07 नवम्बर 2025: प्रमुख शहरों में पेट्रोल व डीजल के भाव — VERIFIED रिपोर्ट

भारत में आज यानी शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के भाव स्थिर रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में हल्की नरमी और रुपये की

Nov 7, 2025 - 12:28
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07 नवम्बर 2025: प्रमुख शहरों में पेट्रोल व डीजल के भाव — VERIFIED रिपोर्ट
07 नवम्बर 2025: प्रमुख शहरों में पेट्रोल व डीजल के भाव — VERIFIED रिपोर्ट

भारत में आज यानी शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के भाव स्थिर रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में हल्की नरमी और रुपये की स्थिरता के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने दामों में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि राज्यवार टैक्स व वैट दरों के चलते अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर बना हुआ है।

इस रिपोर्ट में 07 नवम्बर 2025 के दिन के ताज़ा दरें शामिल हैं। भावों को GoodReturns, CarDekho, MoneyControl, IndiaToday और BusinessToday जैसे विश्वसनीय पोर्टलों के आंकड़ों से मिलान कर सत्यापित किया गया है।


शहरवार पेट्रोल और डीजल के भाव (07 नवम्बर 2025)

शहर / राज्य

पेट्रोल (Rs./लीटर)

डीजल (Rs./लीटर)

दिल्ली

94.77

87.67

नोएडा

95.00

89.17

लखनऊ

94.69

87.81

कानपुर

96.18

87.98

बरेली

94.94

88.10

आगरा

94.42

88.10

हरदोई

94.94

88.10

कोलकाता

105.41

92.02

पुणे

103.82

90.57

मुम्बई

103.50

90.03

असम (गुवाहाटी)

98.20

89.46

चेन्नई / तमिलनाडु

100.90

92.48

मध्य प्रदेश (भोपाल)

106.28

91.68

राजस्थान (जयपुर)

104.72

90.21


ईंधन बाजार का हाल

देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें Oil Marketing Companies (OMCs) द्वारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं।
07
नवम्बर को लगभग सभी बड़े शहरों में ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।

दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमत Rs.94 से Rs.96 प्रति लीटर के बीच बनी रही। वहीं मुंबई, पुणे और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों में यह दर Rs.100 से Rs.104 प्रति लीटर तक पहुंची।

डीजल के दाम भी ज्यादातर शहरों में Rs.87 से Rs.92 के बीच रहे।


राज्यों के अनुसार अंतर क्यों होता है

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) पर निर्भर करती हैं।
केंद्र की ओर से बेस प्राइस तय होता है, लेकिन हर राज्य अपना वैट जोड़ता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज और डीलर कमीशन भी कुल रिटेल कीमत पर असर डालते हैं।

इसी वजह से कोलकाता, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों में दरें अधिक हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अपेक्षाकृत कम हैं।


पेट्रोलडीजल रेट स्थिर रहने के कारण

  1. वैश्विक क्रूड ऑयल में संतुलन:
    ब्रेंट क्रूड की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही, जिससे घरेलू कीमतों पर दबाव नहीं बढ़ा।
  2. रुपये की स्थिरता:
    डॉलर के मुकाबले रुपया 83.12 के आसपास टिका रहा।
  3. सरकारी करों में कोई बदलाव नहीं:
    केंद्र सरकार ने इस माह एक्साइज ड्यूटी में कोई परिवर्तन नहीं किया है।
  4. त्योहारी मौसम की डिमांड:
    दीवाली के बाद भी लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की डिमांड बनी हुई है, लेकिन आपूर्ति सामान्य है।

सत्यापन प्रक्रिया (Verification Process)

इस रिपोर्ट के आंकड़ों को तैयार करने के लिए निम्न विधि अपनाई गई:

  • हर शहर के लिए दो या अधिक विश्वसनीय पोर्टलों से रेट्स की तुलना की गई।
  • जिन शहरों में छोटे अंतर पाए गए, वहां औसत निकालकर तालिका में दरें दी गई हैं।
  • सभी स्रोतों की तारीख 07 नवम्बर 2025 की सुबह के अपडेट से मेल खाती हैं।
  • किसी भी प्रकार का बाहरी लिंक या प्रचारक डेटा शामिल नहीं किया गया है।

वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की मांग अब भी उच्च बनी हुई है। अमेरिका और यूरोप में सर्दियों की शुरुआत के कारण डीजल की खपत बढ़ी है।
सऊदी अरब और रूस जैसे देशों की उत्पादन नीतियों के चलते आपूर्ति पर भी असर पड़ा है, लेकिन फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि नवंबर के अंत तक कीमतों में बड़ी उछाल की संभावना नहीं है।


आर्थिक दृष्टि से विश्लेषण

भारत की ऊर्जा खपत विश्व में तीसरे स्थान पर है। लगभग 85% कच्चा तेल आयात किया जाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हलचल का सीधा असर देश में पड़ता है।
हालांकि केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में टैक्स संरचना में बदलाव कर कुछ राहत दी थी, जिससे कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

राज्य सरकारें अपने राजस्व की जरूरतों के अनुसार वैट दरों को तय करती हैं। यही कारण है कि दिल्ली और जयपुर जैसे दो पड़ोसी राज्यों में Rs.10 तक का अंतर दिख सकता है।


आने वाले दिनों में संभावित रुझान

विश्लेषकों का मानना है कि अगले दो हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का मूल्य 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
हालांकि यदि मध्यपूर्व क्षेत्र में कोई भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो दरों में मामूली उछाल आ सकता है।


वाहन चालकों और उपभोक्ताओं के लिए सुझाव

  1. हमेशा पेट्रोल पंप पर लगी डिजिटल डिस्प्ले रेट लिस्ट देखकर ही ईंधन भरवाएं।
  2. यदि आप लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जांच लें कि किन शहरों में दरें कम हैं।
  3. कई राज्यों में सरकारें समय-समय पर टैक्स समायोजन करती हैं, जिससे दरों में परिवर्तन संभव है।
  4. पेट्रोल और डीजल दोनों में एथेनॉल ब्लेंडिंग रेट बढ़ने से कुछ क्षेत्रों में माइलेज पर असर देखा जा रहा है।
  5. वाहन उपयोगकर्ताओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सुबह के समय ईंधन की मात्रा थोड़ी अधिक सटीक रहती है, क्योंकि तापमान कम होने से वाष्पीकरण कम होता है।

पर्यावरणीय पहलू

पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ पर्यावरणीय प्रभाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सरकार धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है। 2025 में भारत में ईवी वाहनों की बिक्री में 20% से अधिक वृद्धि हुई है।
भविष्य में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के लिए ग्रीन एनर्जी नीतियाँ प्रभावी की जा रही हैं।


07 नवम्बर 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे।
दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और यूपी के अन्य शहरों में पेट्रोल Rs.94–96 प्रति लीटर के दायरे में रहा, जबकि मुंबई, पुणे, जयपुर और भोपाल जैसे शहरों में यह Rs.103–106 प्रति लीटर तक पहुंचा।
डीजल की कीमतें Rs.87–92 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आती तो आने वाले हफ्तों में उपभोक्ताओं को किसी बड़ी बढ़ोतरी की चिंता नहीं करनी चाहिए।


नोट (Disclaimer)

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। सभी आंकड़े 07 नवम्बर 2025 की सुबह के verified पोर्टल-रेट्स पर आधारित हैं।
स्थानीय पेट्रोल पंपों पर अंतिम दरें कुछ रुपये ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
खरीद या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले नज़दीकी स्टेशन पर ताज़ा रेट की पुष्टि अवश्य करें।

 

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