Viral News: बेंगलुरु भगदड़- मैं अब कहीं नहीं जाना चाहता, मैं भी यहीं रहना चाहता हूं, बेटे की कब्र से लिपटकर रोते हुए एक पिता का दर्द।
4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जीत के जश्न के ...
4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ ने 11 लोगों की जान ले ली और 47 अन्य को घायल कर दिया। इस त्रासदी ने न केवल कर्नाटक, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। मृतकों में 21 वर्षीय भूमिक लक्ष्मण भी शामिल था, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र था। इस हादसे के बाद एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया, जिसमें भूमिक के पिता, बीटी लक्ष्मण, अपने बेटे की कब्र से लिपटकर रोते हुए कह रहे हैं, "मैंने उसके लिए जो जमीन खरीदी, वहीं पर उसे दफना दिया। मुझे अब कहीं नहीं जाना। मैं भी यहीं रहना चाहता हूं।" यह वीडियो, जिसे कर्नाटक भाजपा ने 7 जून 2025 को एक्स (X) पर साझा किया, ने लाखों लोगों की आंखें नम कर दीं और इस त्रासदी के पीछे की मानवीय पीड़ा को उजागर किया। 4 जून 2025 को RCB ने अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को छह रनों से हराकर 18 साल के लंबे इंतजार के बाद अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीती। इस ऐतिहासिक जीत के बाद बेंगलुरु में उत्साह चरम पर था। RCB प्रबंधन ने दोपहर 3:14 बजे एक्स पर घोषणा की कि शाम 5 बजे एक विजयी जुलूस (विक्ट्री परेड) निकाला जाएगा, जिसके बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में उत्सव होगा। प्रशंसकों को मुफ्त पास की सीमित संख्या की जानकारी दी गई, लेकिन बाद में मुफ्त प्रवेश की घोषणा ने स्थिति को और जटिल कर दिया।
शाम तक, स्टेडियम के बाहर अनुमानित 2-3 लाख लोग जमा हो गए, जबकि स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 थी। प्रशासन ने केवल 2 लाख लोगों की भीड़ का अनुमान लगाया था, लेकिन 6 लाख से अधिक लोग पहुंच गए। भीड़ बेकाबू हो गई, और स्टेडियम के 13 प्रवेश द्वारों पर लोगों ने जबरदस्ती घुसने की कोशिश की। इस दौरान मची भगदड़ में 11 लोग, जिनमें 14 वर्षीय एक लड़की और भूमिक लक्ष्मण शामिल थे, अपनी जान गंवा बैठे। 47 अन्य घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर थी। भूमिक लक्ष्मण, कर्नाटक के हसन जिले के बेलूर के पास हावनूर लेआउट के निवासी, एक प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग छात्र थे। वह अपने दोस्तों के साथ RCB खिलाड़ियों, विशेष रूप से विराट कोहली, की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम पहुंचे थे। उनके पिता, बीटी लक्ष्मण, जो 25 साल पहले बेंगलुरु आए और पीन्या में 'भूमिक मिशन एंड टूल्स' नामक एक छोटा व्यवसाय शुरू किया, अपने बेटे को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते थे।
बीटी लक्ष्मण का दर्दनाक वीडियो
हादसे के बाद, भूमिक के शव को उनके पैतृक गांव हसन जिले ले जाया गया, जहां लिंगायत हिंदू समुदाय की परंपरा के अनुसार उन्हें दफनाया गया। 7 जून 2025 को, कर्नाटक भाजपा ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें बीटी लक्ष्मण अपने बेटे की कब्र पर सिर झुकाए रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कहते हैं, "मेरे बेटे के साथ जो हुआ, वह किसी के साथ न हो। मैंने उसके लिए जो जमीन खरीदी थी, वहीं उसका स्मारक बनाया गया। मैं अब कहीं नहीं जाना चाहता। मैं भी यहीं रहना चाहता हूं।" यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और कई लोगों ने इसे "हृदय विदारक" करार दिया। एक्स पर @ABPNews ने लिखा, "बेंगलुरु भगदड़ में 21 वर्षीय बेटे भौमिक को खोने वाले पिता लक्ष्मण का दर्द दिल तोड़ देने वाला था। वह कब्र से लिपट कर घंटों रोते रहे और बार-बार कहते रहे, 'मैं भी यहीं रहना चाहता हूं, भौमिक को छोड़कर कहां जाऊं...'" बीटी लक्ष्मण ने पहले भी मीडिया से बात करते हुए सरकार से अपील की थी कि उनके बेटे का पोस्टमॉर्टम न किया जाए। उन्होंने कहा, "मेरा एकमात्र बेटा था, अब वह चला गया। कृपया उसका शरीर न काटें।"
हादसे के बाद, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया और एक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को 10 जून तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। पुलिस ने RCB फ्रेंचाइजी, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (इवेंट मैनेजमेंट कंपनी), और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें गैर-इरादतन हत्या, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, और गैरकानूनी सभा शामिल थी। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, और जांच जारी है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। RCB ने भी मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। इस त्रासदी ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया। कर्नाटक भाजपा ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखा हमला बोला, उन्हें "हत्यारा" करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधान सौधा में RCB खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के लिए फोटो अवसर को प्राथमिकता दी, जिसके कारण भीड़ प्रबंधन में चूक हुई। कर्नाटक भाजपा ने एक्स पर पोस्ट किया, "आपके विधान सौधा की सीढ़ियों पर फोटो खिंचवाने के जिद ने 11 परिवारों को आंसुओं में डुबो दिया। क्या आप इस पिता को उसका बेटा वापस दे सकते हैं?" कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर त्रासदी का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भावुक होकर कहा, "हम इस दुखद घटना से टूट गए हैं। हमने 35,000 की क्षमता वाले स्टेडियम के लिए 2-3 लाख लोगों की भीड़ की उम्मीद नहीं की थी।" कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शोक व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
यह त्रासदी बड़े पैमाने पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है। पुलिस ने RCB प्रबंधन से कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया था, लेकिन समय की कमी और खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीमों में वापसी के कारण ऐसा नहीं हो सका। विशेषज्ञों का कहना है कि मुफ्त प्रवेश की घोषणा और अपर्याप्त पुलिस बल ने स्थिति को और खराब किया। यह घटना भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए कड़े नियमों और बेहतर योजना की आवश्यकता को रेखांकित करती है। कर्नाटक सरकार ने अब सभी बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का वादा किया है। भूमिक को उनके पड़ोस में एक शांत, सम्मानित, और सपनों से भरा युवा के रूप में याद किया जाता है। वह अपने पिता के साथ क्रिकेट खेलना पसंद करते थे और अपने पालतू कुत्तों से बहुत प्यार करते थे। उनके पड़ोसी हनुमंतरायप्पा ने कहा, "उनके कुत्ते भी उनके लिए शोक मना रहे हैं।" भूमिक के दोस्त और पड़ोसी उनकी अचानक मृत्यु से स्तब्ध हैं। बेंगलुरु भगदड़ त्रासदी ने न केवल 11 परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई, बल्कि यह भी दिखाया कि उत्सव का जुनून कितनी जल्दी मातम में बदल सकता है। बीटी लक्ष्मण का अपने बेटे की कब्र से लिपटकर रोना हर उस माता-पिता का दर्द दर्शाता है, जिसने अपने बच्चे को खोया है।
???? एक बाप का सबसे बड़ा दुःख...
जिस ज़मीन को उसने अपने बेटे के भविष्य के लिए खरीदा था,
आज उसी ज़मीन में वो बेटे को दफ़ना चुका है।
लक्ष्मण, कर्नाटक के हासन ज़िले से,
अब अपने 20 वर्षीय बेटे भूमिक की क़ब्र से हटने को तैयार नहीं —
क्योंकि उसका दिल, उसकी रूह… उसी मिट्टी में दफ़न हो… pic.twitter.com/32Wh4SrTaN — Sunil Shukla (@realsunilshukla) June 7, 2025
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