बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जॉय बनर्जी का निधन- कोलकाता में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।

Tollywood: बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और पूर्व बीजेपी नेता जॉय बनर्जी का 25 अगस्त 2025 को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 62 वर्षीय जॉय बनर्जी लंबे

Aug 26, 2025 - 13:01
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बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जॉय बनर्जी का निधन- कोलकाता में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।
बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जॉय बनर्जी का निधन- कोलकाता में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता और पूर्व बीजेपी नेता जॉय बनर्जी का 25 अगस्त 2025 को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 62 वर्षीय जॉय बनर्जी लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, COPD) और डायबिटीज से जूझ रहे थे। वे 15 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे और 17 अगस्त से वेंटिलेटर पर थे। उनकी मृत्यु 25 अगस्त को सुबह 11:35 बजे एक दिल का दौरा पड़ने से हुई। इस खबर ने बंगाली सिनेमा और राजनीति के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी। उनके प्रशंसक और सहकर्मी सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 

जॉय बनर्जी का जन्म 23 मई 1963 को हुआ था। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में बंगाली सिनेमा में अपनी विशेष पहचान बनाई। उनकी पहली फिल्म 1982 में 'निमालुर बनबास' थी, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री देबाश्री रॉय के साथ काम किया। इस फिल्म को बिदेश सरकार ने निर्देशित किया था। जॉय ने 'हिरक जयंती' (1990), 'मिलन तीथि' (1985), 'नागमती' (1983), और 'चॉपर' (1987) जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया। 'चॉपर' में उनकी अभिनय की खूब सराहना हुई, जिसे नब्येन्दु चटर्जी ने निर्देशित किया था। इसके अलावा, उन्होंने सुकेन दास और अंजन चौधरी जैसे निर्देशकों के साथ कई यादगार फिल्में दीं। उनकी जोड़ी अभिनेत्री चुमकी चौधरी के साथ फिल्म 'अभागिनी' में बहुत पसंद की गई। जॉय की सादगी और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें 80 और 90 के दशक में टॉलीवुड का मशहूर सितारा बना दिया।

जॉय बनर्जी ने अभिनय के साथ-साथ राजनीति में भी कदम रखा। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े और पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे। 2014 में उन्होंने बेरीभूम लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद और अभिनेत्री सताब्दी रॉय के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2019 में उन्होंने उलुबेरीया लोकसभा सीट से TMC की सजदा अहमद के खिलाफ BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा, पर इस बार भी वे जीत नहीं सके। नवंबर 2021 में जॉय ने स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से हटने की घोषणा की, लेकिन वे BJP की पश्चिम बंगाल राज्य समिति के सदस्य बने रहे। उनकी मृत्यु के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

जॉय बनर्जी की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी पहली शादी TMC पार्षद अनन्या बनर्जी से हुई थी, लेकिन बाद में उनका तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी अंकिता से की। वे अपनी पत्नी अंकिता और मां को पीछे छोड़ गए हैं। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही बंगाली फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। TMC सांसद सताब्दी रॉय, जिनके साथ जॉय ने कई फिल्मों में काम किया था, ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मुझे पता था कि जॉय लंबे समय से बीमार थे, और हम सभी उनकी रिकवरी की दुआ कर रहे थे।” केंद्रीय मंत्री और BJP नेता सुकांत मजुमदार ने भी X पर लिखा, “हम जॉय बनर्जी के निधन से बहुत दुखी हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने जॉय को भावुक श्रद्धांजलि दी। एक यूजर ने X पर लिखा, “जॉय बनर्जी, ‘कार आपके लिए आई है।’ फूलों की माला, धूप, रिश्तेदार सुजन आंसुओं में। कलाकार चुप हो गया! अलविदा जयदा, नींद की धरती में शांति से रहो।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूर्व माटिनी हीरो जॉय बनर्जी, जिनका आज निधन हो गया, ने 2016-17 के I-लीग में चेन्नई सिटी के खिलाफ ईस्ट बंगाल की 3-0 की जीत के बाद वेडसन एंसेल्म को MOM अवॉर्ड दिया था। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

जॉय बनर्जी की मृत्यु ने बंगाली सिनेमा के एक युग के अंत को चिह्नित किया। उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए उनके सहायक ने बताया कि जॉय को 15 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। शुरुआत में उन्हें अगले दिन छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन उनकी हालत फिर बिगड़ गई। 17 अगस्त को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण दिल का दौरा था, जो उनकी पहले से मौजूद फेफड़ों की बीमारी और डायबिटीज से जटिल हो गया था।

जॉय की मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके तारातला स्थित घर ले जाया गया। BJP के राज्य मुख्यालय में उनकी अंतिम श्रद्धांजलि के लिए उनके शरीर को ले जाने की चर्चा थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी उसी दिन शाम को शुरू होने की उम्मीद थी। बंगाली सिनेमा के प्रशंसकों और उनके सहकलाकारों ने उनकी याद में कई भावुक संदेश साझा किए। जॉय बनर्जी ने अपने करियर में न केवल अभिनय के क्षेत्र में योगदान दिया, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। उनकी फिल्म 'हिरक जयंती' ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी, और उनकी सादगी भरी अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों का चहेता बनाया। उनकी मृत्यु ने टॉलीवुड में एक खालीपन छोड़ दिया है, जिसे भरना मुश्किल होगा।

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