गुरुग्राम में मॉडल के सामने अश्लील हरकत करने वाला गिरफ्तार, आरोपी ने कहा- इस वजह से खोली थी पैंट
Viral News: हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय समुदाय और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक व्यक्ति, जिसकी पहचान
हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय समुदाय और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक व्यक्ति, जिसकी पहचान 32 वर्षीय सचिन गुप्ता के रूप में हुई है, ने एक मॉडल के सामने कथित तौर पर अश्लील हरकत की। यह घटना गुरुग्राम के सेक्टर-29 में एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में एक कैफे के बाहर हुई, जहां मॉडल एक फोटोशूट के लिए मौजूद थी। गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने पुलिस को एक अजीबोगरीब दावा किया कि उसने अपनी पैंट की जिप खोली क्योंकि उसे किडनी की पथरी की समस्या थी। यह दावा न केवल हास्यास्पद लगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच आक्रोश का कारण भी बना। आरोपी, जो एम.टेक डिग्री धारक और एक निजी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है, पहले भी एक अन्य मामले में संदिग्ध रहा है।
घटना उस समय हुई जब मॉडल, 26 वर्षीय अनन्या शर्मा (बदला हुआ नाम), अपने एक प्रोजेक्ट के लिए सेक्टर-29 के एक लोकप्रिय कैफे के बाहर फोटोशूट कर रही थी। वह अपने फोटोग्राफर और दो अन्य सहायकों के साथ थी। दोपहर के समय, जब क्षेत्र में सामान्य भीड़ थी, सचिन गुप्ता वहां पहुंचा और कथित तौर पर मॉडल के सामने अश्लील हरकतें करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने अपनी पैंट की जिप खोलकर अभद्र व्यवहार किया, जिससे मॉडल और उसकी टीम स्तब्ध रह गई। मॉडल ने तुरंत अपने सहायकों को सूचित किया, जिन्होंने कैफे के कर्मचारियों की मदद से पुलिस को बुलाया।
घटनास्थल पर मौजूद सीसीटीवी कैमरों ने इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया, जिसने पुलिस को आरोपी की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण मदद प्रदान की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्टर-29 पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य) और धारा 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद, पुलिस ने सचिन गुप्ता को उसी दिन देर शाम उसके गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-2 स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, सचिन ने पुलिस को बताया कि उसे किडनी की पथरी की समस्या है, जिसके कारण उसे बार-बार पेशाब करने की जरूरत पड़ती है, और उसने केवल इस वजह से अपनी पैंट की जिप खोली थी। उसने यह भी दावा किया कि उसका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना या अश्लील व्यवहार करना नहीं था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने स्पष्ट रूप से उसके अश्लील व्यवहार की पुष्टि की।
सचिन गुप्ता की पृष्ठभूमि की जांच में पुलिस को पता चला कि वह एक प्रतिष्ठित तकनीकी विश्वविद्यालय से एम.टेक डिग्री धारक है और गुरुग्राम में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसका मासिक वेतन लगभग 1.5 लाख रुपये है, और वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता है। हैरानी की बात यह है कि सचिन पहले भी एक अन्य मामले में संदिग्ध रह चुका है। 2023 में, उसे एक पड़ोसी के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस मामले में उसे जमानत मिल गई थी। इस बार, पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है, और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस घटना ने गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। गुरुग्राम, जो भारत का एक प्रमुख कॉर्पोरेट और तकनीकी केंद्र है, अक्सर ऐसी घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 2023 में, हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ 14,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से लगभग 1,200 मामले गुरुग्राम से थे। इनमें छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्य जैसे मामले शामिल हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक और विकसित माने जाने वाले शहरों में भी महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने में प्रशासन और समाज विफल हो रहे हैं।
मॉडल अनन्या शर्मा ने इस घटना के बाद मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह इस घटना से गहरे सदमे में हैं और अब सार्वजनिक स्थानों पर काम करने में डर महसूस करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की घटनाएं न केवल उनकी निजी सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि उनके पेशेवर जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं। अनन्या ने गुरुग्राम पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी मांग की कि सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। कई लोगों ने सचिन गुप्ता के दावे को हास्यास्पद और अपमानजनक करार दिया है। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, “किडनी की पथरी का बहाना बनाकर अपराध को जायज ठहराना शर्मनाक है। ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इस घटना को गुरुग्राम में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों का परिणाम बताया और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की। इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों पर भी बहस छेड़ दी है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि स्कूलों और कॉलेजों में जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रमों को अनिवार्य किया जाए ताकि ऐसी मानसिकता को बदला जा सके।
पुलिस ने इस मामले में अपनी जांच को और गहरा कर दिया है। डीसीपी (दक्षिण गुरुग्राम) सिद्धांत जैन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के अतिरिक्त, पुलिस अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्य भी इकट्ठा कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या सचिन गुप्ता ने पहले भी इसी तरह की हरकतें की थीं, और क्या अन्य शिकायतें दर्ज हैं जो सामने नहीं आईं। इसके अलावा, कैफे के प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी।
यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है। गुरुग्राम में पिछले कुछ वर्षों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त कवरेज की कमी है। हरियाणा सरकार ने 2022 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम में 1,200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे, लेकिन इनमें से कई कैमरे खराब हो चुके हैं या नियमित रखरखाव की कमी के कारण काम नहीं कर रहे हैं।
इस घटना ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया है कि सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थानों पर कार्यशील सीसीटीवी कैमरे हों। महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक गैर-सरकारी संगठन, सशक्ति फाउंडेशन, ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मांग की है कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाए और पीड़िता को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जाए। संगठन की निदेशक रीना मेहता ने कहा कि ऐसी घटनाएं महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित महसूस कराती हैं और समाज में जेंडर आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
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