AIMIM ने अबू आज़मी के गढ़ मानखुर्द-गोवंडी में कई वार्ड जीते, राज्य भर में 95 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 में गोवंडी-मानखुर्द क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की

Jan 17, 2026 - 11:50
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AIMIM ने अबू आज़मी के गढ़ मानखुर्द-गोवंडी में कई वार्ड जीते, राज्य भर में 95 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया।
AIMIM ने अबू आज़मी के गढ़ मानखुर्द-गोवंडी में कई वार्ड जीते, राज्य भर में 95 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया।
  • ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में मजबूत प्रदर्शन किया, मुंबई के गोवंडी-मानखुर्द क्षेत्र में क्लीन स्वीप हासिल किया
  • असदुद्दीन ओवैसी की रैलियों और अभियान से AIMIM ने महाराष्ट्र के 13 नगर निगमों में प्रभाव बढ़ाया, मुंबई में 8 सीटें प्राप्त कीं

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 में गोवंडी-मानखुर्द क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जहां पार्टी ने कई वार्डों में क्लीन स्वीप किया। यह क्षेत्र समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जो चार बार के विधायक हैं। AIMIM ने वार्ड नंबर 134 (मानखुर्द गांव-मंडाला गांव) में मेहजबीन अतीक अहमद को जीत दिलाई, जिन्होंने 8,414 वोट प्राप्त किए और कांग्रेस प्रत्याशी बेंजीर दिवाते को 2,216 वोटों के अंतर से हराया। इसी क्षेत्र में पार्टी ने वार्ड 136, 137, 138, 139, 140 और 143 सहित सात लगातार वार्ड जीते। वार्ड 137 में पटेल शमीर रमजान ने 8,665 वोटों से जीत दर्ज की और शिवसेना (शिंदे गुट) की आयेशा रफीक को 4,370 वोटों के अंतर से हराया। वार्ड 145 में खैरुनिसा अकबर हुसैन ने 7,653 वोटों से स्वतंत्र प्रत्याशी दीपक फलोद को 2,095 वोटों से हराया। मुंबई में AIMIM ने कुल 8 सीटें जीतीं, जो 2017 के दो सीटों से काफी अधिक है। इस बढ़ोतरी से पार्टी BMC में ग्रुप लीडर नियुक्त करने, मुख्यालय में कार्यालय और स्टैंडिंग कमेटी जैसी प्रमुख समितियों में प्रतिनिधित्व का हकदार हो गई है। चुनाव में कुल 227 वार्डों में मतगणना 16 जनवरी 2026 को हुई, और AIMIM ने मुस्लिम बहुल इलाकों में मजबूत प्रदर्शन किया।

AIMIM ने महाराष्ट्र के 29 में से 13 नगर निगमों में 95 उम्मीदवारों को जीत दिलाई है, जो पार्टी का राज्य में अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने कुल 95 से 126 सीटों तक का आंकड़ा दर्ज किया, जिसमें छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़-वाघाला में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 8, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट शामिल हैं। यह सफलता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मुस्लिम बहुल शहरी इलाकों में उसकी पकड़ मजबूत हुई है। मुंबई में गोवंडी-मानखुर्द जैसे क्षेत्रों में क्लीन स्वीप ने पार्टी की रणनीति की सफलता दिखाई। राज्य स्तर पर AIMIM ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई। चुनाव आयोग के आंकड़ों से पार्टी की बढ़ती उपस्थिति स्पष्ट हुई है। AIMIM ने स्थानीय मुद्दों जैसे बुनियादी ढांचा, पानी और सफाई पर फोकस किया।

पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में कई रैलियां और मीटिंग्स कीं, जो चुनाव अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं। जनवरी के पहले सप्ताह में गोवंडी-मानखुर्द क्षेत्र में दो रैलियां की गईं, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय मुस्लिम निवासी शामिल हुए। इन रैलियों ने क्षेत्र में पार्टी के समर्थन को बढ़ावा दिया। ओवैसी ने नागपुर और अन्य शहरों में भी सार्वजनिक सभाएं कीं, जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों का समर्थन किया। इन अभियानों ने बूथ वर्कर्स और स्थानीय समर्थकों को प्रेरित किया। पार्टी ने मुस्लिम समुदाय को अपनी राजनीतिक एजेंसी विकसित करने का संदेश दिया। इन मीटिंग्स से AIMIM की संगठनात्मक क्षमता बढ़ी और मतदाताओं तक पहुंच मजबूत हुई। चुनाव परिणामों में इन प्रयासों का असर दिखा।

मानखुर्द-गोवंडी क्षेत्र में AIMIM की जीत अबू आज़मी के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है, क्योंकि यह उनका गढ़ रहा है। अबू आज़मी समाजवादी पार्टी से चार बार विधायक चुने गए हैं। AIMIM ने यहां सात वार्डों पर कब्जा जमाकर क्षेत्रीय समीकरण बदले। हालांकि, कुछ वार्डों जैसे 135 में भाजपा के नवीनाथ बन ने जीत दर्ज की। AIMIM की सफलता ने मुस्लिम बहुल वार्डों में वोटों का विखंडन दिखाया। पार्टी ने 2017 के दो सीटों से 8 सीटों तक पहुंचकर अपनी स्थिति मजबूत की। यह बदलाव मुंबई की राजनीति में नई परत जोड़ता है।

AIMIM की राज्यव्यापी सफलता ने मुस्लिम बहुल पॉकेट्स में वोटों का समेकन दिखाया है। छत्रपति संभाजिनगर में 33 सीटों से पार्टी दूसरी सबसे बड़ी बनी। मालेगांव और अमरावती में भी मजबूत प्रदर्शन रहा। पार्टी ने आंतरिक असहमति और टिकट वितरण विवादों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया। चुनाव में कुल 2,869 वार्डों में से कई में AIMIM ने प्रभाव डाला। यह प्रदर्शन पार्टी की भविष्य की योजनाओं के लिए आधार प्रदान करता है। AIMIM ने मुंबई में अपनी पहली सीट वार्ड 134 से जीती, जहां मेहजबीन खान ने सफलता हासिल की। पार्टी ने गोवंडी-मानखुर्द में क्लीन स्वीप से अपनी पहुंच बढ़ाई। राज्य में 13 नगर निगमों में 95 सीटें पार्टी की बढ़ती ताकत दर्शाती हैं। ओवैसी की रैलियों ने अभियान को मजबूती दी।

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