Today petrol Price: जानें आपके शहर में पेट्रोल व डीजल के ताज़ा भाव — 12 नवम्बर 2025 (शहरवार)
भारत एक विकासशील अर्थव्यवस्था है जहां ऊर्जा संसाधनों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन
भारत एक विकासशील अर्थव्यवस्था है जहां ऊर्जा संसाधनों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन न केवल वाहनों के संचालन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों जैसे परिवहन, कृषि, उद्योग और दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं। 12 नवंबर 2025 को, देश के प्रमुख शहरों और राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे हैं, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों, सरकारी नीतियों और स्थानीय करों पर निर्भर करते हैं। इस रिपोर्ट में, हम दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुम्बई, असम, चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान जैसे क्षेत्रों में इन ईंधनों के भावों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे। यह जानकारी विश्वसनीय स्रोतों जैसे कारडेखो, गुडरिटर्न्स, एनडीटीवी तथा बिजनेस टुडे से संकलित की गई है, जहां दैनिक आधार पर मूल्यों की जांच की जाती है।
ईंधन मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया जटिल है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत प्रतिदिन सुबह 6 बजे संशोधित होती हैं। यह प्रणाली जून 2017 से लागू है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों (जैसे ब्रेंट क्रूड) और विदेशी मुद्रा दरों (डॉलर के मुकाबले रुपये) पर आधारित है। इसके अतिरिक्त, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर जैसे एक्साइज ड्यूटी, वैट और अन्य शुल्क स्थानीय स्तर पर भिन्नताएं पैदा करते हैं। उदाहरणस्वरूप, दिल्ली में वैट की दर 31.4% है, जबकि महाराष्ट्र में यह अधिक हो सकती है। वैश्विक स्तर पर, 12 नवंबर 2025 को ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही, जिसके कारण भारत में ईंधन दामों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। ध्यान दें कि ये भाव रुपये प्रति लीटर में हैं और 12 नवंबर 2025 के सुबह 6 बजे के आंकड़ों पर आधारित हैं।
पेट्रोल और डीजल भावों की तालिका
नीचे दी गई तालिका में सभी उल्लिखित स्थानों के लिए पेट्रोल और डीजल के भाव दिए गए हैं। राज्यों के लिए प्रतिनिधि शहरों (जैसे असम के लिए गुवाहाटी, मध्य प्रदेश के लिए भोपाल, राजस्थान के लिए जयपुर, तमिलनाडु के लिए चेन्नई) का उपयोग किया गया है, क्योंकि राज्य-व्यापी भाव एकसमान नहीं होते। ये आंकड़े कारडेखो, गुडरिटर्न्स और एनडीटीवी जैसे स्रोतों से वेरिफाइड हैं।
|
स्थान |
पेट्रोल (Rs./लीटर) |
डीजल (Rs./लीटर) |
|
दिल्ली |
94.77 |
87.67 |
|
नोएडा |
94.82 |
89.96 |
|
लखनऊ |
95.28 |
89.76 |
|
कानपुर |
95.35 |
89.82 |
|
बरेली |
95.12 |
89.65 |
|
आगरा |
94.42 |
87.47 |
|
हरदोई |
95.05 |
89.58 |
|
कोलकाता |
105.41 |
92.02 |
|
पुणे |
103.15 |
90.45 |
|
मुम्बई |
103.50 |
90.03 |
|
असम (गुवाहाटी) |
99.70 |
90.91 |
|
चेन्नई |
100.80 |
92.39 |
|
तमिलनाडु (चेन्नई) |
100.80 |
92.39 |
|
मध्य प्रदेश (भोपाल) |
97.45 |
91.23 |
|
राजस्थान (जयपुर) |
95.85 |
89.45 |
(नोट: ये भाव 12 नवंबर 2025 के हैं। स्रोत: कारडेखो डॉट कॉम, गुडरिटर्न्स डॉट इन, एनडीटीवी डॉट कॉम। कोई परिवर्तन होने पर स्थानीय पेट्रोल पंप पर जांचें।)
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन भाव
उत्तर प्रदेश, भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, ईंधन खपत में अग्रणी है। यहां परिवहन और कृषि क्षेत्र डीजल पर अत्यधिक निर्भर हैं। 12 नवंबर 2025 को, राज्य में पेट्रोल के भाव औसतन 94-95 रुपये प्रति लीटर के बीच रहे, जबकि डीजल 87-90 रुपये के दायरे में। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल 94.82 रुपये पर उपलब्ध रहा, जो NCR क्षेत्र की स्थिरता को दर्शाता है। गुडरिटर्न्स के अनुसार, नोएडा में वैट की दर के कारण भाव थोड़े ऊंचे हैं, लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में कोई बदलाव नहीं हुआ।
राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 95.28 रुपये प्रति लीटर पर टिका, जो शहर की व्यस्त सड़कों और सरकारी वाहनों की मांग को प्रतिबिंबित करता है। एनडीटीवी के आंकड़ों से वेरिफाई करने पर पाया गया कि डीजल यहां 89.76 रुपये पर स्थिर है, जो ट्रक और बस संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। कानपुर, एक औद्योगिक केंद्र, में पेट्रोल 95.35 रुपये पहुंच गया, जो स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण उपायों के बावजूद मांग के कारण है। डीजल 89.82 रुपये पर रहा, जो कारखानों के लिए राहत की बात है।
बरेली और आगरा जैसे शहरों में भाव अपेक्षाकृत कम हैं। बरेली में पेट्रोल 95.12 रुपये और डीजल 89.65 रुपये, जबकि आगरा में पेट्रोल 94.42 रुपये (सबसे कम) और डीजल 87.47 रुपये रहा। आगरा का यह कम भाव पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देता है, जहां टूरिस्ट वाहन प्रमुख हैं। हरदोई, एक ग्रामीण-प्रधान जिला, में पेट्रोल 95.05 रुपये और डीजल 89.58 रुपये पर रहा, जो किसानों के लिए ट्रैक्टर संचालन में सहायक सिद्ध हुआ। बिजनेस टुडे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ईंधन भावों की स्थिरता राज्य सरकार की सब्सिडी नीतियों का परिणाम है, जो पिछले महीने से चली आ रही है। हालांकि, यदि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी, तो यहां 1-2 रुपये का इजाफा संभव है।
ये भाव न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के दैनिक खर्च को भी। उदाहरण के लिए, लखनऊ में एक औसत परिवार का मासिक ईंधन व्यय 2000-3000 रुपये होता है, जो महंगाई दर को बढ़ाता है।
पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थिति
कोलकाता, पूर्वी भारत का आर्थिक केंद्र, में ईंधन भाव मेट्रो शहरों में सबसे ऊंचे हैं। 12 नवंबर 2025 को पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.02 रुपये पर पहुंच गया। कारडेखो के आंकड़ों से पुष्टि होती है कि यह वृद्धि राज्य के उच्च वैट (लगभग 32%) के कारण है। कोलकाता की बंदरगाह गतिविधियां डीजल की मांग बढ़ाती हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह भाव निर्यात-आयात को महंगा बनाते हैं।
महाराष्ट्र में, पुणे और मुम्बई जैसे शहरों में भाव मध्यम स्तर पर हैं। पुणे में पेट्रोल 103.15 रुपये और डीजल 90.45 रुपये, जबकि मुम्बई में पेट्रोल 103.50 रुपये (मेट्रो में दूसरा सबसे ऊंचा) और डीजल 90.03 रुपये रहा। गुडरिटर्न्स के अनुसार, मुम्बई में लोकल टैक्स के कारण पेट्रोल महंगा है, लेकिन डीजल में हालिया स्थिरता ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत दे रही है। पुणे, आईटी हब होने के नाते, इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान दिखा रहा है, लेकिन अभी भी पारंपरिक ईंधन प्रमुख हैं। महाराष्ट्र सरकार की नीतियां, जैसे ग्रीन एनर्जी सब्सिडी, भविष्य में इन भावों को नियंत्रित करने में मदद करेंगी।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में ईंधन परिदृश्य
असम, पूर्वोत्तर का गेटवे, में गुवाहाटी प्रतिनिधि शहर के रूप में पेट्रोल 99.70 रुपये और डीजल 90.91 रुपये पर रहा। एनडीटीवी के वेरिफिकेशन से पता चलता है कि राज्य की तेल रिफाइनरी (नुमालीगढ़) के कारण भाव अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में 2-3 रुपये अतिरिक्त लग सकते हैं। असम की चाय बागानों और पर्यटन के लिए डीजल महत्वपूर्ण है।
दक्षिण में, चेन्नई (तमिलनाडु का प्रतिनिधि) में पेट्रोल 100.80 रुपये और डीजल 92.39 रुपये रहा। यह भाव ऑटोमोबाइल उद्योग को प्रभावित करते हैं, जहां टाटा और फोर्ड जैसे प्लांट हैं। तमिलनाडु में समग्र रूप से भाव एकसमान हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी कमी देखी जाती है। बिजनेस टुडे के अनुसार, दक्षिणी राज्यों में ईंधन की खपत बढ़ रही है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का संकेत है।
मध्य और पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश और राजस्थान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल 97.45 रुपये और डीजल 91.23 रुपये पर स्थिर रहा। राज्य के कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए डीजल का यह भाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई पंप इससे चलते हैं। गुडरिटर्न्स से वेरिफाई करने पर पाया गया कि यहां वैट 28% है, जो भावों को संतुलित रखता है।
राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 95.85 रुपये और डीजल 89.45 रुपये रहा। रेगिस्तानी राज्य में टूरिज्म और माइनिंग के लिए ईंधन आवश्यक है। कारडेखो के आंकड़े दर्शाते हैं कि राजस्थान में भाव उत्तर भारत से कम हैं, जो राज्य सरकार की टैक्स राहत नीतियों का फल है।
आर्थिक प्रभाव और ऐतिहासिक संदर्भ
ईंधन भाव अर्थव्यवस्था के सूचक हैं। 2025 में, भारत की जीडीपी वृद्धि 7% अनुमानित है, लेकिन ऊंचे ईंधन दाम महंगाई को 5-6% तक धकेल सकते हैं। पिछले वर्ष (2024) में, पेट्रोल 90-100 रुपये के बीच रहा, लेकिन वैश्विक संघर्षों (जैसे यूक्रेन संकट का लंबा प्रभाव) ने इसे अस्थिर किया। 12 नवंबर 2025 को स्थिरता एक सकारात्मक संकेत है।
उपभोक्ता स्तर पर, दिल्ली में 10 लीटर पेट्रोल की लागत 947 रुपये है, जो मध्यम वर्ग के लिए बोझ है। डीजल के भाव ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ाते हैं, जिससे सब्जी और अनाज के दाम प्रभावित होते हैं। सरकार की योजनाएं जैसे पीएम उज्ज्वला और इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी वैकल्पिक ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही हैं।
What's Your Reaction?







