, अपने बैग में कुल्हाड़ी छिपाकर। छात्रावास के वेटिंग एरिया में श्रीप्रिया से मिलने का बहाना बनाया। वहां दोनों के बीच बहस छिड़ गई। श्रीप्रिया ने उसके साथ तिरुनेलवेली लौटने से इनकार कर दिया। गुस्से में आग बबूला बालामुरुगन ने कुल्हाड़ी निकाली और श्रीप्रिया पर कई वार किए। हमला इतना तेज था कि वह मौके पर ही खून की उल्टी में गिर पड़ी। छात्रावास की अन्य लड़कियां चीख-पुकार सुनकर भाग निकलीं और पड़ोसियों को सूचना दी। बालामुरुगन ने भागने की बजाय लाश के पास कुर्सी पर बैठ गया। फिर उसने मोबाइल निकाला, खून से सनी लाश के साथ सेल्फी खींची और व्हाट्सएप पर स्टेटस डाल दिया। कैप्शन था 'विश्वासघात की सजा मौत है'। यह संदेश उसके संपर्कों तक पहुंचा, जिससे हड़कंप मच गया।

पुलिस को सूचना मिलते ही रथिनापुरी थाने की टीम मौके पर पहुंची। बालामुरुगन को बिना किसी विरोध के हिरासत में लिया गया। कुल्हाड़ी जब्त कर ली गई, और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मौत चोटों के कारण तत्काल हुई। आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया, और मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि बालामुरुगन शराब के नशे में था, जो उसके क्रोध को और भड़काने का कारण बना। उसके फोन से सेल्फी और मैसेज बरामद हो गए, जो सबूत के तौर पर मजबूत हैं। श्रीप्रिया के परिवार को सूचना दी गई, और बच्चे सुरक्षित हैं। तिरुनेलवेली में बालामुरुगन का परिवार भी सदमे में है, लेकिन पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए।

यह घटना तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। राज्य में पिछले एक वर्ष में दर्जनों ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां वैवाहिक कलह ने हत्या का रूप ले लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध संबंधों का शक अक्सर पुरुषों में हिंसक प्रवृत्ति को जन्म देता है, खासकर जब आर्थिक या सामाजिक दबाव जुड़ जाए। श्रीप्रिया जैसी कामकाजी महिलाएं, जो स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश कर रही हैं, सबसे अधिक खतरे में हैं। छात्रावासों में सुरक्षा के नाम पर नाममात्र की व्यवस्था है सीसीटीवी या गेटकीपर की कमी से अपराधी आसानी से घुस जाते हैं। पुलिस ने छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की, लेकिन प्रारंभिक तौर पर कोई लापरवाही नहीं पाई गई। फिर भी, घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सभी महिला छात्रावासों में सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।

राजनीतिक हलकों में भी यह मामला गरमाया। विपक्ष ने सत्ताधारी दल पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा में राज्य सरकार विफल हो रही है, और ऐसे अपराधों में सख्त सजा की जरूरत है। सत्ताधारी पक्ष ने इसे व्यक्तिगत विवाद बताया, लेकिन आश्वासन दिया कि आरोपी को फांसी की सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया और परिवार को सहायता राशि का ऐलान किया। महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और जांच की मांग की। यह हत्याकांड न केवल एक परिवार को तोड़ गया, बल्कि समाज में बहस छेड़ दी क्या पुरुषों को 'बेट्रेयल' का बदला लेने का अधिकार है? विशेषज्ञों ने सलाह दी कि वैवाहिक परामर्श केंद्रों को मजबूत बनाना होगा, ताकि कलह हत्या तक न पहुंचे।

श्रीप्रिया का परिवार टूट चुका है। उसके माता-पिता, जो कोयंबटूर में ही रहते थे, सदमे में हैं। बेटे-बेटी की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। बालामुरुगन के रिश्तेदारों ने भी दूरी बना ली। पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदार इसक्की राजा को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं मिली। घटना के बाद छात्रावास में भय का माहौल है; लड़कियां बाहर निकलने से डर रही हैं। स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे और न्याय की मांग की। यह मामला तमिलनाडु पुलिस के लिए चुनौती है क्या वे ऐसी घटनाओं को रोक पाएंगे? आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में महिलाओं पर हिंसा के मामले 20% बढ़े हैं, और अधिकांश वैवाहिक विवादों से जुड़े।

हत्या के बाद बालामुरुगन का व्यवहार हैरान करने वाला था। वह लाश के पास बैठा रहा, जैसे कोई पछतावा न हो। सेल्फी का कदम उसके मनोविज्ञान को उजागर करता है एक तरह का 'ट्रॉफी' या चेतावनी। मनोचिकित्सकों का कहना है कि यह नार्सिसिस्टिक प्रवृत्ति का संकेत है, जहां अपराधी अपनी 'सफलता' दिखाना चाहता है। पुलिस ने उसके फोन की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी, जिसमें पुराने मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। श्रीप्रिया के सहकर्मियों ने बताया कि वह खुशमिजाज थी और नौकरी में मेहनती। वह अक्सर परिवार को फोन करती थी, लेकिन विवादों का जिक्र कभी न करती। यह घटना एक सबक है विवादों को बातचीत से सुलझाएं, हिंसा से नहीं।

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