Operation Sindoor: भारत की 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक- पाकिस्तान में लगभग 100 आतंकियों की मौत, आतंकी मसूद अजहर का परिवार भी ढेर।
भारतीय वायुसेना ने 6 मई 2025 की देर रात करीब 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन ...
नई दिल्ली: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एयर स्ट्राइक की, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इस हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 से 14 सदस्यों और उनके चार करीबी सहयोगियों की भी मौत हो गई। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 28 लोग मारे गए थे।
- ऑपरेशन सिंदूर: हमले का विवरण
भारतीय वायुसेना ने 6 मई 2025 की देर रात करीब 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के प्रशिक्षण शिविर और मुख्यालय शामिल थे। हमले में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों के साथ-साथ स्कैल्प क्रूज मिसाइलें, हैमर मिसाइलें और स्वदेशी 'लॉइटरिंग मुनिशन' (LMS) ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) ने इन ठिकानों की सटीक जानकारी प्रदान की थी।
रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में उन आतंकी ढांचों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जा रही थी। यह ऑपरेशन केंद्रित, सीमित और गैर-उकसावे वाला था, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था।"
- हमले के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल थे:
बहावलपुर (पंजाब): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय 'जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह' (उस्मान-ओ-अली कैंपस), जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर है।
मुरीदके: लश्कर-ए-तैयबा का शिविर, जो 26/11 मुंबई हमले से जुड़ा था।
कोटली और मुजफ्फराबाद (PoK): आतंकी प्रशिक्षण शिविर।
सियालकोट और बरनाला: अन्य आतंकी अड्डे।
भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, और इसका उद्देश्य आतंकवाद को जड़ से खत्म करना था। उन्होंने कहा, "भारत ने साफ संदेश दे दिया है कि आतंक फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"
- मसूद अजहर का परिवार मारा गया
इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के परिवार को भारी नुकसान हुआ। पाकिस्तानी मीडिया और जैश के बयानों के अनुसार, मसूद अजहर के घर पर हमला किया गया, जिसमें उनके परिवार के 10 से 14 सदस्य मारे गए। मृतकों में शामिल हैं:
मसूद अजहर की बड़ी बहन और उनका पूरा परिवार। उनके बहनोई।
मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां। बाजी सादिया (मसूद की बड़ी बेटी) के पति और उनके चार बच्चे।
जैश-ए-मोहम्मद ने अपने बयान में कहा, "ज्यादातर महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं।" मसूद अजहर ने इस हमले के बाद गहरे दुख में डूबकर कहा, "काश मैं भी इस चौदह सदस्यीय खुश कारवां में शामिल हो जाता।" हालांकि, मसूद अजहर के स्वयं के मारे जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और कुछ सूत्रों का दावा है कि वह हमले के समय घर पर मौजूद नहीं था।
इसके अलावा, मसूद अजहर का भाई रऊफ असगर, जो जैश का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर था, भी इस हमले में मारा गया। जैश के 50 अन्य आतंकियों और लश्कर के कई शीर्ष कमांडरों के भी मारे जाने की खबर है।
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने इस हमले की पुष्टि की और इसे "युद्ध जैसा कदम" करार दिया। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग DG ISPR ने कोटली, मुरीदके और बहावलपुर सहित नौ स्थानों पर हमलों की बात स्वीकारी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारत ने पांच स्थानों पर कायरतापूर्ण हमले किए। हमें जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार है।"
पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले में 26 लोग मारे गए और 35 घायल हुए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। हालांकि, भारत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि हमले केवल आतंकी ठिकानों पर किए गए। पाकिस्तान ने आपात बैठक बुलाई, और पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए।
चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की, जबकि वैश्विक मीडिया ने भारत की इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया। न्यूयॉर्क टाइम्स, बीबीसी और वॉशिंगटन पोस्ट ने इस ऑपरेशन को भारत की रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन माना।
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- मसूद अजहर: आतंक का चेहरा
मसूद अजहर, जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक, भारत के खिलाफ कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं। 1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान IC-814 के अपहरण के बाद उसे रिहा किया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने मई 2019 में उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया था।
'ऑपरेशन सिंदूर' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया। सूत्रों के अनुसार, यह नाम पीएम मोदी ने स्वयं चुना, जो पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के खून का प्रतीक है। भारत ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया कि वह आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत ने हमले के बाद S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया और सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुखों के साथ बैठक की, और अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं।
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