17 अगस्त 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतें: शहरवार अपडेट और विस्तृत विश्लेषण
ये कीमतें विभिन्न स्रोतों, जैसे डायरीटाइम्स और अन्य विश्वसनीय बुलियन वेबसाइटों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित हैं। 17 अगस्त को दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹86
17 अगस्त 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिशीलता, रुपये-डॉलर विनिमय दर, और स्थानीय मांग-आपूर्ति के आधार पर निर्धारित की गईं। भारत में सोना और चांदी न केवल आभूषणों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये निवेश के रूप में भी लोकप्रिय हैं। भारतीय बाजार में ये कीमती धातुएं आर्थिक स्थिरता और मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती हैं। यहां हम दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, चेन्नई, तमिलनाडु, असम, और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख शहरों और राज्यों में 17 अगस्त 2025 को सोने और चांदी की कीमतों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, हम इन कीमतों को प्रभावित करने वाले कारकों, उनके आर्थिक प्रभाव, और उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी जानकारी पर भी चर्चा करेंगे।
17 अगस्त 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें निम्नलिखित थीं (रुपये में, 10 ग्राम सोने और 1 किलोग्राम चांदी के लिए):
- *दिल्ली*: 24 कैरेट सोना ₹86,803, चांदी ₹1,03,500
- *लखनऊ*: 24 कैरेट सोना ₹86,850, चांदी ₹1,03,600
- *कानपुर*: 24 कैरेट सोना ₹86,800, चांदी ₹1,03,550
- *आगरा*: 24 कैरेट सोना ₹86,820, चांदी ₹1,03,570
- *बरेली*: 24 कैरेट सोना ₹86,830, चांदी ₹1,03,580
- *मुंबई*: 24 कैरेट सोना ₹77,347, चांदी ₹93,300
- *कोलकाता*: 24 कैरेट सोना ₹77,345, चांदी ₹94,800
- *पुणे*: 24 कैरेट सोना ₹77,350, चांदी ₹93,350
- *चेन्नई*: 24 कैरेट सोना ₹86,651, चांदी ₹1,10,600
- *तमिलनाडु (औसत)*: 24 कैरेट सोना ₹86,651, चांदी ₹1,10,600
- *असम (गुवाहाटी)*: 24 कैरेट सोना ₹86,900, चांदी ₹1,03,700
- *मध्य प्रदेश (इंदौर)*: 24 कैरेट सोना ₹86,870, चांदी ₹1,03,650
ये कीमतें विभिन्न स्रोतों, जैसे डायरीटाइम्स और अन्य विश्वसनीय बुलियन वेबसाइटों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित हैं। 17 अगस्त को दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹86,803 प्रति 10 ग्राम थी, जबकि चांदी की कीमत ₹1,03,500 प्रति किलोग्राम थी। हालांकि, कुछ स्रोतों ने दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,01,330 और चांदी की कीमत ₹1,16,200 प्रति किलोग्राम बताई, जो स्थानीय करों और डीलर कमीशन के कारण हो सकता है। इस तरह के अंतर को समझने के लिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय ज्वैलर्स या आधिकारिक स्रोतों से कीमतों की पुष्टि करें।
सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं। सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन धातुओं की कीमतें हैं। भारत में सोने की कीमतें वैश्विक मांग, अमेरिकी डॉलर की ताकत, और भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं। 17 अगस्त 2025 को, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें स्थिर थीं, जिसमें यूएस कॉमेक्स पर सोना $3,401.10 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो 0.06% की मामूली वृद्धि दर्शाता है। चांदी की कीमतें भी स्थिर थीं, जो $38.18 प्रति औंस पर थीं। रुपये के मुकाबले डॉलर की विनिमय दर, जो लगभग ₹87.73 थी, ने भी कीमतों को प्रभावित किया। इसके अलावा, भारत में स्थानीय कर, जैसे जीएसटी और आयात शुल्क, साथ ही ज्वैलर्स का मार्जिन, कीमतों में अंतर का कारण बनते हैं।
सोने की कीमतों में हाल के महीनों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। अगस्त 2025 में, 24 कैरेट सोने की कीमत 8 अगस्त को ₹1,02,221 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंची थी, जबकि 5 अगस्त को यह ₹1,00,001 के निम्नतम स्तर पर थी। पिछले एक महीने में 24 कैरेट सोने की कीमत में 5.76% की कमी दर्ज की गई, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मांग में कमी का परिणाम हो सकता है। चांदी की कीमतों में भी मामूली कमी देखी गई, जो 17 अगस्त को दिल्ली में ₹1,03,500 प्रति किलोग्राम थी, जबकि पिछले दिन यह ₹1,03,600 थी। यह कमी वैश्विक बाजार में चांदी की मांग में कमी और स्थानीय कारकों का परिणाम थी।
भारत में सोना और चांदी सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। शादी-विवाह और त्योहारी मौसम, जैसे जन्माष्टमी, जो 17 अगस्त 2025 के आसपास मनाई गई, के दौरान सोने की मांग बढ़ जाती है। इस अवधि में, उपभोक्ता आभूषण खरीदने के लिए बाजार में सक्रिय रहते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, 2025 में वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं और निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखी गई। कुछ स्रोतों ने बताया कि सोने की कीमतें पिछले साल की तुलना में 41.60% अधिक थीं, जो इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाता है।[](https://bullions.co.in/)
शहरों के बीच कीमतों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण होता है। उदाहरण के लिए, मुंबई और कोलकाता में सोने की कीमतें दिल्ली की तुलना में कम थीं, जो संभवतः स्थानीय बुलियन एसोसिएशन द्वारा निर्धारित दरों और कम वैट के कारण था। चेन्नई और तमिलनाडु में चांदी की कीमतें ₹1,10,600 प्रति किलोग्राम थीं, जो अन्य शहरों की तुलना में अधिक थीं, क्योंकि दक्षिण भारत में चांदी की मांग अधिक रहती है। असम और मध्य प्रदेश में कीमतें दिल्ली के करीब थीं, लेकिन स्थानीय ज्वैलर्स के मार्जिन के कारण मामूली अंतर देखा गया।
उपभोक्ताओं के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि सोने और चांदी की कीमतें रोजाना बदलती हैं। मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स और तनिष्क जैसे विश्वसनीय ज्वैलर्स दैनिक दरें अपडेट करते हैं, और उपभोक्ता उनकी वेबसाइटों या स्टोर्स से सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।, इसके अलावा, बुलियन वेबसाइट्स जैसे bullions.co.in और goldpriceindia.com भी वास्तविक समय में कीमतें प्रदान करती हैं।, उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी से पहले कई स्रोतों से कीमतों की तुलना करें, क्योंकि डीलर कमीशन और अन्य शुल्क अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
सोने और चांदी की कीमतों का आर्थिक प्रभाव व्यापक है। उच्च कीमतें उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को प्रभावित करती हैं, खासकर शादी-विवाह जैसे अवसरों पर, जब आभूषणों की खरीदारी चरम पर होती है। इसके अलावा, निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के समय। 2025 में, सोने की कीमतों में 30.59% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इसे मुद्रास्फीति के खिलाफ एक मजबूत बचाव बनाता है। चांदी, जो औद्योगिक उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण है, की कीमतें भी स्थिर रहीं, जिससे यह निवेशकों और उद्योगों के लिए आकर्षक रही।
भविष्य में, सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक रुझानों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों, और भारत में नीतिगत बदलावों पर निर्भर करेंगी। सरकार द्वारा आयात शुल्क में किसी भी बदलाव या नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से चांदी की मांग प्रभावित हो सकती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से कीमतों की निगरानी करें और निवेश या खरीदारी के लिए सही समय का चयन करें।
निष्कर्षतः, 17 अगस्त 2025 को भारत में सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहीं, जिसमें दिल्ली, लखनऊ, और कानपुर जैसे शहरों में कीमतें अन्य महानगरों की तुलना में समान थीं। मुंबई और कोलकाता में सोना अपेक्षाकृत सस्ता था, जबकि चेन्नई में चांदी की कीमतें अधिक थीं। उपभोक्ताओं को आधिकारिक स्रोतों से कीमतों की पुष्टि करनी चाहिए और अपनी खरीदारी को सोच-समझकर करना चाहिए।
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