असम: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट पर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए रिटायर्ड प्रिंसिपल नजरुल इस्लाम गिरफ्तार।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार को हुए विस्फोट की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार को हुए विस्फोट की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस धमाके में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। जांच एजेंसियां इसे आतंकी साजिश मान रही हैं और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंप दिया गया है। इसी घटना पर असम के कछार जिले के सिलचर शहर में रहने वाले एक सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल नजरुल इस्लाम बरभुइया ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद मंगलवार को असम पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि उनकी यह टिप्पणी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश थी।
घटना की शुरुआत दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुए विस्फोट से हुई। दोपहर के समय चहल-पहल भरे इलाके में आईईडी (तात्कालिक विस्फोटक उपकरण) से लदी एक कार फट गई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। चंदनी चौक की तंग गलियों में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि विस्फोट से ठीक पहले संदिग्ध कार को पार्किंग एरिया में खड़ी किया गया था। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर राजा बंथिया ने बताया कि यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और अन्य विशेष टीमें घटनास्थल पर सबूत इकट्ठा कर रही हैं। अब तक 42 से अधिक सबूत मिल चुके हैं, जिनमें धातु के टुकड़े, वायरिंग और रासायनिक अवशेष शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में कोई ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा, "ऐसे कायराना हमलों से भारत के इरादे कमजोर नहीं होंगे।" गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जांच में फरीदाबाद के एक आतंकी मॉड्यूल का नाम सामने आया है। यहां से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन शाहिद को जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग 'जमात-उल-मोमीनात' का प्रमुख बताया जा रहा है। शाहीन पाकिस्तानी आतंकी अजहर मसूद की बहन सादिया से जुड़ी हुई है। उसके भाई परवेज अंसारी को उत्तर प्रदेश एटीएस ने हिरासत में लिया है। पूछताछ में पता चला कि शाहीन की कार हथियार और संदिग्धों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होती थी। महाराष्ट्र कनेक्शन की भी जांच चल रही है। पुलिस को शक है कि यह फिदायीन हमला था, जिसमें हमलावर खुद को उड़ा सकता था।
इसी संवेदनशील माहौल में असम के सिलचर में रहने वाले 62 वर्षीय नजरुल इस्लाम बरभुइया ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली। पोस्ट में उन्होंने विस्फोट को "चुनावी स्टंट" करार दिया और लिखा, "चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यह सब राजनीतिक साजिश लग रही है।" पुलिस के अनुसार, यह टिप्पणी घटना को राजनीतिकरण करने और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश थी। कछार जिले के पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रोतिम दास ने बताया कि नजरुल इस्लाम एक सरकारी स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल हैं और रंगपुर इलाके के निवासी हैं। उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी, जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने की। मंगलवार दोपहर को पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि टिप्पणी उन्होंने की थी, लेकिन इसका इरादा राजनीतिकरण का नहीं था। फिर भी, पुलिस ने इसे गंभीर अपराध माना है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस गिरफ्तारी का स्वागत किया और कहा, "आतंकवादी घटनाओं का बचाव या गलत व्याख्या करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होगी।" उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि ऐसी मानसिकता देश के लिए खतरा है। असम पुलिस ने नजरुल इस्लाम के खिलाफ देशद्रोह और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप लगाए हैं। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें रिमांड पर लिया जा सकता है। यह गिरफ्तारी असम में हाल की घटनाओं की याद दिलाती है, जहां सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी टिप्पणियों के लिए कई लोगों को पकड़ा गया। उदाहरण के लिए, मई में पहलगाम आतंकी हमले के बाद 81 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम भी शामिल थे। वे पाकिस्तान समर्थक बयान देने के आरोप में जेल गए थे। असम सरकार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को सख्त कर रही है ताकि फेक न्यूज और भ्रामक सामग्री रोकी जा सके।
दिल्ली विस्फोट की जांच तेज हो रही है। एनआईए को लगता है कि यह अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फरीदाबाद मॉड्यूल में शाहीन जैसे लोग हथियार तस्करी और रिक्रूटमेंट में लगे थे। लखनऊ के लाल बाग इलाके में शाहीन का घर मिला, जो अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था। यूपी एटीएस परवेज की पूछताछ कर रही है। दिल्ली पुलिस ने लाल किले मेट्रो स्टेशन को 12 नवंबर तक बंद रखा है। मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों का इलाज अईएमएस और अन्य अस्पतालों में चल रहा है।
इस घटना ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील मुद्दों पर बिना सोचे-समझे पोस्ट करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि समाज में नफरत भी फैलाता है। असम पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसी टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई होगी। नजरुल इस्लाम का मामला एक उदाहरण है कि शिक्षा और पद की गरिमा के बावजूद गलत बयानबाजी महंगी पड़ सकती है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सिक्योरिटी बढ़ा दी है। चांदनी चौक और लाल किला क्षेत्र में ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी कवरेज मजबूत किया गया। एनएसजी की टीमें अलर्ट पर हैं। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहना जरूरी है। असम में नजरुल इस्लाम की गिरफ्तारी से स्थानीय स्तर पर शांति बनी हुई है, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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