कानपुर में खाकी पर कलंक- पुलिसकर्मी और दोस्त ने 14 वर्षीय नाबालिग का स्कॉर्पियो में अगवा कर दो घंटे तक किया गैंगरेप, आधी रात घर के बाहर फेंककर फरार।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर स्कॉर्पियो गाड़ी में गैंगरेप किया गया। घटना 5 जनवरी 2026 की रात की है जब पीड़िता रात करीब 10 बजे शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। इस दौरान स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया और अपहरण कर लिया। आरोपियों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था जो खाकी वर्दी में अपराध करने से नहीं चूका। आरोपियों ने गाड़ी में ही करीब दो घंटे तक नाबालिग के साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया। दरिंदगी के बाद आधी रात को पीड़िता को उसके घर के पास ही फेंककर आरोपी फरार हो गए। पीड़िता बदहवास हालत में घर पहुंची जहां परिवार को घटना की जानकारी हुई।
पीड़िता के भाई ने बताया कि जब वे पुलिस चौकी पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपियों में एक का पुलिस वाला होने की बात सुनकर उन्हें भगा दिया। परिवार ने अगले दिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया तब जाकर सचेंडी थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। शुरुआत में आरोपियों के नाम एफआईआर में नहीं जोड़े गए लेकिन जांच के बाद नाम शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत पर दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। जांच पूरी पारदर्शिता से की जा रही है।
यह घटना इलाके में हड़कंप मचा देने वाली है क्योंकि आरोपी पुलिसकर्मी का शामिल होना पुलिस महकमे पर सवाल उठा रहा है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाया और फिर गाड़ी में ही हैवानियत की। दो घंटे तक चली इस दरिंदगी के बाद उसे घर के पास छोड़ दिया गया। परिवार का आरोप है कि शुरुआती शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई में देरी की क्योंकि एक आरोपी पुलिस विभाग से जुड़ा था। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हुई और जांच शुरू हो गई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और सबूत जुटाने का काम जारी है।
मामला सचेंडी थाना क्षेत्र का है जहां पीड़िता अपने परिवार के साथ रहती है। वह कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा है और घटना के समय घर से बाहर निकली थी। आरोपियों ने मौका देखकर उसे अगवा किया और स्कॉर्पियो गाड़ी में ले जाकर अपराध किया। गैंगरेप के बाद पीड़िता को घर के पास फेंकने से परिवार को तुरंत पता चल गया। भाई ने चौकी में शिकायत की लेकिन वहां से भगा दिया गया। अगले दिन उच्च अधिकारियों से मिलने के बाद केस दर्ज हुआ। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और जल्द कार्रवाई होगी। यह वारदात कानपुर में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। एक पुलिसकर्मी का आरोपी होना मामले को और गंभीर बना देता है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच टीम गठित की गई है जो घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। स्कॉर्पियो गाड़ी की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल हो गया। परिवार ने आरोप लगाया कि शुरुआती देरी पुलिसकर्मी आरोपी की वजह से हुई। लेकिन अब जांच आगे बढ़ रही है। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता ने बयान में पूरी घटना का विवरण दिया है जिसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी। यह मामला नाबालिग के साथ अपराध की गंभीरता को उजागर करता है जहां अपहरण के बाद गाड़ी में ही गैंगरेप किया गया। पुलिस ने कहा कि मामला संवेदनशील है और तेजी से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान होने के बाद नाम एफआईआर में जोड़े जाएंगे। परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है। घटना 5 जनवरी की रात की है और एफआईआर 6 जनवरी को दर्ज हुई। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है। यह वारदात स्कॉर्पियो गाड़ी में होने से वाहन की भी तलाश की जा रही है।
मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन अब पूरी टीम लगी हुई है। पीड़िता का इलाज चल रहा है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। यह घटना कानपुर में अपराध की बढ़ती घटनाओं को दिखाती है जहां नाबालिग आसानी से शिकार बन रही हैं। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। यह सनसनीखेज मामला पूरे इलाके को झकझोर देने वाला है। एक पुलिसकर्मी का शामिल होना विश्वास को तोड़ने वाला है। परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। घटना के बाद इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। कानपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज कर दी है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पहचान और गिरफ्तारी का काम चल रहा है। पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। यह मामला अपहरण और गैंगरेप का है जो पोक्सो एक्ट के तहत आता है।
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