आसमान में मौत का साया: एयर इंडिया के इंजन में धमाके के बाद निकलीं चिंगारियां, मुंबई एयरपोर्ट पर हुई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग।

अलसुबह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एअर इंडिया के एयरबस A320 नियो (VT-TNK) ने बेंगलुरु के

Apr 10, 2026 - 11:32
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आसमान में मौत का साया: एयर इंडिया के इंजन में धमाके के बाद निकलीं चिंगारियां, मुंबई एयरपोर्ट पर हुई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग।
आसमान में मौत का साया: एयर इंडिया के इंजन में धमाके के बाद निकलीं चिंगारियां, मुंबई एयरपोर्ट पर हुई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग।
  • सहम गए यात्री, कांप उठा आसमान: बीच हवा में बंद हुआ एअर इंडिया विमान का इंजन, 'PAN PAN' कॉल के बाद मचा हड़कंप।
  • तकनीकी खराबी या बड़ी लापरवाही? बेंगलुरु जा रहे विमान का इंजन हवा में हुआ फेल, 20 मिनट के भीतर मौत को मात देकर लौटे मुसाफिर।

9 अप्रैल की अलसुबह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एअर इंडिया के एयरबस A320 नियो (VT-TNK) ने बेंगलुरु के लिए अपनी नियमित उड़ान भरी थी। विमान ने अपने निर्धारित समय 2:05 बजे के कुछ ही मिनट बाद, यानी तड़के 2:15 बजे रनवे से उड़ान भरी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही विमान हवा में कुछ फीट ऊपर गया, दाईं ओर के इंजन से अचानक एक तेज गूंज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों और विमान में सवार यात्रियों के अनुसार, यह आवाज किसी बड़े विस्फोट जैसी थी, जिसके तुरंत बाद इंजन के पिछले हिस्से से आग की चिंगारियां निकलने लगीं। अंधेरी रात के आसमान में नारंगी रंग की ये लपटें विमान के केबिन से साफ देखी जा सकती थीं, जिसके बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और पूरे विमान के भीतर डर का माहौल व्याप्त हो गया।

विमान के कॉकपिट में बैठे पायलटों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। तकनीकी पैनल पर इंजन के 'स्टॉल' होने यानी उसके पूरी तरह से काम बंद करने के संकेत मिल रहे थे। बिना एक भी पल गंवाए, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को रेडियो पर 'PAN PAN' का संदेश भेजा। विमानन शब्दावली में 'PAN PAN' का अर्थ होता है एक गंभीर और तत्काल स्थिति, जो फिलहाल जानलेवा तो नहीं है लेकिन उसे तुरंत प्राथमिकता की आवश्यकता है। एटीसी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई के रनवे को खाली कराया और विमान को वापस लौटने की अनुमति दी। उस समय विमान समुद्र के ऊपर था और एक ही इंजन के सहारे उसे वापस मोड़ना पायलट के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने अत्यंत धैर्य के साथ पूरा किया।

हवा में बिताए गए वे 20 मिनट यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। विमान के भीतर धुआं फैलने की आशंका और इंजन से आ रही गड़गड़ाहट ने लोगों के मन में डर भर दिया था। केबिन क्रू ने लगातार यात्रियों को शांत रहने और अपनी सीटों पर बेल्ट बांधकर बैठने के निर्देश दिए। पायलट ने अत्यंत कुशलता से विमान को मोड़कर तड़के 2:35 बजे मुंबई एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित लैंड कराया। लैंडिंग के समय एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियां रनवे के पास तैनात थीं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। जैसे ही विमान के पहियों ने जमीन को छुआ, यात्रियों ने राहत की सांस ली और कई लोग अपनी जान बचने की खुशी में भावुक हो गए। एयरबस A320 नियो जैसे आधुनिक विमानों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वे एक इंजन फेल होने की स्थिति में भी सुरक्षित उड़ान भर सकें और लैंड कर सकें। हालांकि, टेकऑफ के दौरान इंजन का बंद होना सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि उस समय विमान को अधिकतम शक्ति की आवश्यकता होती है।

घटना के बाद एअर इंडिया के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि उड़ान AI 2812 को तकनीकी खराबी की वजह से वापस बुलाना पड़ा। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों (SOP) के तहत ही पायलट ने विमान को लैंड कराने का फैसला लिया। कंपनी ने यात्रियों को हुई मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया है। हालांकि, इस घटना ने विमान के रखरखाव और पुराने पड़ते बेड़े की इंजीनियरिंग जांच पर फिर से बहस छेड़ दी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित इंजन को विस्तृत निरीक्षण के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इंजन में अचानक धमाका और चिंगारियां निकलने का असली कारण क्या था।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में हवाई यात्रा के दौरान तकनीकी खराबी की घटनाएं बढ़ी हैं। इस विशेष मामले में शुरुआती जांच के संकेत दे रहे हैं कि यह 'इंजन स्टॉल' का मामला हो सकता है, जो अक्सर पक्षी के टकराने या इंजन के आंतरिक कलपुर्जों की खराबी के कारण होता है। हालांकि, उस समय मौसम साफ था, इसलिए पक्षी के टकराने की संभावना पर विशेषज्ञों में मतभेद हैं। हाल के महीनों में एयरलाइन की सुरक्षा रेटिंग पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा भी कुछ आपत्तियां जताई गई थीं, जिसके बाद इस तरह की घटना प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विमानों के 'प्रीन-फ्लाइट' निरीक्षण को और अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है।

मुंबई एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों के लिए एयरलाइन ने वैकल्पिक व्यवस्था की। प्रभावित यात्रियों को दूसरे विमान से बेंगलुरु भेजने के लिए सुबह के समय ही विशेष उड़ान का इंतजाम किया गया। कुछ यात्रियों ने अपना सफर स्थगित कर दिया, जबकि अन्य को एयरपोर्ट लाउंज में जलपान और विश्राम की सुविधा प्रदान की गई। एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन की टीम ने ग्राउंड पर यात्रियों की हर संभव सहायता की। इस बीच, जिस विमान में खराबी आई थी, उसे मुख्य रनवे से हटाकर आइसोलेशन बे में ले जाया गया है, जहां तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम लगातार डेटा लॉग और इंजन के भौतिक नुकसान का विश्लेषण कर रही है।

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