पति की मौत के बाद 70 साल की उम्र में भी नहीं मानी हार, 30 साल से चला रही टूटा-फूटा भोजनालय, वीडियो ने छुआ दिल।

पश्चिम बंगाल की 70 वर्षीय दीपाली घोष पिछले करीब 30 वर्षों से एक छोटे से टूटे-फूटे भोजनालय या राइस होटल को अकेले चला रही हैं। पति

Feb 12, 2026 - 12:15
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पति की मौत के बाद 70 साल की उम्र में भी नहीं मानी हार, 30 साल से चला रही टूटा-फूटा भोजनालय, वीडियो ने छुआ दिल।
पति की मौत के बाद 70 साल की उम्र में भी नहीं मानी हार, 30 साल से चला रही टूटा-फूटा भोजनालय, वीडियो ने छुआ दिल।
  • 70 वर्षीय दीपाली घोष की जज्बाती कहानी, पति के जाने के बाद 30 साल से अकेले संभाल रही छोटा होटल
  • टूटे भोजनालय में 70 साल की बुजुर्ग महिला की मेहनत, वीडियो देखकर भर आएंगे आंसू
  • पति की मौत के बाद अकेले जिम्मेदारी संभाली, 30 साल से जारी मेहनत की मिसाल दीपाली घोष

पश्चिम बंगाल की 70 वर्षीय दीपाली घोष पिछले करीब 30 वर्षों से एक छोटे से टूटे-फूटे भोजनालय या राइस होटल को अकेले चला रही हैं। पति की मौत के बाद उन्होंने भीख मांगने की बजाय मेहनत का रास्ता चुना। उनका यह संघर्ष वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे रोजाना मेहनत करते दिख रही हैं। दीपाली घोष का यह छोटा भोजनालय सड़क किनारे है जहां वे साधारण भोजन परोसती हैं और अपनी जिंदगी गुजार रही हैं।

दीपाली घोष के पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने छोटे से राइस होटल को चलाकर जीवन यापन किया। वीडियो में दिखाया गया है कि वे अब भी उसी मेहनत से काम कर रही हैं। भोजनालय जर्जर हालत में है लेकिन दीपाली घोष रोजाना खाना बनाती हैं और ग्राहकों को परोसती हैं। यह कहानी उनकी हिम्मत और संघर्ष को दर्शाती है।

दीपाली घोष की कहानी इंस्टाग्राम पर शेयर की गई जहां वे अपना छोटा भोजनालय चलाती दिख रही हैं। वीडियो में उनकी रोजमर्रा की मेहनत, खाना बनाना और ग्राहकों से बातचीत दिखाई गई है। पति के निधन के बाद उन्होंने इस छोटे होटल को संभाला और 30 साल से अधिक समय से इसे चला रही हैं। वीडियो उनकी जिंदगी के संघर्ष को उजागर करता है।

दीपाली घोष पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। उनकी उम्र 70 साल है। पति की मौत के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने भीख मांगने की बजाय मेहनत करने का फैसला किया। वे एक छोटे से राइस होटल या भोजनालय को चलाती हैं जो सड़क किनारे स्थित है। यह भोजनालय टूटा-फूटा है लेकिन दीपाली घोष रोजाना यहां काम करती हैं। वे खाना बनाती हैं, ग्राहकों को परोसती हैं और अपनी जिंदगी गुजारती हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि वे अकेले ही सारा काम संभाल रही हैं।

वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया जहां यह वायरल हुआ। वीडियो में उनकी मेहनत और हौसला दिखाया गया है। पति की मौत के बाद उन्होंने इस रास्ते को चुना और 30 साल से अधिक समय से इसे जारी रखा है। यह कहानी उनकी जज्बाती ताकत को दर्शाती है। वे रोजाना सुबह से शाम तक काम करती हैं। भोजनालय में साधारण भोजन उपलब्ध है। दीपाली घोष ने कभी हार नहीं मानी। वीडियो में उनकी जिंदगी के संघर्ष को कैद किया गया है। वे अकेले रहकर भी मेहनत से जीवन चलाती हैं। यह घटना फरवरी 2026 में वायरल हुई।

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