Politics: वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की जयंती, आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय नेता को श्रद्धांजलि।
YS Rajasekhara Reddy Jayanti: वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के कडपा जिले के पुलिवेंदुला में एक ईसाई रेड्डी परिवार में हुआ था। वह अपने पिता वाई.एस.....
YS Rajasekhara Reddy Jayanti: वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के कडपा जिले के पुलिवेंदुला में एक ईसाई रेड्डी परिवार में हुआ था। वह अपने पिता वाई.एस. राजा रेड्डी के पांच बेटों में सबसे बड़े थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बेल्लारी और विजयवाड़ा के लोयोला कॉलेज में पूरी की। इसके बाद, उन्होंने गुलबर्गा विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई की और तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मेडिकल कॉलेज से हाउस सर्जन के रूप में प्रशिक्षण लिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने जम्मालमडुगु में सीएसआई-कैंपबेल मिशन हॉस्पिटल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम किया। 1973 में, उन्होंने अपने पिता के नाम पर पुलिवेंदुला में 70 बिस्तरों वाला एक चैरिटेबल हॉस्पिटल स्थापित किया। YSR ने 1978 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने अपने करियर में कभी भी कोई चुनाव नहीं हारा, चाहे वह विधानसभा हो या लोकसभा। उन्होंने पुलिवेंदुला से छह बार (1978, 1983, 1985, 1999, 2004, और 2009) विधानसभा चुनाव जीता और कडपा से चार बार (1989, 1991, 1996, और 1998) लोकसभा सांसद चुने गए। उनकी सादगी, पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनने की शैली, और जनता से सीधा जु्रोत ने उन्हें एक अलग पहचान दी।
- मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल और उपलब्धियां
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने 2004 से 2009 तक आंध्र प्रदेश के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल को एक सुनहरा दौर माना जाता है, क्योंकि उन्होंने कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, जिन्होंने गरीबों, किसानों, और समाज के कमजोर वर्गों के जीवन को बेहतर बनाया। उनकी कुछ प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:
आरोग्यश्री: यह योजना गरीब परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग मुफ्त में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते थे। यह योजना आज भी उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
मुफ्त बिजली और किसानों के लिए समर्थन: YSR ने किसानों को मुफ्त बिजली दी, जिससे उनकी खेती की लागत कम हुई। साथ ही, उन्होंने ऋण माफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी योजनाएं लागू कीं, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिली।
108 और 104 आपातकालीन सेवाएं: YSR ने 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू की, जो आज भी आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाने में मदद करती है। 104 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाईं।
जलयज्ञम परियोजना: इस परियोजना के तहत, YSR ने 40 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा। कई बड़े, मध्यम, और छोटे सिंचाई प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए, जिससे खेती को बढ़ावा मिला।
शिक्षा और आवास योजनाएं: उन्होंने गरीब छात्रों के लिए फीस रीइंबर्समेंट योजना शुरू की, जिससे उच्च शिक्षा सुलभ हुई। साथ ही, इंदिरम्मा आवास योजना के तहत ग्रामीण गरीबों को सस्ते घर उपलब्ध कराए गए।
नक्सलवाद पर नियंत्रण: उनके कार्यकाल में नक्सलवाद की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया गया, जिससे राज्य में शांति और सुरक्षा बढ़ी।
YSR की ये योजनाएं इतनी प्रभावी थीं कि उन्होंने न केवल गरीबों का जीवन बदला, बल्कि उन्हें जनता का प्रिय नेता भी बनाया। उनकी सादगी और जनता से सीधे जुड़ने की शैली ने उन्हें 'लोगों का नेता' बनाया।
- 2003 की पदयात्रा और राजनीतिक प्रभाव
2003 में, YSR ने आंध्र प्रदेश में 60 दिनों तक 1,500 किलोमीटर की पदयात्रा की, जिसमें उन्होंने 11 जिलों को कवर किया। इस 'प्रजा प्रस्थानम' पदयात्रा के दौरान, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके लिए काम करने का वादा किया। इस यात्रा ने उन्हें 2004 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता में लाने में मदद की। यह यात्रा इतनी प्रभावशाली थी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' को YSR की इस पदयात्रा से प्रेरित बताया। YSR की इस यात्रा ने उन्हें जनता के करीब लाया और उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनी, जो लोगों की समस्याओं को समझता है। उनकी इस रणनीति ने न केवल उनकी पार्टी को मजबूत किया, बल्कि विपक्षी दलों को भी हैरान कर दिया।
- उनकी मृत्यु और विरासत
2 सितंबर 2009 को, YSR की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जब वह नल्लमाला जंगल क्षेत्र में 'रक्षा बंधन' कार्यक्रम के लिए चित्तूर जा रहे थे। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी पांच लोगों की मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु ने पूरे आंध्र प्रदेश को सदमे में डाल दिया, और लाखों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। YSR की मृत्यु के बाद, उनकी विरासत को उनके बेटे वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और बेटी वाई.एस. शर्मिला ने आगे बढ़ाया। जगन ने 2010 में YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) बनाई और 2019 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार ने YSR की जयंती को 'किसान दिवस' (Rythu Dinotsavam) के रूप में मनाने का फैसला किया, जो उनके किसान-हितैषी कार्यों को दर्शाता है। शर्मिला, जो अब आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष हैं, भी अपने पिता की विचारधारा को आगे बढ़ा रही हैं।
- जयंती पर श्रद्धांजलि और समारोह
8 जुलाई 2025 को, YSR की 76वीं जयंती पर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई समारोह आयोजित किए गए। YSRCP और कांग्रेस नेताओं ने उनके स्मारक YSR घाट, इदुपुलपाया, कडपा में श्रद्धांजलि अर्पित की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "आपके प्रयासों ने लोगों के दिलों में जगह बनाई। आपकी प्रेरणा मुझे इन लक्ष्यों को हासिल करने में मार्गदर्शन करती है।" कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी YSR को श्रद्धांजलि दी और उनकी पदयात्रा को अपनी भारत जोड़ो यात्रा की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि अगर YSR आज जीवित होते, तो आंध्र प्रदेश की स्थिति पूरी तरह अलग होती। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने भी YSR की गरीब-कल्याण योजनाओं और कृषि सुधारों की सराहना की। YSRCP ने ताडेपल्ली में अपने केंद्रीय कार्यालय में रक्तदान शिविर और गरीबों को कपड़े वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए। पार्टी के महासचिव सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि YSR की विरासत को जगन मोहन रेड्डी अपनी जन-केंद्रित सरकार के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।
YSR की नीतियों और योजनाओं का प्रभाव आज भी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में देखा जा सकता है। उनकी आरोग्यश्री योजना ने लाखों गरीबों को मुफ्त इलाज प्रदान किया, और जलयज्ञम परियोजना ने कृषि को नई दिशा दी। उनकी मृत्यु के बाद भी, उनकी योजनाएं जैसे 108 एम्बुलेंस सेवा और फीस रीइंबर्समेंट आज भी लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। YSR की सबसे बड़ी ताकत थी उनकी जनता से सीधी बातचीत। वह हर दिन अपने बंगले पर 'प्रजा दरबार' आयोजित करते थे, जहां लोग अपनी समस्याएं लेकर आ सकते थे। उनकी सादगी और पारदर्शिता ने उन्हें एक ऐसा नेता बनाया, जिसे लोग आज भी याद करते हैं। वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनकी जयंती पर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोग उन्हें न केवल एक मुख्यमंत्री के रूप में, बल्कि एक दयालु और समर्पित इंसान के रूप में याद करते हैं। उनकी योजनाएं, जैसे आरोग्यश्री, जलयज्ञम, और मुफ्त बिजली, आज भी लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बना रही हैं।
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