मदुरै टीवीके सम्मेलन में एक्टर विजय के बाउंसर्स पर कार्यकर्ता को धक्का देने का आरोप, विजय और 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज। 

तमिलनाडु के मदुरै जिले में 21 अगस्त 2025 को तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के दूसरे राज्य सम्मेलन के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें एक कार्यकर्ता को कथित तौर पर बाउंसर्स

Aug 27, 2025 - 11:52
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मदुरै टीवीके सम्मेलन में एक्टर विजय के बाउंसर्स पर कार्यकर्ता को धक्का देने का आरोप, विजय और 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज। 
मदुरै टीवीके सम्मेलन में एक्टर विजय के बाउंसर्स पर कार्यकर्ता को धक्का देने का आरोप, विजय और 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज। 

तमिलनाडु के मदुरै जिले में 21 अगस्त 2025 को तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के दूसरे राज्य सम्मेलन के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें एक कार्यकर्ता को कथित तौर पर बाउंसर्स ने धक्का देकर घायल कर दिया। इस घटना के बाद पेरंबलूर जिले के कुन्नम पुलिस ने टीवीके प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने विजय और उनके 10 बाउंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता, शरत कुमार नामक कार्यकर्ता, ने आरोप लगाया कि वह सम्मेलन के दौरान विजय से मिलने के लिए रैंप पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी बाउंसर्स ने उन्हें जोर से धक्का दे दिया, जिससे उनकी छाती में चोट लगी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बाउंसर्स को कार्यकर्ता को रैंप से धक्का देते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धाराओं 189(2), 296(ब), और 115(1) के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना ने टीवीके के इस विशाल सम्मेलन पर छाया डाल दी, जिसमें करीब चार लाख लोग शामिल हुए थे।

मदुरै के परपट्टी गांव में आयोजित यह सम्मेलन टीवीके की अब तक की सबसे बड़ी सभा थी, जिसे 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा था। विजय ने इस सम्मेलन में डीएमके और बीजेपी पर तीखा हमला बोला, डीएमके को अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और बीजेपी को वैचारिक दुश्मन करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि वह 2026 के चुनाव में मदुरै पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान प्रतीकात्मक था और टीवीके के प्रत्येक उम्मीदवार को उनके समर्थन के रूप में देखा जाना चाहिए। सम्मेलन में विजय ने अपने समर्थकों को “शेर के बच्चे” कहकर संबोधित किया और कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक क्रांति लाएगी।

हालांकि, इस भव्य आयोजन पर कई दुर्घटनाओं ने छाया डाली। शरत कुमार की शिकायत के अनुसार, वह विजय से मिलने के लिए 500 मीटर लंबे रैंप पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जो मंच तक बनाया गया था। इस दौरान बाउंसर्स ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कथित तौर पर जोर से धक्का दे दिया, जिससे वह सात फीट ऊंचे रैंप से नीचे गिर गए। इस घटना में उनकी छाती में गंभीर चोट आई। शरत कुमार और उनकी मां ने इसकी शिकायत पेरंबलूर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज की, जिसके बाद कुन्नम पुलिस ने विजय और उनके 10 बाउंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, और मामले की जांच जारी है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि बाउंसर्स एक व्यक्ति को रैंप से धकेल रहे हैं, जबकि अन्य लोगों को भी हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह सम्मेलन कई अन्य कारणों से भी चर्चा में रहा। आयोजन के लिए 500 एकड़ के विशाल मैदान में 1.5 लाख से अधिक लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीड़ का अनुमान चार लाख तक पहुंच गया। इस कारण भीड़ प्रबंधन में कई खामियां सामने आईं। तपती गर्मी, पानी और भोजन की कमी, और अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के कारण करीब 200 लोग बेहोश हो गए, जबकि कुछ को दौरे पड़ने की खबरें भी आईं। आयोजकों ने 8 लाख पानी की बोतलें उपलब्ध कराई थीं, लेकिन यह संख्या भीड़ की जरूरतों के लिए नाकाफी साबित हुई। इसके अलावा, 18 प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए थे, लेकिन उचित साइनेज और पास की कमी के कारण भारी अव्यवस्था फैल गई। कई जगहों पर बैरिकेड्स टूट गए, और कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।

सम्मेलन से पहले भी दो दुखद घटनाएं घटीं। 20 अगस्त को सम्मेलन स्थल पर 100 फीट ऊंचा टीवीके का झंडा खड़ा करने के दौरान एक क्रेन का बेल्ट ढीला होने से झंडा गिर गया, जिससे एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्य से, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा, वीरुधुनगर जिले के श्रीविल्लिपुत्तूर में 19 अगस्त को 19 वर्षीय कलीश्वरन नामक एक टीवीके समर्थक की करंट लगने से मौत हो गई। कलीश्वरन एक फ्लेक्स बैनर लगाने के लिए लोहे का पोल ले जा रहे थे, जो एक बिजली के तार से टकरा गया, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इन घटनाओं ने सम्मेलन की तैयारियों पर सवाल उठाए और आयोजकों की व्यवस्थाओं की खामियों को सामने लाया।

मदुरै जिला प्रशासन ने सम्मेलन के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे। आयोजन के दिन तिरुप्परनकुंद्रम ब्लॉक में 10 तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (टास्मैक) शराब की दुकानों और चार निजी बार को बंद करने का आदेश दिया गया था। 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, और ड्रोन के साथ चिकित्सा किट की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद, भारी भीड़ और अपर्याप्त व्यवस्थाओं के कारण आयोजन में कई समस्याएं सामने आईं। पुलिस ने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए केवल विशेष बसों को अनुमति दी गई थी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रहे।

विजय ने अपने भाषण में डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार और झूठे वादों का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को “स्टालिन अंकल” कहकर संबोधित किया और उनकी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी कभी भी बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। विजय ने तमिलनाडु की जनता से 2026 के चुनाव में टीवीके को समर्थन देने की अपील की और कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं, युवाओं, किसानों, मछुआरों और अन्य वर्गों के कल्याण के लिए काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके 1967 और 1977 के विधानसभा चुनावों की तरह तमिलनाडु की राजनीति में नया इतिहास रचेगी।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी। कुछ लोगों ने विजय और उनके बाउंसर्स की आलोचना की, जबकि कुछ ने इसे भीड़ की अव्यवस्था का परिणाम बताया। एक एक्स यूजर ने लिखा, “यह बहुत ही शर्मनाक है कि एक कार्यकर्ता के साथ ऐसा व्यवहार हुआ। विजय को अपने बाउंसर्स को नियंत्रित करना चाहिए।” वहीं, कुछ समर्थकों ने विजय का बचाव करते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। इस घटना ने टीवीके की संगठनात्मक क्षमता पर सवाल उठाए हैं, खासकर तब जब पार्टी 2026 के चुनावों में एक मजबूत विकल्प बनने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शरत कुमार ने कहा कि वह विजय के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, लेकिन इस घटना ने उन्हें दुखी किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, टीवीके नेतृत्व ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना विजय की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता के बीच एक चुनौती के रूप में सामने आई है, क्योंकि उनकी पार्टी तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विकल्प बनने की कोशिश कर रही है।

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