धनिया की जैविक खेती से कम समय में अच्छी कमाई का आसान तरीका, एक एकड़ में सही तरीके से खेती से एक लाख रुपये तक संभव कमाई।
धनिया की खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प है जहां अक्टूबर से जनवरी तक बुवाई की जा सकती है और करीब तीन महीने में फसल तैयार
धनिया की खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प है जहां अक्टूबर से जनवरी तक बुवाई की जा सकती है और करीब तीन महीने में फसल तैयार हो जाती है। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार यदि किसान एक एकड़ में सही तरीके से खेती करें तो एक लाख रुपये तक की कमाई संभव हो जाती है। यह फसल मुख्य रूप से हरी पत्तियों और सूखे दानों के लिए उगाई जाती है। धनिया की खेती रबी सीजन में की जाती है और ठंडे मौसम में अच्छी उपज मिलती है। बुवाई का समय अक्टूबर मध्य से जनवरी तक उपयुक्त माना जाता है। फसल की तैयार होने की अवधि लगभग 90 दिनों की होती है जिसमें हरी पत्तियां पहले कटाई के लिए उपलब्ध हो जाती हैं। जैविक खेती में वर्मी कंपोस्ट और गोबर खाद का उपयोग किया जाता है। एक एकड़ में उपयुक्त बीज दर और देखभाल से अच्छी पैदावार मिलती है। कई किसान हाइब्रिड वैरायटी का उपयोग करते हैं जो तेजी से तैयार होती हैं। कम समय में कमाई के लिए यह फसल लोकप्रिय है।
धनिया की बुवाई अक्टूबर से जनवरी के बीच की जाती है और फसल तीन महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है। किसान भाई एक एकड़ में यदि सही तरीके से प्रबंधन करें तो एक लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। खेती में जैविक तरीके अपनाने से उपज बेहतर रहती है। खेत की तैयारी में रोटावेटर से मिट्टी भुरभुरा बनाई जाती है। वर्मी कंपोस्ट 3 से 4 क्विंटल प्रति एकड़ डाला जा सकता है। बीज दर सिंचित क्षेत्र में 4.5 किलोग्राम और वर्षा आधारित में 8 किलोग्राम प्रति एकड़ रखी जाती है। हाइब्रिड वैरायटी जैसे RK सीड्स या नामधारी का उपयोग किया जाता है। सिंचाई पहली बुवाई के बाद 10 दिनों में और फिर 15-20 दिनों के अंतराल पर की जाती है। खरपतवार नियंत्रण के लिए 2-3 बार निराई आवश्यक है। फसल की कटाई हरी पत्तियों के लिए 40-50 दिनों में शुरू हो सकती है।
एक एकड़ में धनिया की खेती से एक लाख रुपये तक कमाई संभव है यदि सही तरीके अपनाए जाएं। बुवाई अक्टूबर से जनवरी तक की जा सकती है और फसल तीन महीने में तैयार होती है। जैविक खेती में गोबर खाद और जैविक उर्वरक का प्रयोग किया जाता है। खेत को 2-3 बार जोतकर समतल किया जाता है। बीज दर का ध्यान रखना जरूरी है। हरी धनिया की डिमांड साल भर रहती है। उपज अच्छी होने पर बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। कई क्षेत्रों में किसान इस फसल से नियमित कमाई कर रहे हैं। खेती कम लागत में शुरू की जा सकती है।
धनिया की खेती में अक्टूबर से जनवरी बुवाई का समय है और तीन महीने में फसल तैयार हो जाती है। एक एकड़ में सही प्रबंधन से एक लाख रुपये की कमाई हो सकती है। जैविक तरीके से खाद डालकर उपज बढ़ाई जाती है। खेत तैयार करने में जुताई और रोटावेटर का उपयोग होता है। बीजों को सही दर से बोया जाता है। सिंचाई नियमित रखी जाती है। कटाई के बाद बाजार में बिक्री से लाभ मिलता है। बिलासपुर और अन्य क्षेत्रों में किसान धनिया की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। अक्टूबर से जनवरी बुवाई कर तीन महीने में फसल तैयार होती है। एक एकड़ में एक लाख तक कमाई संभव है। जैविक खेती अपनाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। खेत की तैयारी और बीज दर महत्वपूर्ण हैं।
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