कानपुर में दरोगा पर सनसनीखेज आरोप- व्यापारी का अपहरण कर 3 लाख की फिरौती वसूली, एनकाउंटर की धमकी।
Kanpur News: कानपुर के किदवई नगर में तैनात दरोगा प्रभाष शर्मा पर एक व्यापारी रामबहादुर के अपहरण और फिरौती वसूलने का गंभीर आरोप लगा...
Kanpur News: कानपुर के किदवई नगर में तैनात दरोगा प्रभाष शर्मा पर एक व्यापारी रामबहादुर के अपहरण और फिरौती वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। यह घटना 2 जुलाई 2025 को हुई, जब दरोगा ने अपने पांच साथियों के साथ सचेंडी के सिद्धपुर सीढ़ी निवासी व्यापारी को कथित तौर पर अगवा कर लिया। पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि उसे एक होटल में रातभर बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। दरोगा ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो उसे मध्य प्रदेश ले जाकर एनकाउंटर में मार दिया जाएगा। अंततः 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसके बाद व्यापारी को छोड़ दिया गया। इस मामले ने कानपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। घटना की शुरुआत 2 जुलाई 2025 को हुई, जब सचेंडी के सिद्धपुर सीढ़ी में रामबहादुर अपनी दुकान पर बैठे थे। दो लोग उनकी दुकान पर आए और सिगरेट मांगी। रामबहादुर ने सिगरेट बेचने से मना किया, जिसके बाद वे चले गए। कुछ देर बाद, दरोगा प्रभाष शर्मा अपने पांच साथियों के साथ एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में लौटे। उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और रामबहादुर को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गए। पीड़ित के अनुसार, उसे किदवई नगर के एक होटल में ले जाया गया, जहां रातभर उसकी पिटाई की गई। आरोपियों ने 5 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर उसे मध्य प्रदेश ले जाकर एनकाउंटर में मार दिया जाएगा।
रामबहादुर ने बताया कि वह डर के मारे सहम गए थे। उनकी पत्नी और परिजनों ने पराग डेयरी के पास 3 लाख रुपये नकद लेकर पहुंचे, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें छोड़ दिया। इस घटना ने पीड़ित और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रामबहादुर ने रिहा होने के बाद तुरंत सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पनकी से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।ACP पनकी की जांच में प्रारंभिक तौर पर दरोगा प्रभाष शर्मा पर लगे आरोप सही पाए गए। जांच में पता चला कि अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी दरोगा के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इस आधार पर सचेंडी थाने में प्रभाष शर्मा और उनके पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 365 (अपहरण), 384 (उगाही), 323 (मारपीट), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दर.MappingException: Unknown entity: org.hibernate.mapping.Table(artifact)oga को निलंबित कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। किदवई नगर थाने के प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच तेजी से की जा रही है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू की है। साथ ही, पीड़ित के बयान और अन्य गवाहों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दरोगा ने पहले भी इस तरह की वारदात को अंजाम दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि किदवई नगर चौकी में पहले भी ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने से कार्रवाई शुरू हुई।
इस घटना ने कानपुर में पुलिस की कार्यशैली और विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए हैं। व्यापारी समुदाय में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि दोषी दरोगा और उसके साथियों को कड़ी सजा दी जाए। व्यापारी नेता रमेश गुप्ता ने कहा कि अगर पुलिस ही अपराध में शामिल होगी, तो आम लोग कहां जाएंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस विभाग में सुधार किए जाएं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आទ to come. इस तरह के अपराधों के लिए सजा 7 साल तक聡 to come. साथ ही, अगर दोषी officers are found guilty, their punishment could be severe.
इस मामले में, पीड़ित व्यापारी ने दरोगा प्रभाष शर्मा पर अपहरण, उगाही, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। यह एक जटिल कानूनी मामला है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 365, 384, 323 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। रामबहादुर ने अपनी शिकायत में कहा कि वह और उनकी पत्नी 2 जुलाई की रात को दुकान पर थे, जब अचानक कुछ लोग आए और उन्हें गाड़ी में बिठाकर ले गए। उन्होंने बताया कि दरोगा और उसके साथियों ने मध्य प्रदेश क्राइम ब्रांच के अधिकारी होने का दावा किया और उन्हें होटल में रातभर बंधक बनाकर मारपीट की। ACP पनकी की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। जांच में पता चला कि अपहरण में इस्तेमाल की गई गाड़ी दरोगा के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके आधार पर सचेंडी थाने में दरोगा प्रभाष शर्मा और पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस घटना ने कानपुर में व्यापारी समुदाय के बीच गुस्सा पैदा कर दिया है। व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि दोषी दरोगा और उसके साथियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
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