भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर दिया कड़ा बयान, कहा- ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की लग गयी है लत। 

भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर हुए विवाद पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि आजकल ब्राह्मणों को टारगेट

Feb 7, 2026 - 12:28
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भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर दिया कड़ा बयान, कहा- ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की लग गयी है लत। 
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर दिया कड़ा बयान, कहा- ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की लग गयी है लत। 
  • 'घूसखोर पंडत' विवाद: सैयद शाहनवाज हुसैन ने सीरीज बैन और टाइटल हटाने की मांग की
  • ब्राह्मण-पंडित समाज को घूसखोर कहकर बदनाम करने पर भाजपा नेता का विरोध, अन्याय बताया

भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर हुए विवाद पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि आजकल ब्राह्मणों को टारगेट करने की कुछ लोगों को लत लग गई है। यह बहुत बड़ा अन्याय है कि ब्राह्मण, पंडित समाज को घूसखोर कहकर बदनाम किया जा रहा है। इस सीरीज को बैन करना चाहिए और इसमें से ये टाइटल हटाना चाहिए। यह बयान दिल्ली में दिया गया जहां वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। फिल्म 'घूसखोर पंडत' में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं और यह नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। फिल्म का टीजर जारी होने के बाद शीर्षक 'घूसखोर पंडत' पर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। विवाद बढ़ने पर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। सैयद शाहनवाज हुसैन का बयान भी इसी संदर्भ में आया है।

फिल्म का शीर्षक 'घूसखोर पंडत' है जिसमें 'पंडत' शब्द का उपयोग किया गया है। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि यह शीर्षक पूरे समुदाय को भ्रष्टाचार से जोड़कर बदनाम कर रहा है। टीजर में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका में दिखाए गए हैं जिसका नाम अजय दीक्षित है और उपनाम 'पंडत' है। फिल्म की कहानी भ्रष्टाचार और वैश्विक साजिश पर आधारित है। टीजर रिलीज होने के बाद विरोध शुरू हुआ। मेरठ में चलचित्र सोसाइटी ने नेटफ्लिक्स और निर्देशक को कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस में शीर्षक को मानहानिकारक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला बताया गया। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के खिलाफ FIR दर्ज की गई। FIR में धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत करने तथा शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप लगाए गए।

  • सैयद शाहनवाज हुसैन का पूरा बयान

सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आजकल ब्राह्मणों को टारगेट करने की कुछ लोगों को लत लग गई है। यह बहुत बड़ा अन्याय है कि ब्राह्मण, पंडित समाज को घूसखोर कहकर बदनाम किया जा रहा है। इस सीरीज को बैन करना चाहिए और इसमें से ये टाइटल हटाना चाहिए। यह बयान दिल्ली में दिया गया।

विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कार्रवाई की। पुलिस ने फिल्म के निर्देशक और टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि शीर्षक से ब्राह्मण समाज की छवि खराब की जा रही है। केंद्र सरकार ने भी OTT प्लेटफॉर्म को निर्देश दिए कि किसी वर्ग विशेष पर अपमानजनक टाइटल न इस्तेमाल किया जाए। ब्रजेश पाठक जैसे अन्य नेताओं ने भी विरोध जताया था। सैयद शाहनवाज हुसैन का बयान इस सिलसिले में आया जहां उन्होंने शीर्षक को हटाने और सीरीज को बैन करने की मांग की।

फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है और नीरज पांडे प्रोड्यूसर हैं। मनोज बाजपेयी ने कहा है कि फिल्म किसी समुदाय पर कमेंट नहीं है बल्कि एक किरदार की कहानी है। विवाद के बाद प्रमोशनल सामग्री हटा ली गई। ब्राह्मण समाज ने विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किए। भोपाल, लखनऊ और अन्य जगहों पर प्रदर्शन हुए। मायावती ने भी बयान दिया कि पंडित को घूसखोर बताकर अपमान किया जा रहा है।

  • विवाद की शुरुआत और FIR विवरण

टीजर रिलीज होने के बाद विरोध शुरू हुआ। शीर्षक 'घूसखोर पंडत' को ब्राह्मण समाज के खिलाफ माना गया। लखनऊ हजरतगंज थाने में FIR दर्ज। आरोप धार्मिक-जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने और वैमनस्य फैलाने के। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई।

सैयद शाहनवाज हुसैन भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। उन्होंने बयान में कहा कि ब्राह्मण और पंडित समाज को बदनाम करना अन्याय है। वे समाज के सीधे-सादे लोग हैं। अगर किसी व्यक्ति ने गलती की तो पूरी कम्युनिटी को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने मांग की कि शीर्षक हटाया जाए और सीरीज पर बैन लगाया जाए। बयान दिल्ली में दिया गया और मीडिया में प्रसारित हुआ।

  • फिल्म की कहानी और विवाद का कारण

फिल्म में मनोज बाजपेयी भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित की भूमिका में हैं जिन्हें 'पंडत' कहा जाता है। कहानी भ्रष्टाचार और साजिश पर है। शीर्षक से ब्राह्मण समाज को जोड़ा गया। विरोध में कानूनी नोटिस और FIR।

विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। विभिन्न नेताओं ने बयान दिए। सैयद शाहनवाज हुसैन ने इसे ब्राह्मणों को टारगेट करने की लत बताया। उन्होंने अन्याय पर जोर दिया। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई लेकिन टीजर से ही विवाद बढ़ा। नेटफ्लिक्स पर आने वाली है।

  • अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं संदर्भ

मायावती ने अपमान और अनादर की बात कही। ब्राह्मण समाज ने माफी और रोक की मांग की। उत्तर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई। सैयद शाहनवाज हुसैन ने बयान में स्पष्ट किया कि ब्राह्मण समाज को बदनाम करना गलत है। टाइटल हटाने और बैन की मांग की। विवाद से सामाजिक सद्भाव पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।

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