UP: प्रयागराज की अनामिका शर्मा ने 14,000 फीट की ऊंचाई से लहराया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा, भारतीय सेना को अनूठा सलाम, भारत की सबसे कम उम्र की स्काईडाइवर।
प्रयागराज की 25 वर्षीय अनामिका शर्मा ने थाईलैंड के आसमान में 14,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा फहराया...
7 जून 2025 को प्रयागराज की 25 वर्षीय अनामिका शर्मा ने थाईलैंड के आसमान में 14,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा फहराया, जिसने न केवल भारत की सैन्य शक्ति को सम्मानित किया, बल्कि विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति और साहस का परचम भी लहराया। अनामिका, जो भारत की सबसे कम उम्र की महिला स्काईडाइवर और यूनाइटेड स्टेट्स पैराशूट एसोसिएशन (USPA) की डी-कैटेगरी लाइसेंस धारक हैं, ने इस साहसिक कदम से देश की सेना को एक अनोखा सलाम पेश किया। यह छलांग जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को समर्पित थी।
- अनामिका शर्मा: भारत की सबसे कम उम्र की स्काईडाइवर
अनामिका शर्मा, प्रयागराज की रहने वाली 25 वर्षीय इंजीनियरिंग स्नातक, भारत की सबसे कम उम्र की महिला स्काईडाइवर हैं। उन्होंने 10 वर्ष की उम्र में अपने पिता, भारतीय वायुसेना के पूर्व जूनियर वारंट ऑफिसर अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में 10,000 फीट की ऊंचाई से अपनी पहली छलांग लगाई थी। आज उनके नाम 550 से अधिक स्काईडाइविंग छलांगें दर्ज हैं, जो उन्होंने 10 विभिन्न प्रकार के पैराशूट और विभिन्न विमानों से की हैं। अनामिका ने जनवरी 2022 में दुबई ड्रॉप जोन से USPA का ‘ए’ कैटेगरी लाइसेंस प्राप्त किया और बाद में ‘बी’, ‘सी’, और हाल ही में ‘डी’ कैटेगरी लाइसेंस हासिल कर भारत की एकमात्र महिला स्काईडाइविंग कोच बन गईं।
अनामिका के पिता, अजय कुमार शर्मा, स्वयं एक प्रशिक्षित कमांडो और स्काईडाइविंग प्रशिक्षक हैं। वह अनामिका के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत और मेंटर रहे हैं। अनामिका और उनके पिता भारत में एकमात्र पिता-पुत्री जोड़ी हैं, जो पेशेवर स्काईडाइवर के रूप में सक्रिय हैं। अनामिका ने अपने प्रशिक्षण के लिए मॉस्को, दुबई, और थाईलैंड जैसे स्थानों की यात्रा की है, क्योंकि भारत में स्काईडाइविंग की सुविधाएं सीमित हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, जिसे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया। इस हमले में कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी प्रभावित हुए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की। इस अभियान की सफलता ने देश भर में उत्साह पैदा किया, और अनामिका शर्मा ने इसे अपने अनोखे अंदाज में सम्मानित करने का फैसला किया।
6 जून 2025 को, अनामिका ने थाईलैंड के खायो याई में ड्रॉप जोन थाईलैंड से 14,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। यह छलांग एक सिंगल-इंजन विमान PAC 750XL से की गई, और अनामिका ने अपने हाथों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा थामा था। यह छलांग सुबह 11:30 बजे IST पर हुई और इसे सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने वायरल कर दिया। अनामिका की यह छलांग न केवल साहसिक थी, बल्कि तकनीकी रूप से भी जटिल थी। उन्होंने 14,000 फीट की ऊंचाई से फ्रीफॉल शुरू किया और 6,000 फीट पर अपने पैराशूट को खोला। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा अनफर्ल किया, जो भारतीय सेना की वीरता और शौर्य का प्रतीक था। यह छलांग ड्रॉप जोन थाईलैंड में की गई, जो स्काईडाइविंग के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है। अनामिका ने इस छलांग के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया था, जिसमें उनके पिता और उनके पिता के मित्र संतोष नागराज, जो USPA डी-कैटेगरी लाइसेंस धारक हैं, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस छलांग का वीडियो अनामिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट (@anamika.skydives) पर साझा किया, जिसे 8 मिलियन से अधिक बार देखा गया। वीडियो में अनामिका को विमान से कूदते हुए और झंडा लहराते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने वीडियो को कैप्शन दिया, “भारतीय सेना को सलाम करने और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने का मेरा छोटा सा प्रयास।” इस वीडियो ने न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अनामिका की इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। एक्स पर कई यूजर्स ने इसे भारत की नारी शक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक बताया। @InfoDeptUP ने लिखा, “प्रयागराज की अनामिका शर्मा जी ने बैंकॉक में 14 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर #OperationSindoor का झंडा फहराकर भारतीय सेना को सम्मान और समर्थन का संदेश दिया है।” @sarva_sanatan_ ने इसे “नारी शक्ति, श्रद्धा, और देशभक्ति का प्रतीक” करार दिया। कई यूजर्स ने अनामिका की हिम्मत और देशभक्ति की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “14,000 फीट से छलांग लगाकर अनामिका ने न केवल भारतीय सेना को सलाम किया, बल्कि पूरी दुनिया को दिखाया कि भारत की बेटियां किसी से कम नहीं हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “यह सिर्फ एक स्टंट नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व का क्षण है।”
- अनामिका की पिछली उपलब्धियां
यह पहली बार नहीं है जब अनामिका ने अपने साहसिक कारनामों से सुर्खियां बटोरी हैं। जनवरी 2024 में, उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में 13,000 फीट की ऊंचाई से ‘जय श्री राम’ और राम मंदिर का झंडा लहराया था। जनवरी 2025 में, उन्होंने महाकुंभ 2025 के आधिकारिक ध्वज को बैंकॉक में 13,000 फीट की ऊंचाई से फहराकर विश्व को इस धार्मिक समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इन दोनों घटनाओं ने भी सोशल मीडिया पर व्यापक प्रशंसा बटोरी थी।
2022 में, अनामिका ने थाईलैंड के रायोंग में एक रेयर विंगसूट स्विंग स्काईडाइव किया, जो भारत की पहली ऐसी छलांग थी। इस छलांग में उन्होंने 13,000 फीट से कूदकर 6,000 फीट पर विंगसूट का उपयोग किया और 4,000 फीट पर पैराशूट खोला। अनामिका की यह छलांग कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह भारतीय सेना के प्रति एक युवा महिला की श्रद्धा और समर्थन का प्रतीक है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति को रेखांकित किया, और अनामिका का यह कदम उस संदेश को वैश्विक स्तर पर ले गया। दूसरा, यह छलांग भारत की नारी शक्ति को प्रदर्शित करती है। अनामिका ने न केवल एक खतरनाक खेल में महारत हासिल की, बल्कि इसे देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ा। उन्होंने कहा, “जब मैं इतनी ऊंचाई से कूदती हूं, तो मुझे ‘मेरा भारत महान’ की अनुभूति होती है।”
तीसरा, इस छलांग ने स्काईडाइविंग जैसे साहसिक खेलों को भारत में लोकप्रिय बनाने में मदद की। अनामिका ने 2022 में कहा था कि भारत सरकार की नई हवाई खेल नीति इस क्षेत्र को बढ़ावा देगी, और उनकी उपलब्धियां युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं, को इस खेल में आगे आने के लिए प्रेरित कर रही हैं। अनामिका की अगली योजना मार्च 2026 में महिला दिवस से पहले गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर जल में उतरने वाली एक स्काईडाइविंग छलांग है। यह कदम नारी सशक्तीकरण का प्रतीक होगा। अनामिका, जो एक प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर भी हैं, इस छलांग के लिए विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की भी इच्छा रखती हैं, ताकि वह अपने शहर प्रयागराज और भारत की सांस्कृतिक विरासत को और बढ़ावा दे सकें। अनामिका ने कहा, “मैं महर्षि भारद्वाज के गुरुकुल में पली-बढ़ी हूं, जिन्हें विश्व का पहला कुलपति और विमान शास्त्र का लेखक माना जाता है। यह मेरे लिए गर्व की बात है।” अनामिका शर्मा की 14,000 फीट की ऊंचाई से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा फहराने वाली छलांग भारत की सैन्य शक्ति, नारी सशक्तीकरण, और सांस्कृतिक गौरव का एक शानदार उदाहरण है।-
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