लखनऊ में UPSI परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक की गोली मारकर आत्महत्या: दोस्त के कमरे में अवैध रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में स्थित सेक्टर एन-1 के एसएस/95 मकान में 15 जनवरी 2026 को शाम के समय एक युवक ने अवैध
- वित्तीय दबाव में जौनपुर के प्रद्युमन पाठक ने उठाया खौफनाक कदम: विकास नगर इलाके में दो महीने से दोस्त के साथ रह रहे थे, फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए
- लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना: UPSI अभ्यर्थी ने बंद कमरे में खुद को गोली मारी, अस्पताल में मौत की पुष्टि के बाद परिवार को सूचना
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में स्थित सेक्टर एन-1 के एसएस/95 मकान में 15 जनवरी 2026 को शाम के समय एक युवक ने अवैध रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान जौनपुर जिले के मड़ियाहूं निवासी प्रद्युमन पाठक के रूप में हुई है, जिनकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है। प्रद्युमन पाठक उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर (UPSI) पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और पिछले दो महीनों से अपने दोस्त दिव्यांशु सिंह के साथ किराए के कमरे में रह रहे थे। घटना की सूचना डायल 112 पर मिलने के बाद विकास नगर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद दरवाजा तोड़कर युवक को अचेत अवस्था में पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से एक अवैध रिवॉल्वर, एक खाली कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्यों को सील कर लिया। प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर आत्महत्या का लग रहा है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रद्युमन पाठक के रूम पार्टनर दिव्यांशु सिंह घटना के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है। प्रद्युमन पाठक के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। परिवार की तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना की शुरुआत शाम करीब 5:30 बजे हुई जब दिव्यांशु सिंह कमरे पर लौटे और दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने रोशनदान से झांककर देखा। अंदर प्रद्युमन पाठक तख्त पर बेसुध पड़े थे। दिव्यांशु ने उन्हें जगाने के लिए पानी फेंका लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। कमरे में प्रद्युमन पाठक का शव खून से लथपथ पड़ा था और उनके सिर के दाहिने हिस्से में गोली का निशान था। पास ही अवैध रिवॉल्वर पड़ी हुई थी। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। एसीपी गाजीपुर ए विक्रम सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव की बात सामने आई है। प्रद्युमन पाठक दवा कारोबारी थे और उन्होंने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से मोटी रकम वसूल रखी थी। यहां तक कि अपने रूम पार्टनर दिव्यांशु सिंह से भी दरोगा बनाने के नाम पर पैसे ले रखे थे। नौकरी न लगने पर लोग लगातार फोन कर पैसे वापस मांग रहे थे जिससे वे काफी तनाव में थे। पुलिस का कहना है कि जांच गहराई से की जा रही है।
प्रद्युमन पाठक जौनपुर के मड़ियाहूं के निवासी थे और लखनऊ में UPSI परीक्षा की तैयारी के लिए दोस्त के कमरे में रह रहे थे। वे पिछले दो महीनों से इसी कमरे में छिपकर रह रहे थे। पुलिस जांच में पता चला कि वे दवा के कारोबार से जुड़े थे और करोड़ों की देनदारी उनके सिर पर थी। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उन्होंने कई लोगों से पैसे लिए थे और अब वे पैसे वापस मांगने का दबाव उन पर था। घटना वाले दिन शाम को कमरे में अकेले थे जब उन्होंने यह कदम उठाया। दिव्यांशु सिंह जब लौटे तो दरवाजा बंद था और रोशनदान से देखने पर प्रद्युमन को बेसुध पड़े देखा। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। सिर के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी और खून फैला हुआ था। अवैध रिवॉल्वर मौके पर ही पड़ी थी। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्यों को एकत्र किया और सील किया। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिवार को सूचित कर दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और कमरे को सील कर दिया। प्रद्युमन पाठक को अस्पताल ले जाने के बाद मौत की पुष्टि हुई। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं जो जौनपुर में रहते हैं। पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है और तहरीर का इंतजार कर रही है। एसीपी ए विक्रम सिंह ने बताया कि प्रद्युमन ने अपने दोस्त दिव्यांशु से भी दरोगा की नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे। अन्य लोगों से भी ऐसी उगाही की थी। पैसे वापस मांगने का दबाव उन पर था जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। अवैध रिवॉल्वर कहां से आई इसकी भी जांच हो रही है। फोरेंसिक टीम ने रिवॉल्वर, कारतूस और अन्य सामग्री को जांच के लिए लिया है। डीसीपी शशांक सिंह ने कहा कि जांच गहराई से की जा रही है। इलाके में घटना से सनसनी फैल गई। प्रद्युमन पाठक UPSI की तैयारी कर रहे थे और लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। दोस्त के कमरे में रहते हुए उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस ने दिव्यांशु सिंह से पूछताछ की लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिले। घटनास्थल से बरामद सामग्री की जांच हो रही है। परिवार की तहरीर के बाद मुकदमा दर्ज होगा।
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