पान मसाला विज्ञापन पर अधिवक्ता इंद्र मोहन ने कहा 'पांच रुपये के पाउच में चार लाख का केसर कैसे?'
सलमान का राजश्री ब्रांड से लंबा रिश्ता है। 2021 से वे इसके विज्ञापन कर रहे हैं। राजश्री सिल्वर कोटेड इलायची के ऐड में वे डांस करते नजर आते हैं। कंपनी दावा करती है कि
सलमान का राजश्री ब्रांड से लंबा रिश्ता है। 2021 से वे इसके विज्ञापन कर रहे हैं। राजश्री सिल्वर कोटेड इलायची के ऐड में वे डांस करते नजर आते हैं। कंपनी दावा करती है कि उत्पाद में चांदी की परत और प्राकृतिक सामग्री है। लेकिन आलोचक इसे मार्केटिंग चाल बताते हैं। भारत में पान मसाला का कारोबार सालाना अरबों रुपये का है। लेकिन डॉक्टर चेताते हैं कि यह लत घातक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, तंबाकू उत्पाद मुंह के कैंसर के 90 फीसदी मामलों के जिम्मेदार हैं। भारत में हर साल लाखों लोग इससे पीड़ित होते हैं। खासकर युवाओं में ग्रामीण इलाकों में इसकी आदत बढ़ रही है।
यह विवाद हाल ही में तब भड़का जब इंद्रमोहन सिंह हनी ने कोटा जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम में शिकायत दाखिल की। वे राजस्थान हाईकोर्ट के वकील हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता। हनी ने एएनआई को बताया कि राजश्री पान मसाला कंपनी अपने उत्पाद को केसर वाली इलायची और केसर युक्त पान मसाला के रूप में बेच रही है। सलमान खान इन विज्ञापनों के ब्रांड एंबेसडर हैं। वे डांस और जोशीले डायलॉग्स के साथ युवाओं को आकर्षित करते हैं। लेकिन हनी के मुताबिक, यह सब भ्रम फैलाने वाला है। केसर की कीमत बाजार में चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में सस्ते पाउच में असली केसर डालना असंभव है। कंपनी शायद रंग या नकली सामग्री से लोगों को बेवकूफ बना रही है।
शिकायत में हनी ने जोर देकर कहा कि सलमान खान जैसे सितारे युवाओं के आइकॉन हैं। वे फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल की बातें करते हैं, लेकिन पान मसाला जैसे खतरनाक उत्पाद का प्रचार कर रहे हैं। इससे नौजवान ललचाते हैं और इसे चबाने लगते हैं। पान मसाला में अक्सर तंबाकू या रसायन मिले होते हैं, जो मुंह के कैंसर जैसी बीमारियां पैदा करते हैं। हनी ने कहा, पान मसाला खाने से कौन सा जश्न होता है भई, जर्दा क्यों खिला रहे हैं सलमान खान। उन्होंने विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। साथ ही सलमान के राष्ट्रीय पुरस्कार रद्द करने की भी बात कही। अदालत ने शिकायत को गंभीरता से लिया और नोटिस जारी कर दिए। कंपनी और अभिनेता को अपना पक्ष रखने का मौका मिला है।
यह पहला ऐसा केस नहीं है। कुछ महीने पहले फरवरी 2025 में कोटा की ही उपभोक्ता अदालत ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के लिए नोटिस भेजे थे। वहां भी केसर के दावे पर उंगली उठी थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि पांच रुपये के पैकेट में इतनी महंगी चीज कैसे फिट हो सकती है। कोर्ट ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 89 का उल्लंघन माना, जो झूठे विज्ञापनों को सजा देने का प्रावधान करता है। मार्च 2025 में जयपुर उपभोक्ता फोरम ने भी इन्हीं सितारों को समन किया। वहां शिकायतकर्ता योगेंद्र सिंह बडियाल ने कहा कि दाने दाने में केसर का दम का नारा झूठा है। कीमत चार लाख रुपये किलो है, तो पांच रुपये के पैकेट में कैसे संभव। इंद्रमोहन सिंह हनी ने ही विमल मामले की शिकायत भी की थी। वे उपभोक्ता अधिकारों के लिए सक्रिय हैं।
राजस्थान के कोटा जिले में एक उपभोक्ता अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और राजश्री पान मसाला कंपनी को नोटिस जारी किया है। मामला कंपनी के विज्ञापनों में केसर युक्त इलायची और पान मसाला के झूठे दावों का है। भाजपा नेता और वकील इंद्रमोहन सिंह हनी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा है कि पांच रुपये के पाउच में चार लाख रुपये किलो की केसर कैसे समा सकती है। यह विज्ञापन उपभोक्ताओं को धोखा दे रहे हैं और युवाओं को हानिकारक पान मसाला खाने के लिए उकसा रहे हैं। अदालत ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा है और सुनवाई 27 नवंबर को तय की है।
सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही सलमान की खिंचाई शुरू हो गई। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, भाई फिटनेस का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन कैंसर फैलाने वाला माल बेचते हैं। दूसरे ने कहा, कोर्ट सजा दे, वरना नौजवान बर्बाद हो जाएंगे। कुछ ने कंपनी को कोसा। उनका कहना है कि सस्ते सामान में महंगे दावे से बिक्री बढ़ती है। हनी की मांग को समर्थन मिला। कई एनजीओ उपभोक्ता जागरूकता पर बहस कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा बड़ा है। 2019 का उपभोक्ता संरक्षण कानून सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर कड़े नियम रखता है। अगर विज्ञापन झूठा साबित हुआ तो जुर्माना और रोक लग सकती है। सलमान पहले भी मुश्किलों में रहे, जैसे ब्लैकबक केस या हिट एंड रन। लेकिन यह स्वास्थ्य से जुड़ा है। कंपनी शायद कहेगी कि विज्ञापन में मात्रा का जिक्र नहीं, सिर्फ स्वाद। लेकिन कोर्ट जांच करेगा। लैब टेस्ट से पता चलेगा कि उत्पाद में केसर है या नहीं।
हनी जैसे लोग समाज के लिए आवाज उठा रहे हैं। वे कहते हैं कि सितारे पैसे के लालच में नैतिकता भूल जाते हैं। सलमान के करोड़ों फैन उनके इशारे पर कुछ भी कर सकते हैं। इसलिए जिम्मेदारी दोगुनी है। यह केस दूसरे ब्रांड्स के लिए चेतावनी हो सकता है। अगर कोर्ट कड़ा फैसला देगा तो भविष्य में सितारे सावधान रहेंगे। अभी सलमान की टीम खामोश है। शायद वकीलों से सलाह ले रहे हों।
पान मसाला विज्ञापन का इतिहास विवादास्पद है। 2023 में आईपीएल के दौरान इन्हें बैन करने की मांग हुई। सुप्रीम कोर्ट ने तंबाकू प्रचार पर रोक लगाई, लेकिन पान मसाला को कभी-कभी छूट मिल जाती है। सरकार ने विज्ञापन मानकों पर नजर सख्त की। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय ने सितारों को चेतावनी दी। लेकिन लागू होना कमजोर है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जागरूकता कैंपेन चलें। स्कूलों में तंबाकू के नुकसान बताए जाएं।
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