गुरुग्राम के खांडसा मंडी में गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ खूनी संघर्ष, गुस्साए बदमाशों ने फल व्यापारी को उतारा मौत के घाट
लहूलुहान हालत में गिरे फल व्यापारी को मंडी के अन्य सहयोगियों और परिवार के सदस्यों द्वारा तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और सिर तथा छाती पर गहरे जख्म होने के
- सब्जी और फल मंडी परिसर में मामूली विवाद ने धारण किया भयंकर रूप, लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों से किया गया जानलेवा हमला
- मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में शुरू की ताबड़तोड़ छापेमारी
दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खांडसा फल और सब्जी मंडी में एक बेहद ही सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज गाड़ी खड़ी करने यानी पार्किंग के एक मामूली से विवाद ने देखते ही देखते इतना तूल पकड़ लिया कि कुछ दबंगों ने मिलकर एक फल व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी संघर्ष के बाद पूरी मंडी परिसर में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। रोज की तरह सुबह के समय जब मंडी में व्यापारिक गतिविधियां अपने चरम पर थीं, तभी इस हिंसक घटना को अंजाम दिया गया। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी घटनास्थल से फरार होने में कामयाब हो चुके थे।
यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब मंडी में फल और सब्जियों से लदे वाहनों का आना-जाना लगा हुआ था। खांडसा मंडी में रोजाना सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां आती हैं, जिसके कारण वहां अक्सर जगह की कमी हो जाती है। मृतक फल व्यापारी अपनी दुकान के पास ही सामान उतारने के लिए गाड़ी लगाने का प्रयास कर रहा था, तभी वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों ने अपनी गाड़ी को बीच में खड़ा कर दिया। जब व्यापारी ने उन्हें अपनी गाड़ी थोड़ी साइड करने को कहा ताकि व्यापार प्रभावित न हो, तो वे लोग भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। शुरू में वहां मौजूद अन्य दुकानदारों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, परंतु दूसरे पक्ष के लोग इस कदर गुस्से में थे कि वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने अपने कुछ अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। ये सभी लोग अपने साथ लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और तेजधार हथियार लेकर आए थे। उन्होंने आते ही बिना कुछ सोचे-समझे फल व्यापारी पर चौतरफा हमला बोल दिया। पीड़ित को संभलने तक का मौका नहीं मिला और हमलावर उस पर तब तक वार करते रहे जब तक कि वह लहूलुहान होकर जमीन पर नहीं गिर गया। बीच-बचाव करने आए व्यापारी के कुछ कर्मचारियों और अन्य दुकानदारों को भी चोटें आई हैं। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम देकर और वहां मौजूद लोगों को हथियारों के बल पर डराते हुए बड़े ही आराम से मौके से भाग निकले। व्यापारिक क्षेत्रों में पार्किंग की अव्यवस्था और तात्कालिक गुस्से के कारण होने वाली हिंसक घटनाएं समाज में कम होते जा रहे धैर्य को दर्शाती हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजामों की कमी ऐसी जगहों पर अपराधियों के हौसले बुलंद कर देती है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
लहूलुहान हालत में गिरे फल व्यापारी को मंडी के अन्य सहयोगियों और परिवार के सदस्यों द्वारा तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और सिर तथा छाती पर गहरे जख्म होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। व्यापारी की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार और खांडसा मंडी के अन्य व्यापारियों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ खांडसा मंडी पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने मंडी परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में कुछ आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
इस हत्याकांड के बाद खांडसा मंडी के व्यापारियों ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरे सवाल खड़े किए हैं। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में आए दिन चोरी, छीना-झपटी और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा कर्मी इन सब मामलों को गंभीरता से नहीं लेते। मंडी में वाहनों के प्रवेश और पार्किंग को लेकर कोई पुख्ता नियमावली नहीं है, जिसके कारण हर दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। यदि समय रहते इन अव्यवस्थाओं को ठीक कर लिया जाता और पुलिस की गश्त नियमित रूप से होती, तो शायद आज एक बेकसूर व्यापारी को अपनी जान न गंवानी पड़ती। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो वे मंडी बंद कर प्रदर्शन करेंगे।
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