संडे स्पेशल फ्यूल अपडेट: अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले देख लें आज की रेट लिस्ट, जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना हुआ महंगा या सस्ता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का निर्धारण कई वैश्विक कारकों द्वारा किया जाता है। इनमें प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन 'ओपेक' (OPEC) की उत्पादन नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), और वैश्विक स्तर पर ईंधन की मांग शामिल हैं। मई 2026 के इस सप्ता

May 24, 2026 - 11:53
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संडे स्पेशल फ्यूल अपडेट: अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले देख लें आज की रेट लिस्ट, जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना हुआ महंगा या सस्ता
संडे स्पेशल फ्यूल अपडेट: अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले देख लें आज की रेट लिस्ट, जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना हुआ महंगा या सस्ता

आज यानी 24 मई 2026 को घरेलू तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल के नवीनतम रेट्स जारी कर दिए गए हैं। भारत में हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों की समीक्षा की जाती है और वैश्विक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों व विदेशी मुद्रा दरों के आधार पर इसमें बदलाव किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर हमारे देश के पेट्रोल पंपों पर देखने को मिलता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तब भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को घरेलू स्तर पर कीमतों में संशोधन करना पड़ता है।

यदि हम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे लखनऊ, नोएडा, कानपुर, बरेली, शाहजहाँपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई की बात करें, तो यहाँ की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। इस अंतर की मुख्य वजह राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वैट (Value Added Tax) और अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट (परिवहन लागत) का भिन्न होना है। उदाहरण के लिए, लखनऊ में जहाँ पेट्रोल आज 99.28 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है, वहीं नोएडा में इसकी कीमत 99.51 रुपये प्रति लीटर है। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में तेल की कीमतें तुलनात्मक रूप से थोड़ी कम हैं, जहाँ पेट्रोल का भाव 98.96 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

इसी तरह देश के अन्य महानगरों और राज्यों की बात करें, तो राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 99.51 रुपये और डीजल का भाव 92.49 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में टैक्स की दरें अधिक होने के कारण पेट्रोल आज 108.45 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी पेट्रोल का रेट 110.61 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर को छू रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु और उसकी राजधानी चेन्नई में आज पेट्रोल की कीमत क्रमशः 105.73 रुपये और 105.38 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी वैट की ऊंची दरों के कारण ईंधन के दाम काफी समय से आम उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित कर रहे हैं।

नीचे दी गई तालिका में देश के विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों और राज्यों में 24 मई 2026 को लागू पेट्रोल और डीजल के लाइव रेट्स (रुपये प्रति लीटर में) को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है। यह डेटा पूरी तरह से भरोसेमंद आर्थिक समाचार वेबसाइट गुडरिटर्न्स (Goodreturns) के लाइव इनपुट्स पर आधारित और पूरी तरह सत्यापित है।

स्थान / शहर / राज्य पेट्रोल का भाव (₹/लीटर) डीजल का भाव (₹/लीटर)
नई दिल्ली (New Delhi) 99.51 92.49
नोएडा (Noida) 99.51 92.84
लखनऊ (Lucknow) 99.28 92.83
कानपुर (Kanpur Urban) 98.96 92.34
बरेली (Bareilly) 99.78 93.12
शाहजहाँपुर (Shahjahanpur) 99.45 92.85
बाराबंकी (Barabanki) 99.42 92.96
मुरादाबाद (Moradabad) 99.56 93.10
आगरा (Agra) 99.20 92.56
हरदोई (Hardoi) 99.64 93.01
कोलकाता (Kolkata) 110.61 97.02
पुणे (Pune) 108.98 95.57
मुंबई (Mumbai) 108.45 95.02
असम (Assam - Average State Price) 103.13 94.57
चेन्नई (Chennai) 105.38 97.40
तमिलनाडु (Tamil Nadu - State) 105.73 97.40
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh - State) 111.69 96.77
राजस्थान (Rajasthan - State) 109.84 94.73

पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों को चलाने का ईंधन नहीं हैं, बल्कि ये देश की संपूर्ण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। जब भी डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन) पर पड़ता है। हमारे देश में अधिकांश फल, सब्जियां, अनाज और औद्योगिक कच्चा माल एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रकों के माध्यम से ही पहुंचाया जाता है। ये ट्रक मुख्य रूप से डीजल से चलते हैं। ऐसे में यदि डीजल महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्टर्स माल ढुलाई का किराया बढ़ा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय बाजारों में रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, ब्रेड, दालें और सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में 'कॉस्ट-पुश इन्फ्लेशन' या लागत जन्य मुद्रास्फीति कहा जाता है।

इसके अलावा, पेट्रोल की बढ़ती कीमतें मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट को पूरी तरह से असंतुलित कर देती हैं। एक आम नौकरीपेशा व्यक्ति जो प्रतिदिन ऑफिस या कार्यस्थल पर जाने के लिए टू-व्हीलर या कार का इस्तेमाल करता है, उसके लिए महीने का फ्यूल खर्च बढ़ जाता है। लोग अपनी अन्य जरूरतों जैसे मनोरंजन, कपड़ों या बाहर खान-पान पर होने वाले खर्चों में कटौती करने को मजबूर हो जाते हैं। यही वजह है कि ईंधन की कीमतों में मामूली सा बदलाव भी देश के हर नागरिक के घर के बजट को प्रभावित करता है और बाजारों में उपभोक्ता मांग पर असर डालता है।

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब पूरे देश के लिए कच्चा तेल एक ही दर पर आयात किया जाता है, तो फिर अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव इतने अलग क्यों होते हैं? इसका उत्तर भारत की टैक्स संरचना में छिपा हुआ है। ईंधन की बेस प्राइस (मूल कीमत) पर सबसे पहले केंद्र सरकार द्वारा 'एक्साइज ड्यूटी' (उत्पाद शुल्क) लगाया जाता है, जो पूरे देश में एक समान होता है। इसके बाद, प्रत्येक राज्य सरकार अपने अनुसार इस पर 'वैट' (Value Added Tax) या सेल्स टैक्स लगाती है।

चूंकि हर राज्य में वैट की दरें अलग-अलग तय की गई हैं, इसलिए राज्यों के बीच ईंधन की कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली की तुलना में मुंबई, जयपुर या भोपाल में वैट की दरें काफी ऊंची हैं, जिसके कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के शहरों में पेट्रोल 108 से 111 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है, जबकि दिल्ली में यह 100 रुपये के अंदर बना हुआ है। इसके अलावा, रिफाइनरी से तेल डिपो और वहां से स्थानीय पेट्रोल पंपों तक तेल पहुंचाने का जो परिवहन खर्च आता है, वह भी दूरी के हिसाब से बदलता है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के अंदर ही लखनऊ, कानपुर, बरेली या हरदोई जैसे पड़ोसी जिलों में भी आपको कुछ पैसों का अंतर देखने को मिल जाता है।

वैश्विक परिस्थितियां और क्रूड ऑयल मार्केट का रुख

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का निर्धारण कई वैश्विक कारकों द्वारा किया जाता है। इनमें प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन 'ओपेक' (OPEC) की उत्पादन नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), और वैश्विक स्तर पर ईंधन की मांग शामिल हैं। मई 2026 के इस सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड की कीमतें लगभग 102 से 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेंड कर रही हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और कुछ क्षेत्रों में चल रहे भू-राजनीतिक संकट के चलते तेल विपणन कंपनियों को सतर्क रुख अपनाना पड़ रहा है। भारतीय तेल कंपनियां लगातार बाजार के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आम उपभोक्ताओं तक सही दरों का लाभ पहुंचाया जा सके और घाटे को भी नियंत्रित रखा जा सके।

यदि आप प्रतिदिन घर से निकलने से पहले अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के सटीक दाम जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने इसके लिए बेहद आसान डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए हैं। उपभोक्ता केवल एक एसएमएस (SMS) भेजकर या संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए चंद सेकेंड में लाइव रेट्स की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  1. इंडियन ऑयल (IOCL): अपने मोबाइल से RSP <स्पेस> शहर का डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर एसएमएस भेजें।

  2. भारत पेट्रोलियम (BPCL): अपने फोन से RSP <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर भेजें।

  3. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): अपने मोबाइल से HPPRICE <स्पेस> शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर सेंड करें।

सभी शहरों के डीलर कोड संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइटों पर आसानी से मिल जाते हैं। इसके माध्यम से आपको हर सुबह बिना किसी परेशानी के बिल्कुल सटीक और आधिकारिक भाव मिल जाएंगे, जिससे आप अपनी यात्रा और ईंधन के खर्च की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं।

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