दक्षिण अफ्रीका के हाथों घरेलू टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश के बाद गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग पर उठे सवाल, BCCI में विकल्प तलाशने की चर्चा तेज
दक्षिण अफ्रीका सीरीज में भारत की हार ने स्थिति और गंभीर बना दी। पहले टेस्ट में टीम ने संघर्ष किया, लेकिन दूसरे टेस्ट में 408 रनों से मिली करारी हार भारतीय टेस्ट इतिहास की
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-2 से हार के बाद भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हार ने टीम इंडिया को घरेलू मैदान पर लगातार दूसरी टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश का सामना कराया, जिससे BCCI के भीतर गंभीर के भविष्य को लेकर मंथन तेज हो गया है। गंभीर ने जुलाई 2024 में राहुल द्रविड़ की जगह मुख्य कोच का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में टीम ने आईसीसी और एसीसी ट्रॉफी जीती हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर के नेतृत्व में भारत ने एसईएनए (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों के खिलाफ 10 टेस्ट मैच हारे हैं।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज में भारत की हार ने स्थिति और गंभीर बना दी। पहले टेस्ट में टीम ने संघर्ष किया, लेकिन दूसरे टेस्ट में 408 रनों से मिली करारी हार भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी रनों से हार बनी। यह घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के हाथों 0-3 से हार के बाद लगातार दूसरी व्हाइटवॉश थी। BCCI के भीतर इस हार के तुरंत बाद चर्चा हुई कि क्या गौतम गंभीर टेस्ट टीम के लिए सही व्यक्ति हैं। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के एक प्रभावशाली सदस्य ने पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण से अनौपचारिक रूप से संपर्क किया और पूछा कि क्या वे रेड-बॉल टीम की कोचिंग करने में रुचि रखते हैं। लक्ष्मण ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, क्योंकि वे वर्तमान में बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 'हेड ऑफ क्रिकेट' की भूमिका से संतुष्ट हैं और सीनियर टेस्ट टीम की कोचिंग में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे।
यह संपर्क दर्शाता है कि बोर्ड में गंभीर को टेस्ट टीम की कमान सौंपने पर अभी भी सहमति नहीं बनी है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र में भारत के पास अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं, और बोर्ड यह तय करने में असमंजस में है कि क्या गंभीर को इन मैचों के लिए जारी रखा जाए। भारत वर्तमान में इस चक्र में छठे स्थान पर है। गंभीर का अनुबंध 2027 वनडे विश्व कप तक है, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह अनुबंध टी20 विश्व कप 2026 में भारत के प्रदर्शन के आधार पर समीक्षा के अधीन हो सकता है। यदि भारत टाइटल रिटेन करता है या फाइनल तक पहुंचता है, तो गंभीर का समर्थन मजबूत हो सकता है। अन्यथा, कोचिंग ढांचे में बदलाव की संभावना बढ़ सकती है।
टीम के भीतर माहौल भी पहले जैसा स्थिर नहीं रहा है। कई खिलाड़ियों को अपनी जगह को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है। राहुल द्रविड़ के दौर में खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय मिलता था, लेकिन वर्तमान स्थिति अलग है। शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को टी20 विश्व कप स्क्वॉड से बाहर करना गंभीर के फैसले से जुड़ा माना गया, जिससे टीम में असुरक्षा बढ़ी। BCCI आमतौर पर नीतिगत फैसले लेने में समय लेता है। टी20 विश्व कप के बाद आईपीएल का दो महीने का दौर होगा, जिस दौरान प्रदर्शन का विश्लेषण कर फॉर्मेट-विशिष्ट कोचिंग या एक ही कोच सभी फॉर्मेट में रखने का फैसला हो सकता है। गंभीर के टेस्ट रिकॉर्ड में 19 मैचों में 7 जीत, 10 हार और 2 ड्रॉ शामिल हैं। घरेलू मैदान पर दो व्हाइटवॉश ने उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। हालांकि, गंभीर के मजबूत समर्थक बोर्ड में मौजूद हैं, और कोई तत्काल निर्णय नहीं लिया गया है। आने वाला टी20 विश्व कप और उसके बाद का समय BCCI के लिए निर्णायक रहेगा, क्योंकि इसी आधार पर कोचिंग ढांचे पर बड़ा फैसला संभव है।
What's Your Reaction?