भारत में 2 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतें: लखनऊ, दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता में मामूली उतार-चढ़ाव।
भारत में 2 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया, जो वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती...
नई दिल्ली : भारत में 2 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया, जो वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, और घरेलू मांग जैसे कारकों का परिणाम है। देश के प्रमुख शहरों—लखनऊ, दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, मुंबई, और कोलकाता—में सोने की कीमतें 24 कैरेट और 22 कैरेट श्रेणियों में स्थिर रहीं, जबकि चांदी की कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई। यह डेटा विश्वसनीय स्रोतों जैसे Goodreturns.in, FinancialExpress.com, और The Hindu BusinessLine से प्राप्त किया गया है।
- शहरों में सोने और चांदी की कीमतें (2 जून 2025)
निम्नलिखित डेटा Goodreturns.in और FinancialExpress.com से लिया गया है, जो 2 जून 2025 को प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों को दर्शाता है:
नई दिल्ली:
24 कैरेट सोना: ₹95,600 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹87,780 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,110 प्रति किलोग्राम
मुंबई:
24 कैरेट सोना: ₹95,760 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹87,780 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,280 प्रति किलोग्राम
चेन्नई:
24 कैरेट सोना: ₹96,040 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹88,040 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,740 प्रति किलोग्राम
कोलकाता:
24 कैरेट सोना: ₹95,760 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹87,780 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,280 प्रति किलोग्राम
अहमदाबाद:
24 कैरेट सोना: ₹95,890 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹87,910 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,240 प्रति किलोग्राम
लखनऊ:
24 कैरेट सोना: ₹95,600 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: ₹87,780 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,110 प्रति किलोग्राम
गुजरात (औसत):
24 कैरेट सोना: ₹95,890 प्रति 10 ग्राम (अहमदाबाद के आधार पर)
22 कैरेट सोना: ₹87,910 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹97,240 प्रति किलोग्राम
ये कीमतें स्थानीय करों, परिवहन लागत, और बाजार की मांग के आधार पर शहरों में भिन्न हैं। चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें अन्य शहरों की तुलना में अधिक हैं, क्योंकि यह एक प्रमुख बंदरगाह शहर है, जहां आयात लागत कम होती है। दूसरी ओर, दिल्ली और लखनऊ में चांदी की कीमतें मुंबई और कोलकाता से थोड़ी कम हैं। सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर COMEX (कमोडिटी एक्सचेंज) पर निर्भर करती हैं, जहां सोना 2 जून 2025 को $3,150 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक व्यापार तनाव, सोने को एक सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) बनाते हैं। चांदी की कीमतें भी वैश्विक मांग, विशेष रूप से औद्योगिक और चिकित्सा क्षेत्रों में, से प्रभावित होती हैं। भारत में सोने और चांदी की कीमतें आयात पर निर्भर हैं, और रुपये की तुलना में डॉलर की मजबूती कीमतों को बढ़ाती है। जून 2025 में रुपये की स्थिति स्थिर रही, जिसके कारण कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ। भारत में सोने और चांदी की मांग शादी-विवाह के मौसम, त्योहारों (जैसे दीवाली और अक्षय तृतीया), और निवेश के रुझानों से प्रभावित होती है। 2 जून 2025 को मांग सामान्य रही, क्योंकि यह त्योहारी सीजन से पहले का समय है। चांदी की मांग औद्योगिक उपयोग, जैसे सौर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स, के कारण भी बढ़ रही है। सोने पर 3% जीएसटी और 10% आयात शुल्क लगता है, जबकि चांदी पर भी समान जीएसटी लागू होता है। ये कर कीमतों को बढ़ाते हैं, खासकर चेन्नई और मुंबई जैसे बंदरगाह शहरों में, जहां आयात लागत अधिक होती है। कई शहरों में स्थानीय ज्वैलर्स और व्यापारी संगठन कीमतों को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, अहमदाबाद और जयपुर चांदी के आयात केंद्र बन गए हैं, जिससे वहां की कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं।
2 जून 2025 को सोने की कीमतें पिछले कुछ दिनों की तुलना में स्थिर रहीं। Goodreturns.in के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमतें दिल्ली में ₹95,600 और चेन्नई में ₹96,040 प्रति 10 ग्राम थीं, जो पिछले दिन की तुलना में ₹640 की वृद्धि दर्शाती हैं। 22 कैरेट सोने की कीमतें भी समान रूप से स्थिर रहीं, जो ज्वैलरी खरीदने वालों के लिए महत्वपूर्ण है। चांदी की कीमतें, दूसरी ओर, मामूली रूप से गिरीं। FinancialExpress.com के अनुसार, चांदी की कीमत दिल्ली में ₹97,110 प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले दिन की तुलना में ₹8 कम थी। चेन्नई में चांदी की कीमत सबसे अधिक ₹97,740 प्रति किलोग्राम थी, जो वहां की मजबूत औद्योगिक मांग को दर्शाता है। सोने और चांदी की कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था और समाज पर गहरा प्रभाव डालती हैं। भारत दुनिया में सोने का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, और यह देश की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का हिस्सा है। शादी-विवाह और त्योहारों के दौरान सोने की मांग बढ़ने से कीमतें प्रभावित होती हैं। उदाहरण के लिए, कोलकाता और चेन्नई में सोने की कीमतें अधिक होने के कारण वहां के उपभोक्ता छोटी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। चांदी, जिसे “गरीबों का सोना” कहा जाता है, निवेशकों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आकर्षक है। इसकी कीमत सोने की तुलना में सात गुना कम होने के कारण यह मध्यम वर्ग के लिए किफायती निवेश विकल्प है। लखनऊ और अहमदाबाद जैसे शहरों में चांदी की मांग बढ़ रही है, क्योंकि लोग इसे दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रहे हैं।
एक्स पर हाल की पोस्ट्स में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर चर्चा देखी गई। YourStory_Hindi ने 27 मई 2025 को बताया कि दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹98,280 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,00,000 प्रति किलोग्राम पर स्थिर थी। हालांकि, 2 जून तक कीमतों में मामूली कमी आई। Jansatta ने 30 मई को सोने की कीमतों में बदलाव की खबर दी, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा गया। भारत सरकार सोने और चांदी के आयात को नियंत्रित करने के लिए कई नीतियां लागू कर रही है। आयात शुल्क और जीएसटी के अलावा, सरकार ने हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया है, जो सोने और चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करता है।
यह उपभोक्ताओं को विश्वसनीयता प्रदान करता है, खासकर मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े बाजारों में। 2 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहीं, जिसमें चेन्नई में सबसे अधिक और दिल्ली में सबसे कम कीमतें दर्ज की गईं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, रुपये की स्थिरता, और घरेलू मांग ने इन कीमतों को प्रभावित किया। सोना और चांदी न केवल निवेश के साधन हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का हिस्सा भी हैं। सरकार की नीतियां और हॉलमार्किंग जैसे कदम उपभोक्ताओं को विश्वास दिलाते हैं, जबकि निवेशकों के लिए चांदी एक किफायती विकल्प बनी हुई है। आने वाले महीनों में कीमतों में और बदलाव की उम्मीद है, जिस पर निवेशकों और उपभोक्ताओं को नजर रखनी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि 2025 में सोने की कीमतें ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम को पार कर सकती हैं, जैसा कि रॉबर्ट कियोसकी ने भविष्यवाणी की थी। चांदी की कीमतें भी औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बढ़ सकती हैं।
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