दिल्ली एयरपोर्ट पर हांगकांग से आई एयर इंडिया फ्लाइट में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित, जांच शुरू

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक गंभीर घटना घटी, जब हांगकांग से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 315 के सहायक...

Jul 23, 2025 - 10:41
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दिल्ली एयरपोर्ट पर हांगकांग से आई एयर इंडिया फ्लाइट में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित, जांच शुरू
दिल्ली एयरपोर्ट पर हांगकांग से आई एयर इंडिया फ्लाइट में लगी आग, सभी यात्री सुरक्षित, जांच शुरू

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक गंभीर घटना घटी, जब हांगकांग से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 315 के सहायक शक्ति इकाई (एपीयू) में लैंडिंग के तुरंत बाद आग लग गई। यह हादसा दोपहर 12:12 बजे हुआ, जब विमान गेट पर खड़ा था और यात्री उतर रहे थे। आग की सूचना मिलते ही हवाई अड्डे के कर्मचारियों और दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की, जिसके कारण सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित उतर गए। विमान को नुकसान पहुंचा, जिसके कारण इसे उड़ान से हटा दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को इस घटना की सूचना दे दी गई है।

एयर इंडिया की फ्लाइट AI 315, जो हांगकांग से दिल्ली के लिए 22 जुलाई, 2025 को सुबह रवाना हुई थी, दोपहर 12:31 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के अनुसार, विमान अपने निर्धारित समय पर गेट पर पहुंचा। यात्री उतरना शुरू ही हुए थे कि विमान की सहायक शक्ति इकाई (एपीयू), जो विमान के पीछे के हिस्से में स्थित एक छोटा इंजन है, में आग लग गई। यह इकाई विमान के मुख्य इंजन बंद होने पर बिजली और हवा की आपूर्ति करती है, ताकि कॉकपिट, लाइटिंग, और एयर कंडीशनिंग जैसे सिस्टम काम कर सकें।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद विमान के स्वचालित सिस्टम ने एपीयू को बंद कर दिया, जैसा कि इसकी डिजाइन में निर्धारित है। इस त्वरित कार्रवाई के कारण आग को और फैलने से रोका गया। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने भी पुष्टि की कि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सामान्य तरीके से उतर गए, और इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, विमान को कुछ नुकसान पहुंचा, जिसके कारण इसे उड़ान से हटा दिया गया और जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया।

एयर इंडिया ने इस घटना पर तुरंत बयान जारी किया। प्रवक्ता ने कहा, “22 जुलाई, 2025 को हांगकांग से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI 315 में लैंडिंग के बाद गेट पर खड़े होने के दौरान एपीयू में आग लग गई। यह घटना तब हुई जब यात्री उतर रहे थे। सिस्टम ने स्वचालित रूप से एपीयू को बंद कर दिया। विमान को कुछ नुकसान हुआ, लेकिन सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। विमान को जांच के लिए ग्राउंड किया गया है, और डीजीसीए को सूचित कर दिया गया है।”

एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से यात्रियों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा, और सभी को सुरक्षित रूप से टर्मिनल तक पहुंचाया गया। विमान, जो एक एयरबस A321 था, अब विस्तृत तकनीकी जांच के अधीन है। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वे यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं और उनकी यात्रा को सुचारू करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।

यह घटना एयर इंडिया के लिए हाल के दिनों में तीसरी तकनीकी समस्या थी, जिसने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे एक दिन पहले, 21 जुलाई, 2025 को दिल्ली से कोलकाता जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2403 को टेकऑफ के दौरान तकनीकी खराबी के कारण रद्द करना पड़ा। इस फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे, और कॉकपिट क्रू ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए टेकऑफ रोक दिया। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया, और फ्लाइट को बाद में रीशेड्यूल किया गया।

इसी तरह, उसी दिन मुंबई हवाई अड्डे पर कोच्चि से आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2744 भारी बारिश के बीच लैंडिंग के दौरान रनवे से थोड़ा हट गई थी। इस घटना में भी कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन विमान के एक इंजन को आंशिक नुकसान हुआ। इसके अलावा, जून 2025 में अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने भी सुर्खियां बटोरी थीं, जिसमें 274 लोग मारे गए थे।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 21 जुलाई, 2025 को संसद में बताया कि पिछले छह महीनों में एयर इंडिया को पांच सुरक्षा उल्लंघनों के लिए नौ नोटिस जारी किए गए हैं। यह ताजा घटना एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर और सवाल उठाती है। डीजीसीए ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, और प्रारंभिक अनुमान में एपीयू में तकनीकी खराबी को आग का कारण माना जा रहा है। हालांकि, सटीक कारण जानने के लिए फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की विस्तृत जांच की प्रतीक्षा की जा रही है।

सहायक शक्ति इकाई (एपीयू) एक छोटा गैस टरबाइन इंजन है, जो आमतौर पर विमान के पिछले हिस्से में स्थित होता है। इसका मुख्य कार्य विमान के मुख्य इंजन बंद होने पर बिजली और हवा की आपूर्ति करना है। यह कॉकपिट उपकरण, लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग, और केबिन दबाव बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, यह मुख्य इंजनों को शुरू करने के लिए आवश्यक वायवीय दबाव भी प्रदान करता है। उड़ान के दौरान, अगर मुख्य जनरेटर में खराबी आती है, तो एपीयू आपातकालीन बिजली प्रदान कर सकता है।

एपीयू को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि अगर इसमें कोई खराबी, जैसे आग, होती है, तो यह स्वचालित रूप से बंद हो जाए, जैसा कि इस घटना में हुआ। फिर भी, इस तरह की घटनाएं विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं, क्योंकि एपीयू में आग विमान के अन्य हिस्सों में फैल सकती है।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपनी चिंता और नाराजगी जाहिर की। @OpIndia_in ने लिखा, “दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के विमान में आग। यात्री-क्रू सभी सुरक्षित, एयरलाइन बोली- प्लेन को थोड़ा नुकसान पहुँचा।” @bstvlive ने ट्वीट किया, “विमान के APU में आग लगी, यात्री सुरक्षित। ऑटोमैटिक सिस्टम से विमान को बंद किया।” कुछ यूजर्स ने एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की सराहना की। @TheLallantop ने लिखा, “एयर इंडिया की फ्लाइट में आग। यह आग फ्लाइट के लैंड होने के बाद लगी।”

यह घटना न केवल एयर इंडिया की छवि के लिए एक झटका है, बल्कि इससे यात्रियों का विश्वास भी प्रभावित हो सकता है। हाल के महीनों में एयर इंडिया से जुड़ी कई घटनाओं ने विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छेड़ दी है। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जताई कि बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियां उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं। इसके अलावा, विमान को ग्राउंड करने और मरम्मत के लिए होने वाला खर्च एयर इंडिया के लिए आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है।

डीजीसीए और डायल ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में एपीयू में इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल खराबी को आग का कारण माना जा रहा है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ विमान के प्रभावित हिस्सों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके। एयर इंडिया ने भी अपनी आंतरिक जांच शुरू की है और कहा है कि वह डीजीसीए के दिशानिर्देशों का पालन करेगी।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विमानन कंपनियों को अपने रखरखाव और निरीक्षण प्रक्रियाओं को और सख्त करना होगा। साथ ही, एपीयू जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों की नियमित जांच और उन्नत तकनीक का उपयोग जरूरी है। दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 315 में लगी आग ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

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