Political News: बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप ने छोड़ी बीजेपी: 'अब मैं बीजेपी में नहीं हूं' - एक नई सियासी शुरुआत की ओर।
बिहार के चर्चित यूट्यूबर और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से बोलने वाले मनीष कश्यप ने 7 जून, 2025 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा...
बिहार के चर्चित यूट्यूबर और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से बोलने वाले मनीष कश्यप ने 7 जून, 2025 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से इसकी घोषणा करते हुए कहा, "अब मैं बीजेपी में नहीं हूं।" इस घोषणा ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी और उनके समर्थकों के बीच नई अटकलों को जन्म दिया। मनीष कश्यप, जो अपनी बेबाक पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं, ने बीजेपी में शामिल होने के बाद से कई विवादों का सामना किया था। उनकी इस घोषणा के पीछे कई घटनाएं और कारण हैं, जो उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन को प्रभावित करते हैं।
- मनीष कश्यप का बीजेपी में प्रवेश
मनीष कश्यप, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड के डुमरी महनवा गांव के रहने वाले हैं, ने 25 अप्रैल, 2024 को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। यह निर्णय उन्होंने अपनी मां के आग्रह और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के प्रोत्साहन पर लिया था। मनीष ने उस समय कहा था कि उनकी मां ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करने के लिए बीजेपी में शामिल होने की सलाह दी थी। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में मनोज तिवारी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई थी।
मनीष कश्यप ने बीजेपी में शामिल होने से पहले पश्चिम चंपारण लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि, बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने यह फैसला वापस ले लिया और पार्टी के लिए प्रचार करने का निर्णय लिया। बीजेपी में शामिल होने के बाद मनीष ने कहा था कि वह बिहार को मजबूत करने और सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी के साथ काम करेंगे। लेकिन, उनका बी PARTY में सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।
- बीजेपी छोड़ने के कारण
मनीष कश्यप के बीजेपी छोड़ने का निर्णय कई घटनाओं और असंतोष का परिणाम माना जा रहा है। उनकी घोषणा के पीछे कुछ प्रमुख कारण सामने आए हैं:
पटना मेडिकल कॉलेज में मारपीट की घटना
मई 2025 में, मनीष कश्यप एक मरीज के इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) गए थे। वहां उनकी एक महिला डॉक्टर से बहस हो गई, जिसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने उनकी पिटाई कर दी। मनीष ने इस घटना को अपमानजनक बताया और कहा कि बीजेपी ने इस मामले में उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग "धृतराष्ट्र" बन गए हैं, जिसके कारण "दुर्योधन" जैसे लोगों का मनोबल बढ़ रहा है। इस घटना ने उनके बीजेपी के प्रति असंतोष को बढ़ाया।
पुलिस कार्रवाई और FIR
मार्च 2025 में, मनीष कश्यप के यूट्यूब चैनल पर छपरा के दिघवारा थाने में महिलाओं की पिटाई से संबंधित एक खबर प्रसारित होने के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में मनीष ने कहा कि वह अपनी गिरफ्तारी देने के लिए छपरा गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद मनीष ने बीजेपी से इस्तीफा देने की बात कही थी, हालांकि उस समय उन्होंने अपना निर्णय टाल दिया था। यह घटना उनके और बीजेपी के बीच बढ़ते तनाव का एक और संकेत थी।
पार्टी में अपेक्षित सम्मान की कमी
मनीष कश्यप ने कई बार यह जाहिर किया कि उन्हें बीजेपी में वह सम्मान और भूमिका नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उनकी लोकप्रियता और यूट्यूब पर 8.75 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स के बावजूद, पार्टी ने उन्हें कोई बड़ा पद या जिम्मेदारी नहीं दी। मनीष ने अपने समर्थकों के बीच यह भावना व्यक्त की कि बीजेपी में शामिल होना उनकी गलती थी।
जन सुराज पार्टी के साथ मुलाकात
मनीष कश्यप की जन सुराज पार्टी के उपाध्यक्ष यदुवंश गिरी से मुलाकात ने बिहार की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया। यह मुलाकात मई 2025 में हुई थी, और इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि मनीष प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन इस मुलाकात ने उनके बीजेपी छोड़ने के निर्णय को और बल दिया।
फेसबुक लाइव में इस्तीफे की घोषणा
7 जून, 2025 की रात को मनीष कश्यप ने फेसबुक लाइव के जरिए अपने बीजेपी छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "अब मैं बीजेपी में नहीं हूं।" इस घोषणा के साथ उन्होंने अपने समर्थकों से उनकी गलतियों को माफ करने और उन्हें एक और मौका देने की अपील की। मनीष ने यह भी संकेत दिया कि वह अपनी पुरानी शैली में वापस लौटेंगे और जनता के मुद्दों को फिर से उसी जोश के साथ उठाएंगे।
इस लाइव सत्र में मनीष ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि वह जनता की आवाज बनकर काम करना चाहते हैं और उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य हमेशा से बिहार के लोगों के हित में रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं आएंगे और अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखेंगे।
- मनीष कश्यप का अतीत और विवाद
मनीष कश्यप का सफर यूट्यूबर से राजनेता तक का रहा है, लेकिन यह विवादों से भरा रहा है। 2023 में, तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ मारपीट का एक फर्जी वीडियो उनके यूट्यूब चैनल पर शेयर करने के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं। इस मामले में तमिलनाडु और बिहार पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की, और उन्हें 9 महीने तक जेल में रहना पड़ा। मनीष ने इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई का भी सामना किया। जेल से रिहाई के बाद, उन्होंने बिहार सरकार और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा था।
मनीष की यूट्यूब पत्रकारिता ने उन्हें बिहार में एक बड़ा समर्थक वर्ग दिलाया। उनके चैनल 'सच तक' पर वह बिहार के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाते रहे हैं। हालांकि, उनकी बेबाकी ने उन्हें कई बार कानूनी और सामाजिक विवादों में भी डाला।
मनीष कश्यप के बीजेपी छोड़ने के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। उनकी जन सुराज पार्टी के साथ मुलाकात ने यह संकेत दिया है कि वह प्रशांत किशोर की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, उनके समर्थक चाहते हैं कि वह 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चनपटिया सीट से फिर से चुनाव लड़ें, जहां से वह 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में हार गए थे।
मनीष ने अपने समर्थकों से कहा है कि वह जल्द ही उनके साथ बैठकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे। उनकी लोकप्रियता और यूट्यूब पर विशाल दर्शक वर्ग उन्हें बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बनाता है। अगर वह जन सुराज पार्टी में शामिल होते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक नया समीकरण पैदा कर सकता है।
मनीष कश्यप का बीजेपी छोड़ना न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में भी एक नई हलचल का संकेत देता है।
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