सालासर बालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं और बाउंसरों के बीच खूनी संघर्ष, महिलाओं को पीटने का वीडियो वायरल।
राजस्थान के सुजानगढ़ तहसील स्थित सालासर बालाजी धाम में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब हरियाणा के हिसार से आए
- वीडियो कॉल पर दर्शन कराने को लेकर भड़का विवाद, हिसार के परिवार ने लगाया 21 करोड़ की ठगी जैसा गंभीर आरोप
- मंदिर समिति की सफाई: 'श्रद्धालुओं ने महिला गार्ड को पीटा', पुलिस को सौंपे गए घटना के सीसीटीवी फुटेज
राजस्थान के सुजानगढ़ तहसील स्थित सालासर बालाजी धाम में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब हरियाणा के हिसार से आए एक श्रद्धालु परिवार का मंदिर के बाउंसरों के साथ विवाद हो गया। हिसार के राजगुरु मार्केट में व्यवसाय करने वाले संजय अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए कतार में खड़े थे। विवाद की जड़ मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल के जरिए दर्शन कराना बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंदिर के बाउंसरों ने उनके साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि उनके मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिए। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर 30 से 40 की संख्या में बाउंसर वहां जमा हो गए और पुरुष सदस्यों के साथ-साथ महिलाओं को भी जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा।
पीड़ित परिवार ने घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंदिर प्रबंधन का पक्ष लिया। आरोप है कि पुलिस और मंदिर समिति के दबाव में उनसे जबरन एक वीडियो बयान दिलवाया गया, जिसमें उन्हें यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि पूरी गलती उनके परिवार की ही थी। परिवार का दावा है कि उन्हें डराया-धमकाया गया ताकि वे मामले को रफा-दफा कर दें। इस घटना के बाद हरियाणा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी रोष व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर के भीतर भारी अफरा-तफरी मची हुई है। वर्दी में मौजूद सुरक्षाकर्मी और बाउंसर श्रद्धालुओं को घसीट रहे हैं और उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। वीडियो में महिलाओं की चीख-पुकार भी साफ सुनाई दे रही है। इस फुटेज के सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह वीडियो केवल एक पक्ष की कहानी दिखा रहा है और इसे जानबूझकर मंदिर की छवि खराब करने के लिए प्रसारित किया जा रहा है।
- दर्शन के लिए वीडियो कॉल पर पाबंदी?
सालासर बालाजी मंदिर और कई अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर गर्भ गृह के पास मोबाइल फोन के इस्तेमाल और वीडियो बनाने पर पाबंदी होती है। अक्सर श्रद्धालु अपने दूर बैठे रिश्तेदारों को दर्शन कराने के लिए वीडियो कॉल का सहारा लेते हैं, जो सुरक्षाकर्मियों के साथ विवाद का मुख्य कारण बनता है।
विवाद बढ़ने पर सालासर बालाजी मंदिर समिति ने अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समिति का दावा है कि हिसार से आए श्रद्धालु परिवार के सदस्यों ने पहले मंदिर की एक महिला सुरक्षा गार्ड के साथ अभद्रता और मारपीट की थी। प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों ने केवल स्थिति को नियंत्रित करने और महिला गार्ड को बचाने के लिए बल प्रयोग किया था। समिति ने स्पष्ट किया कि उन्होंने घटना के पूरे सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए हैं, जिसमें कथित तौर पर श्रद्धालुओं को सुरक्षाकर्मियों पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। समिति के अनुसार, बाद में श्रद्धालुओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी भी मांगी थी।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित 'लक्खी मेले' के कारण मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन निजी सुरक्षा एजेंसियों के बाउंसरों की मदद लेता है। स्थानीय निवासियों और नियमित आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि बाउंसरों का व्यवहार अक्सर रूखा और आक्रामक होता है, जिससे छोटे-छोटे विवाद बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन और सेवा भावना के बीच संतुलन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
What's Your Reaction?





