14 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें: लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, चेन्नई, कोलकाता, मुम्बई और पुणे में ताजा रेट्स। 

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दैनिक आधार पर संशोधित की जाती हैं, और 14 जून 2025 को भी देश के प्रमुख शहरों में इन कीमतों ....

Jun 14, 2025 - 11:41
 0  104
14 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें: लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, चेन्नई, कोलकाता, मुम्बई और पुणे में ताजा रेट्स। 

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दैनिक आधार पर संशोधित की जाती हैं, और 14 जून 2025 को भी देश के प्रमुख शहरों में इन कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य वैट, और डीलर कमीशन जैसे कारकों पर निर्भर करता है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, लेकिन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां इस बढ़ोतरी को अवशोषित करेंगी, जिससे उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। इस खबर में लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, बरेली, चेन्नई, कोलकाता, मुम्बई, और पुणे में 14 जून 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों का विश्लेषण विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर किया गया है।

  • 14 जून 2025 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें

निम्नलिखित कीमतें प्रति लीटर रुपये में हैं और 14 जून 2025 को सुबह 6:00 बजे संशोधित की गई हैं, जैसा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा प्रदान किया गया है। ये आंकड़े NDTV, Financial Express, और Goodreturns जैसे विश्वसनीय स्रोतों से लिए गए हैं।

शहर    पेट्रोल (रु./लीटर)    डीजल (रु./लीटर)
लखनऊ    94.68    87.81
दिल्ली    94.72    87.62
आगरा    94.65    87.74
कानपुर    94.70    87.80
बरेली    94.68    87.81
चेन्नई    100.85    92.43
कोलकाता    103.94    90.76
मुम्बई    104.21    92.15
पुणे    104.50    92.30

नोट: ये कीमतें औसत हैं और डीलर कमीशन या स्थानीय करों के आधार पर मामूली भिन्नता हो सकती है। लखनऊ, आगरा, कानपुर, और बरेली में कीमतें उत्तर प्रदेश के वैट (26.80% पेट्रोल और 17.48% डीजल) के कारण समान हैं, जबकि मेट्रो शहरों में वैट और स्थानीय मांग-आपूर्ति के कारण कीमतें अधिक हैं।

  • कीमतों में हाल के बदलाव

13 जून 2025 को, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की। हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इस वृद्धि को अवशोषित करेंगी, जिससे उपभोक्ता कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, मार्च 2025 में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जिसे लोकसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को राहत देने के कदम के रूप में देखा गया।

लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 28 मई 2025 को 94.68 रुपये थी, और डीजल की कीमत 87.81 रुपये प्रति लीटर थी, जो 14 जून तक स्थिर रही। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है, जो मेट्रो शहरों में सबसे कम है। मुम्बई में पेट्रोल की कीमत 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर है, जो उच्च वैट और परिवहन लागत के कारण अधिक है। चेन्नई और कोलकाता में भी स्थानीय करों के कारण कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।

  • कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं:

अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल मूल्य: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80% आयात करता है। 14 जून 2025 को, ब्रेंट क्रूड की कीमत 81.74 डॉलर प्रति बैरल थी, जो पिछले दिन से 0.54% कम थी। वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान, जैसे लाल सागर संकट, ने तेल की कीमतों को प्रभावित किया है।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: रुपये के कमजोर होने से कच्चे तेल की लागत बढ़ती है। 14 जून 2025 को, 1 डॉलर की कीमत लगभग 83.50 रुपये थी, जो स्थिर थी।
केंद्रीय और राज्य कर: पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क क्रमशः 19.90 रुपये और 15.80 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, राज्य वैट अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में वैट अधिक होने के कारण मुम्बई और पुणे में कीमतें अधिक हैं।
डीलर कमीशन और परिवहन लागत: डीलर कमीशन औसतन 2.50-3.50 रुपये प्रति लीटर है, जो स्थान के आधार पर भिन्न होता है।
वैश्विक मांग और आपूर्ति: हाल के महीनों में वैश्विक तेल मांग में वृद्धि और आपूर्ति व्यवधानों ने कीमतों को स्थिर रखा है।

  • राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रही हैं। विपक्षी दलों, जैसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, ने सरकार पर उच्च करों के जरिए उपभोक्ताओं पर बोझ डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में कहा, “मोदी सरकार ने गिरते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद पेट्रोल और डीजल पर उपकर लगाकर जनता को लूटा है।”

इसके जवाब में, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा कि सरकार ने 2014 से 2025 तक कई बार करों में कटौती की है, और मार्च 2025 में की गई 2 रुपये की कटौती इसका उदाहरण है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई विकसित देशों की तुलना में कम हैं।

  • इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रभाव

पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग ने भी चर्चा को प्रभावित किया है। दिल्ली सरकार ने 2030 तक 30% ईवी प्रवेश का लक्ष्य रखा है और पेट्रोल वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना बनाई है। हालांकि, ईवी उपयोगकर्ताओं ने बैटरी प्रतिस्थापन लागत, चार्जिंग बुनियादी ढांचे की कमी, और रेंज चिंता जैसे मुद्दों की शिकायत की है, जिसके कारण कुछ लोग फिर से पेट्रोल और डीजल वाहनों की ओर लौट रहे हैं।

  • क्षेत्रीय विश्लेषण

लखनऊ, आगरा, कानपुर, बरेली: उत्तर प्रदेश में वैट अपेक्षाकृत कम है, जिसके कारण इन शहरों में पेट्रोल की कीमत 94.65-94.68 रुपये और डीजल 87.74-87.81 रुपये प्रति लीटर है।
दिल्ली: दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है, जो मेट्रो शहरों में सबसे कम है।
मुम्बई और पुणे: महाराष्ट्र में उच्च वैट (30.91% पेट्रोल और 21.49% डीजल) के कारण कीमतें अधिक हैं। मुम्बई में पेट्रोल 104.21 रुपये और पुणे में 104.50 रुपये प्रति लीटर है।
चेन्नई और कोलकाता: चेन्नई में पेट्रोल 100.85 रुपये और डीजल 92.43 रुपये, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये प्रति लीटर है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में वैट और परिवहन लागत के कारण कीमतें अधिक हैं।

Also Read- भारत में 13 जून 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें: शहरवार दरें स्थिर, टाटा ग्रुप की राहत के बीच आर्थिक दबाव।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान, जैसे लाल सागर संकट, और रुपये की स्थिरता कीमतों को प्रभावित कर सकती है। सरकार की ईवी को बढ़ावा देने की नीति और जीएसटी के दायरे में पेट्रोल-डीजल को लाने की मांग भी चर्चा में है। जीएसटी लागू होने पर करों में 20-30% की कमी हो सकती है, जिससे कीमतें कम हो सकती हैं।

14 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन क्षेत्रीय करों और वैश्विक तेल कीमतों के कारण शहरों में भिन्नता देखी गई। लखनऊ, दिल्ली, आगरा, कानपुर, और बरेली में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि मुम्बई, पुणे, चेन्नई, और कोलकाता में उच्च वैट के कारण कीमतें अधिक हैं। सरकार की हालिया कर वृद्धि को तेल कंपनियों द्वारा अवशोषित करने का निर्णय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है, लेकिन विपक्षी दलों की मांग है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow