दिल्ली में नकली Eno फैक्ट्री का भंडाफोड़: 91 हजार से ज्यादा सैशे जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार, स्वास्थ्य जोखिम पर पुलिस सतर्क।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली Eno बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उत्तर दिल्ली के इब्राहिमपुर

Oct 26, 2025 - 16:47
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दिल्ली में नकली Eno फैक्ट्री का भंडाफोड़: 91 हजार से ज्यादा सैशे जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार, स्वास्थ्य जोखिम पर पुलिस सतर्क।
दिल्ली में नकली Eno फैक्ट्री का भंडाफोड़: 91 हजार से ज्यादा सैशे जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार, स्वास्थ्य जोखिम पर पुलिस सतर्क।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली Eno बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उत्तर दिल्ली के इब्राहिमपुर इलाके में की गई, जहां फैक्ट्री चल रही थी। बरामदगी में 91,257 नकली Eno सैशे, 80 किलोग्राम कच्चा माल, 13.080 किलोग्राम प्रिंटेड रोल्स, 54,780 स्टिकर्स और 2,100 तैयार न होने वाले Eno मार्क वाले पैकेट शामिल हैं। इसके अलावा सैशे भरने और पैक करने वाली एक मशीन भी जब्त की गई। आरोपी Eno के नकली सैशे बनाकर बाजार में बेच रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की शिकायत पर आधारित थी, जो Eno के मूल निर्माता हैं। गिरफ्तार आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, ताकि स syndicate के अन्य सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

यह घटना 25 अक्टूबर 2025 की शाम को अंजाम दी गई। क्राइम ब्रांच की एनआर-आई टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इब्राहिमपुर में एक गोदाम में नकली दवाइयों और उपभोक्ता उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। टीम ने छापेमारी की योजना बनाई और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई। छापे के दौरान फैक्ट्री में उत्पादन का काम जोरों पर था। आरोपी सस्ते कच्चे माल से नकली पाउडर भरकर पैकिंग कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संचालन रोक दिया और सामान जब्त कर लिया। गिरफ्तार आरोपी संदीप जैन (45 वर्ष) और जीतेंद्र उर्फ छोटू (23 वर्ष) दोनों इब्राहिमपुर के निवासी हैं। संदीप फैक्ट्री का मालिक था, जबकि जीतेंद्र पैकिंग मशीन चला रहा था। पूछताछ में संदीप ने कबूल किया कि वे पिछले छह महीनों से यह अवैध कारोबार चला रहे थे।

Eno एक लोकप्रिय एंटासिड है, जो एसिडिटी और गैस की समस्या के लिए इस्तेमाल होता है। इसका मूल फॉर्मूला सोडियम बाइकार्बोनेट, साइट्रिक एसिड और सोडियम कार्बोनेट पर आधारित है। लेकिन नकली उत्पाद में सस्ते और हानिकारक रसायन जैसे चॉक पाउडर या अज्ञात मिश्रण इस्तेमाल किए जाते हैं, जो पेट में जलन, उल्टी या गंभीर एलर्जी पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नकली उत्पाद लंबे समय में किडनी या लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दिल्ली में Eno की सालाना बिक्री करोड़ों में है, इसलिए नकली बाजार में घुसपैठ आसान हो जाती है। पुलिस ने कहा कि आरोपी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाजारों में भी सप्लाई कर रहे थे। बाजार मूल्य के हिसाब से जब्त माल की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(4), 274 और 275 के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा ट्रेड मार्क एक्ट की धारा 103 और 104 भी लगाई गई हैं। ये धाराएं नकली उत्पाद बनाने, स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने और ब्रांड चोरी के लिए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां दो दिन की रिमांड मिली। पूछताछ में सप्लाई चेन का पता लगाने पर जोर है। पुलिस को शक है कि बड़े स्तर पर एक गिरोह सक्रिय है, जो अन्य ब्रांडेड उत्पादों जैसे टूथपेस्ट या दवाओं में भी हाथ अजमा चुका है। संदीप जैन के खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं, जिसमें नकली साबुन बनाने का शामिल है। जीतेंद्र नया अपराधी है, लेकिन गिरोह का हिस्सा था।

ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन कंपनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि बाजार में नकली पैकेजिंग की शिकायतें बढ़ रही थीं। वे रैंडम चेकिंग कर रहे थे, जब इब्राहिमपुर का पता चला। कंपनी ने पुलिस को सहयोग दिया, जिसमें नकली और असली उत्पाद की पहचान के लिए लैब टेस्ट की सुविधा दी। Eno का ब्रांड मूल्य अरबों में है, और नकली उत्पाद इससे करोड़ों का नुकसान पहुंचाते हैं। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि वे उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। असली Eno पर होलोग्राम स्टिकर और बैच नंबर होता है, जो चेक किया जा सकता है।

दिल्ली में नकली उत्पादों का कारोबार पुरानी समस्या है। 2025 में ही क्राइम ब्रांच ने कई छापे मारे हैं। अगस्त में रोहिणी और बावना में नकली Eno, सेंसोडाइन टूथपेस्ट और गोल्ड फ्लेक सिगरेट बनाने वाली यूनिटें पकड़ी गईं। वहां छह आरोपी गिरफ्तार हुए और 30 लाख का माल जब्त हुआ। आरोपी ओनम जैन और सुरेंद्र बंसल जैसे लोग सस्ते रसायनों से उत्पाद बनाते थे। पुलिस ने कहा कि नकली एंटासिड पेट में जलन पैदा करते हैं, जबकि नकली टूथपेस्ट दांत खराब कर सकता है। अक्टूबर में भी एक छापे में नकली क्लोज-अप टूथपेस्ट और Eno पकड़े गए, जहां हानिकारक केमिकल्स मिले। ये उत्पाद दिल्ली के छोटे दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकते हैं।

इस कारोबार में मुनाफा बहुत है। असली Eno का उत्पादन महंगा होता है, लेकिन नकली में लागत 10 फीसदी रह जाती है। एक सैशे की कीमत 1 रुपये से कम आती है, जबकि बाजार में 5 रुपये बिकता है। गिरोह छोटे गोदामों में काम करता है, जहां मशीनें सस्ती चाइनीज होती हैं। सप्लाई दिल्ली के थोक बाजारों जैसे सदर बाजार या लाजपत नगर से होती है। पुलिस ने कहा कि ऐसे गिरोह स्वास्थ्य को बाजार से ज्यादा महत्व देते हैं। उपभोक्ता अज्ञान में नकली खरीद लेते हैं, खासकर गरीब तबके में।

सोशल मीडिया पर खबर वायरल हो गई। एक्स पर #FakeENOFactory ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने पुलिस की तारीफ की, कहा कि स्वास्थ्य उत्पादों पर सख्ती जरूरी। एक यूजर ने लिखा, नकली दवा से जिंदगियां खतरे में। दूसरे ने सलाह दी कि ब्रांडेड ही खरीदें। न्यूज चैनलों ने लाइव कवरेज किया। आजतक ने रिपोर्ट में कहा कि यह छापा त्योहारों से पहले आया, जब खरीदारी बढ़ती है। इकोनॉमिक टाइम्स ने संपादकीय लिखा कि नकली बाजार अर्थव्यवस्था को कमजोर करता है।

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